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पंजाब में 10 अप्रैल से शुरू होगी गेंहू की खरीद, 1975 रुपये तय किया गया MSP

यह खरीद प्रक्रिया 31 मई 2021 तक जारी रहेगी.

यह खरीद प्रक्रिया 31 मई 2021 तक जारी रहेगी.

Punjab Latest news in Hindi: पंजाब मंडी बोर्ड (Punjab Mandi Board) द्वारा राज्य की मंडियों में टोकन सिस्टम लागू किया गया है जिससे किसानों द्वारा मंडियों में योजनाबद्ध तरीके से गेहूं लाया जा सके.

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चंडीगढ़. पंजाब राज्य में 10 अप्रैल से गेहूं (wheat) की खरीद शुरू हो जाएगी. कोविड-19 (Covid-19) की महामारी के मद्देनजर किसानों के स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए खरीद केंद्रों  (Procurement centers) की संख्या 1872 से बढ़ाकर 4000 की गई है. यह खरीद भारत सरकार द्वारा गेहूं की खरीद के निश्चित किये गए न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum support price MSP) 1975 रुपये के हिसाब से समूह खरीद एजेंसियों सहित एफ.सी.आई. द्वारा की जाएगी.

यह खरीद प्रक्रिया 31 मई 2021 तक जारी रहेगी. सीजन के दौरान सरकार द्वारा गेहूं की बोली का समय सुबह 10 बजे से 6 बजे तक का निर्धारित किया गया है. पंजाब मंडी बोर्ड (Punjab Mandi Board) द्वारा राज्य की मंडियों में टोकन सिस्टम लागू किया गया है जिससे किसानों द्वारा मंडियों में योजनाबद्ध तरीके से गेहूं लाया जा सके.

मंडियों में 130 लाख मी.टन गेहूं आने की संभावना
पंजाब के खाद्य एवं सिविल सप्लाई मंत्री भारत भूषण आशु (Food and Civil Supplies Minister Bharat Bhushan Ashu) ने कहा है कि राज्य के कृषि और किसान कल्याण विभाग पंजाब द्वारा राज्य की मंडियों में 130 लाख मी. टन गेहूं आने की संभावना है. राज्य सरकार द्वारा समस्त डिप्टी कमिश्नर, पंजाब राज्य को राज्य की मंडियों में गेहूं की खरीद के समूचे प्रबंध करने और सरकार द्वारा निश्चित समय के दौरान गेहूं की कटाई के लिए हिदायतें जारी करने के लिए निर्देश जारी किये गए हैं.



केंद्रों में 24 घंटे बिजली सप्लाई
चेयरमैन बिजली बोर्ड पंजाब (Chairman Electricity Board Punjab) को राज्य के घोषित किये गए 1872 खरीद केंद्रों और अतिरिक्त अलॉट किये गए राइस मिल-कम-मंडी यार्ड में 24 घंटे बिजली की सप्लाई जारी रखने के निर्देश भी दिए गए है. डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस पंजाब को इन खरीद केंद्रों में सीजन के दौरान सुरक्षा प्रबंध करने के लिए लिखा जा चुका है.

जिससे खरीद कार्य को सुचारू ढंग के साथ चलाया जा सके. किसानों की सुविधा के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम और मंडी के अनुसार शिकायत निवारण समितियां बनाई गई हैं जिनके द्वारा प्राप्त हुई शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया जाएगा.
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