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पहले भी कई मंत्रालय संभाल चुका है मोदी कैबिनेट का ये चेहरा

News18Hindi
Updated: May 30, 2019, 11:16 PM IST
पहले भी कई मंत्रालय संभाल चुका है मोदी कैबिनेट का ये चेहरा
संतोष गंगवार. फाइल फोटो.

मोदी सरकार 2.0 ने गुरुवार शाम शपथ ग्रहण की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत उनके मंत्रिमंडल को राष्ट्रपति ने पद व गोपनीयता की शपथ दिलवाई, जिसमें पहले भी मंत्री पद संभाल चुके संतोष गंगवार भी शामिल थे.

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संतोष गंगवार ने मोदी सरकार 2.0 में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के पद की शपथ ग्रहण की. इससे पहले नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और फिर उनके कैबिनेट सदस्यों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शपथ दिलवाई. शपथ ग्रहण समारोह में बरेली से सांसद और पूर्व कैबिनेट मंत्री संतोष गंगवार ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली. मोदी सरकार में गंगवार को दोबारा मौका मिला है और इससे पहले भी गंगवार मंत्री रह चुके हैं.

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लोकसभा चुनाव 2014 के बाद संतोष गंगवार को मोदी सरकार में वित्त राज्य मंत्री का प्रभार दिया गया था. इसके बाद मंत्री परिषद में जब फेरबदल हुआ था तब उन्हें कपड़ा राज्य मंत्री का पद सौंपा गया था. ताज़ा खबरों के मुताबिक गंगवार के प्रोटेम स्पीकर पद पर नियुक्ति को लेकर चर्चा चल रही थी, लेकिन इस तरह की खबरों को खुद गंगवार ने ही नकार दिया.

ऐसा रहा गंगवार का सियासी सफर

संतोष गंगवार पिछली यानी 16वीं लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री और कपड़ा राज्य मंत्री का पद संभाल चुके हैं. इससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी के समय में एनडीए सरकार में भी गंगवार मंत्री थे और तब उन्हें पेट्रोलियम राज्यमंत्री का ज़िम्मा मिला था. इसके अलावा, वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में ही उन्हें संसदीय कार्य राज्य मंत्री का भी पदभार मिल चुका था.

साथ ही, गंगवार विज्ञान एवं तकनीक राज्यमंत्री के पद पर भी रह चुके हैं. चुनावी राजनीति में गंगवार के बड़े सफर की शुरूआत 1981 में हुई थी जब उन्होंने भाजपा के टिकट पर बरेली से चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे. 1984 में आम चुनाव में भी उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था. इसके बाद उनकी जीत का सिलसिला शुरू हुआ. उत्तर प्रदेश के बरेली से 1989 से गंगवार ने लगातार छह चुनावों में जीत दर्ज की थी. फिर 2009 में उन्हें कांग्रेस के प्रवीण सिंह ऐरन ने लोकसभा चुनाव में शिकस्त दी थी. इसके बाद फिर गंगवार ने जीत दर्ज की.

छात्र राजनीति, जेल के चक्कर और एक विवाद1 नवम्बर 1948 को उत्तर प्रदेश के बरेली में जन्मे संतोष गंगवार की उच्च शिक्षा आगरा विश्वविद्यालय और रुहेलखंड विश्वविद्यालय से हुई. उन्होंने बीएससी और एलएलबी की डिग्री हासिल की. उच्च शिक्षा के दौरान ही वह छात्र राजनीति से जुड़ गए थे. इंदिरा गांधी ने जब इमरजेंसी लगाई थी, तब विरोध प्रदर्शन करने वालों में शामिल गंगवार को जेल के चक्कर भी काटने पड़े.

राजनीतिक सफर की शुरूआत के बाद गंगवार उत्तर प्रदेश की भाजपा वर्किंग कमेटी के सदस्य रहे और 1996 में भाजपा की उप्र इकाई के महासचिव नियुक्त किए गए थे. गौरतलब है कि अप्रैल 2018 में गंगवार अपने एक बयान के कारण विवादों में आए थे जिसमें उन्होंने कहा था कि 'इतने बड़े देश में बलात्कार को लेकर किसी को ज़्यादा बवाल नहीं करना चाहिए'. उनका यह बयान ऐसी दो घटनाओं से जुड़ा था, जहां नाबालिगों के साथ दुष्कर्म के मामलों में भाजपा कार्यकर्ताओं के नाम आए थे.

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First published: May 30, 2019, 11:05 PM IST
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