विधानसभा चुनावः तेलंगाना में त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना

राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) रजत कुमार ने कहा कि मतदान सुबह सात बजे शुरू होगा और शाम पांच बजे संपन्न होगा.

भाषा
Updated: December 6, 2018, 8:26 PM IST
विधानसभा चुनावः तेलंगाना में त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना
प्रतीकात्मक तस्वीर
भाषा
Updated: December 6, 2018, 8:26 PM IST
तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए प्रतिद्वंद्वी पार्टियों के धुआंधार चुनाव प्रचार के बाद कुल 119 सीटों पर शुक्रवार को वोट डाले जाएंगे. राज्य में सत्तारूढ़ टीआरएस, कांग्रेस नीत गठबंधन और भाजपा में त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है. तेलंगाना में पहली बार मतदाता सत्यापन पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) का उपयोग किया जा रहा है.

राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) रजत कुमार ने कहा कि मतदान सुबह सात बजे शुरू होगा और शाम पांच बजे संपन्न होगा. जबकि वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के रूप में चिन्हित की गयी 13 सीटों पर मतदान शाम चार बजे तक ही होगा.' कुमार ने बताया कि चुनाव में किसी भी गड़बड़ी से निपटने के लिए करीब 446 उड़न दस्ते मुस्तैद रहेंगे.

वहीं, 448 निगरानी टीमें हालात पर नजर रखेंगी. साथ ही, 224 वीडियो निगरानी टीमें भी बनाई गई हैं. राज्य विधानसभा चुनाव को सुगम बनाने के लिए डेढ़ लाख से अधिक मतदान अधिकारी चुनाव तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं. राज्य में कुल 2.80 करोड़ मतदाता विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. इस चुनाव के लिए कुल 32,815 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. चुनाव प्रचार बुधवार शाम पांच बजे संपन्न हो गया.

अतिरिक्त महानिदेशक (कानून व्यवस्था) जितेंद्र ने गुरुवार को बताया कि 25,000 केंद्रीय सुरक्षा बलों और अन्य राज्यों के 20,000 बलों सहित करीब एक लाख पुलिसकर्मी चुनाव ड्यूटी में लगाए गए हैं. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि वामपंथी उग्रवाद प्रभावित सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई.

तेलंगाना विधानसभा चुनाव मूल रूप से अगले साल लोकसभा चुनाव के साथ-साथ होना था लेकिन राज्य कैबिनेट की सिफारिश के मुताबिक छह सितंबर को विधानसभा भंग कर दी गई थी. मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने समय से पहले चुनाव कराने का विकल्प चुन कर एक बड़ा दाव चला था. सत्तारूढ़ टीआरएस को कड़ी चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने तेदेपा, तेलंगाना जन समिति और भाकपा के साथ एक गठबंधन बनाया है. टीआरएस और भाजपा ने यह चुनाव अपने-अपने दम पर लड़ने का फैसला किया है.

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राव अपनी पार्टी की ओर से स्टार प्रचारक थे जबकि कांग्रेस और भाजपा ने अपने-अपने कद्दावर नेताओं को चुनाव प्रचार के लिए उतारा. कांग्रेस के लिए संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं ने चुनाव रैलियों के संबोधित किया. जबकि भाजपा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं पार्टी अध्यक्ष अमित शाह सहित अन्य नेताओं ने चुनाव प्रचार किया.
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राहुल ने तेदेपा प्रमुख एवं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के साथ एक संयुक्त सभा को भी संबोधित किया था. राव ने 100 सीटों पर जीत हासिल करने का दावा किया है. वहीं, राहुल ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस नीत गठबंधन अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है.

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हालांकि, पिछला चुनाव (2014) तेदेपा के साथ गठजोड़ कर लड़ने वाली भाजपा ने कहा कि उसने इस बार मुकाबले को त्रिकोणीय कर दिया है. चुनाव मैदान में एक ट्रांसजेंडर सहित कुल 1,821 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. 11 दिसंबर को चुनाव का काउंटिंग होगी.
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