UP में चुपके-चुपके कांग्रेस को मजबूत कर रही हैं प्रियंका गांधी, मास कनेक्ट पर फोकस

कांग्रेस पार्टी संगठन में छंटनी और जवाबदेही तय करना प्रियंका गांधी का पहला एजेंडा बन गया है.
कांग्रेस पार्टी संगठन में छंटनी और जवाबदेही तय करना प्रियंका गांधी का पहला एजेंडा बन गया है.

उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Elections 2022) में कांग्रेस पार्टी (Congress) को फिर से मजबूती से खड़ा करने के लिए प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi Vadra) बिना थके काम कर रही हैं. प्रियंका गांधी और उनकी टीम की रणनीति को उनके 'मास कनेक्ट' कार्यक्रम से जोड़ा जा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 28, 2020, 1:46 PM IST
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नई दिल्ली. भारत के सबसे बड़े राजनीतिक राज्य उत्तर प्रदेश में कांग्रेस (Congress) पार्टी मीडिया में सुर्खियों के बिना बदलाव से गुजर रही है. 2019 के लोकसभा चुनावों (Loksabha Elections 2019) में हिली हुई जड़ें अब विधानसभा चुनाव के लिए जमती हुई नजर आ रही हैं. इस प्रक्रिया के पीछे कोई एजेंट नहीं बल्कि खुद पार्टी महासचिव और प्रभारी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi Vadra) हैं. प्रियंका गांधी को यूपी के कांग्रेस कार्यकर्ता 'दीदी' के नाम से बुलाते हैं.

प्रियंका काफी हद तक अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तरह दिखती हैं, लेकिन राजनीतिक कार्यशैली में वह अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तरह नजर आती हैं. पिता की तरह प्रियंका ने भी आम कांग्रेसी लोगों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए. 2019 में पार्टी की हार के बाद प्रियंका गांधी यूपी के पांच हजार पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाक़ात कर चुकी हैं. कैंडिडेट्स और सीनियर नेताओं से मिलने के अलावा वह हर जिले की कार्यकारिणी के कम से कम दस सदस्यों से मुलाक़ात कर चुकी हैं. उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को फिर से मजबूती से खड़ा करने के लिए प्रियंका गांधी बिना थके काम कर रही हैं.

क्या है प्रियंका का मकसद?

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