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यूपी विधानसभा चुनावः क्या प्रियंका गांधी ने लखनऊ पहुंचने में बहुत देर कर दी?

यूपी विधानसभा चुनावः क्या प्रियंका गांधी ने लखनऊ पहुंचने में बहुत देर कर दी?

लोकसभा चुनाव में दुर्गति के बावजूद प्रियंका गांधी ने लखनऊ में डेरा नहीं डाला, बल्कि मेहमान की तरह सूबे का दौरा करती रहीं. (फाइल फोटो)

लोकसभा चुनाव में दुर्गति के बावजूद प्रियंका गांधी ने लखनऊ में डेरा नहीं डाला, बल्कि मेहमान की तरह सूबे का दौरा करती रहीं. (फाइल फोटो)

Priyanka Gandhi Lucknow Visit: ये प्रशांत किशोर ही थे, जिन्होंने बतौर चुनाव रणनीतिकार 2017 के चुनाव में प्रियंका गांधी को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित करने का प्रस्ताव रखा था.

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) में अब सिर्फ 6 महीने का वक्त बचा है और तकरीबन डेढ़ साल बाद प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) 16 जुलाई को लखनऊ पहुंच रही हैं, जहां वह कांग्रेस पार्टी (Congress) के चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगी. कांग्रेस की नजरें यूपी में अपने जनाधार को एक बार फिर से खड़ा करने पर हैं. लेकिन, प्रियंका का ये दौरा तकरीबन डेढ़ साल बाद होने जा रहा है, तो क्या प्रियंका गांधी का मामला, बहुत देर कर दी मेहरबां आते आते... वाला है.

शायद प्रशांत किशोर को इस बारे में बेहतर पता होगा, चुनावी रणनीतिकार ने मंगलवार को दिल्ली में राहुल गांधी से लंबी मुलाकात की. ये प्रशांत किशोर ही थे, जिन्होंने बतौर चुनाव रणनीतिकार 2017 के चुनाव में प्रियंका गांधी को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित करने का प्रस्ताव रखा था. कांग्रेस ने 2017 में प्रशांत किशोर की चाल पर दांव नहीं खेला और प्रियंका गांधी को बैकरूम में रखा गया. बाद में कांग्रेस ने शीला दीक्षित को यूपी में मुख्यमंत्री का चेहरा प्रोजेक्ट किया और फिर समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन होने के बाद शीला दीक्षित को बीच अभियान हटा दिया गया.

2019 में हुई कांग्रेस की दुर्गति
उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी की औपचारिक लॉन्चिंग 2019 के लोकसभा चुनावों से ठीक पहले हुई, जब लखनऊ में एक मेगा रोड शो किया गया और लखनऊ स्थित कांग्रेस ऑफिस में राहुल गांधी ने उपस्थित समर्थकों से कहा कि 2019 के चुनाव में पार्टी को यूपी से बड़ी उम्मीदें हैं, लेकिन असली निशाना 2022 का यूपी विधानसभा का चुनाव है. जैसा कि संभावित था. 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को यूपी में मुंह की खानी पड़ी और सबसे करारा झटका अमेठी में लगा, जहां स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को करारी मात दे दी. प्रियंका गांधी ने चुनाव नहीं लड़ा और रायबरेली सीट से सिर्फ सोनिया गांधी जीत हासिल करने में सफल रहीं.

आखिरी बार मार्च में यूपी पहुंचीं थीं प्रियंका
लोकसभा चुनाव में दुर्गति के बावजूद प्रियंका गांधी ने लखनऊ में डेरा नहीं डाला, बल्कि मेहमान की तरह सूबे का दौरा करती रहीं. दो साल पहले आदिवासियों की हत्या के बाद उन्होंने सोनभद्र का दौरा किया, और फिर 2019 में लखनऊ में उनका आखिरी दौरा हुआ. इस दौरे पर प्रियंका गांधी ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में घायल हुए समर्थकों के साथ मुलाकात की थी, बाद में हाथरस हत्याकांड में प्रियंका गांधी पीड़ित परिवारों से मिलने गईं. इसी साल फरवरी और मार्च में प्रियंका गांधी ने पश्चिमी यूपी में किसान महापंचायतों को संबोधित किया. 2021 के फरवरी महीने में 11 तारीख को उन्होंने संगम में भी डुबकी लगाई और 16 जुलाई को वो लखनऊ पहुंच रही हैं. 7 मार्च को यूपी का दौरा करने के चार महीने बाद प्रियंका का ये दौरा तय हुआ है.

'प्रियंका के दौरे को कोई भाव नहीं'
लखनऊ के राजनीतिक गलियारों में प्रियंका गांधी के दौरे को कोई भी पार्टी महत्व देने को तैयार नहीं है. बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने न्यूज18 से कहा कि प्रियंका गांधी ने अपने दौरे को तीसरी बार री-शेड्यूल किया है. एक साल पहले कांग्रेस पार्टी में हलचल मची हुई थी कि प्रियंका गांधी विधानसभा चुनाव के लिए लखनऊ शिफ्ट हो सकती हैं. उनके लिए लखनऊ में कांग्रेस के एक पूर्व नेता का मकान तैयार किया जा रहा है, जिसमें वो ठहरेंगी. लेकिन, कोरोना महामारी के चलते ऐसा नहीं हो पाया.

'प्रियंका क्या करेगी? कोई संकेत नहीं'
प्रियंका गांधी का ये दौरा उस समय हो रहा है, जब सूबे में पार्टी कई चुनौतियों का सामना कर रही है. हाल ही में जिला पंचायत प्रमुख और ब्लॉक अध्यक्ष के चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन दयनीय रहा है. यहां तक कि रायबरेली में भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है. कांग्रेस कार्यकर्ता प्रियंका गांधी को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर प्रोजेक्ट करते रहे हैं, लेकिन प्रियंका ने खुद कभी इस बारे में कोई घोषणा नहीं की.

इतना ही नहीं प्रियंका गांधी ने कभी भी इस बात का संकेत नहीं दिया है कि वो यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार होंगी और बतौर विधायक चुनाव लड़कर कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाएंगी. बहुत सारे राजनीतिक विश्लेषक इस बारे में दांव लगाते हैं, लेकिन ऐसा होता दिख नहीं रहा है.

अंत में यही कहा जा सकता है कि प्रियंका गांधी ने लखनऊ पहुंचने में बहुत देर कर दी है.undefined

Tags: Congress, Prashant Kishor, Priyanka gandhi, Rahul gandhi, UP Assembly Election 2021, UP Election 2021, उत्तर प्रदेश

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