ऑपरेशन ब्लू स्टार की वर्षगांठ पर खालिस्तान समर्थकों ने की स्वर्ण मंदिर में नारेबाजी

अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर की फाइल फोटो (फोटो- PTI)
अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर की फाइल फोटो (फोटो- PTI)

पूर्व सांसद सिमरजीत सिंह मान (Simranjit Singh Mann) के बेटे ईमान सिंह मान के नेतृत्व में करीब 100 कार्यकर्ताओं ने ये नारे लगाए. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के कारण लगाए गए प्रतिबंधों (restrictions) के चलते तीर्थस्थल (Shrine) पर 1000 से ज्यादा लोग जमा नहीं हुये.

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अमृतसर. स्वर्ण मंदिर परिसर (Golden Temple Complex) में ऑपरेशन ब्लू स्टार (Operation Blue Star) की 36वीं वर्षगांठ (Anniversary) पर शनिवार को सिख कट्टरपंथियों (Sikh hardliners) ने खालिस्तान (Khalistan) के समर्थन में नारेबाजी की. शिरोमणि अकाली दल-अमृतसर (SAD) के अध्यक्ष और पूर्व सांसद सिमरजीत सिंह मान (Simranjit Singh Mann) के बेटे ईमान सिंह मान के नेतृत्व में करीब 100 कार्यकर्ताओं ने ये नारे लगाए.

ऑपरेशन ब्लू स्टार में 1984 में मारे गये आतंकियों के परिवारों को किया गया सम्मानित
मान के नेतृत्व वाले एक समूह के नेतृत्व में अकाल तख्त के समानांतर जत्थेदार ध्यान सिंह मंड ने स्वर्ण मंदिर में प्रवेश कर सभा को संबोधित किया. सिख कट्टरपंथी समूह दमदमी टकसाल के सदस्यों ने अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रंबधक कमेटी (SGPC) के अधिकारियों के साथ मिलकर 1984 में भारी हथियारों से लैस आतंकियों के खिलाफ चलाये गये ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान मारे गये लोगों के परिवारों का सम्मान किया.

पुलिस ने समूह के इरादे को देख प्रवेश द्वार पर की थी भारी बैरिकेडिंग
इन परिवारों के सम्मान का मुख्य कार्यक्रम अकाल तख्त ने आयोजित किया था. इकट्ठा हुये लोगों को संबोधित करते हुये ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि सिख समुदाय ऑपरेशन ब्लू स्टार के अभी तक नहीं भरे घावों को याद रखेगा.



पुलिस को स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वार पर भारी बैरिकेडिंग करनी पड़ी. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के चलते प्रवेश पर प्रतिबंध के चलते धार्मिक स्थल पर 1000 से ज्यादा लोग नहीं इकट्ठा हो सके. आमतौर पर हर दिन 1 लाख से ज्यादा लोग तीर्थस्थल पर दर्शन करने आते हैं.

पहले हुई समूह और पुलिस बल में झड़प, मान के पैर में आई चोट
दिन की शुरुआत में पुलिस बल (Police force) और मान के नेतृत्व वाले दल में तब झड़प भी हुई, जब उन्हें प्रवेश दिये जाने से मना किया गया. इस दौरान मान के पैर में चोट भी आई.

जिसके कुछ देर बाद, समूह को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उनके हस्तक्षेप से प्रवेश दिया गया.

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