हसनम्बा के बंद मंदिर में साल भर जलती है दीप की लौ, ताजा रहता है प्रसाद

हर साल कुछ ही दिनों के लिए खुलता है मंदिर, एचडी देवेगौड़ा के संसदीय क्षेत्र के इस मंदिर के चमत्कार को दी जा रही है चुनौती, श्रद्धालु कह रहे हैं क्रिश्चियन मिशनरीज की साजिश

News18Hindi
Updated: October 11, 2018, 8:41 PM IST
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Updated: October 11, 2018, 8:41 PM IST
शरत शर्मा कलगारु

कुछ प्रगतिवादी विचारक चाह रहे हैं कि कर्नाटक के हसनम्बा मंदिर के चमत्कारों को साबित किया जाय. सामाजिक जागरुकता अभियान के तहत इन लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सच को सामने लाया जाय.

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इन समाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से कहा है कि अगर उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे लोग हाई कोर्ट जाएंगे. ये कर्नाटक के मंदिर पुराने मैसूर स्थित हसन जिले में है, जो पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस सुप्रीमो एचडी देवेगौड़ा का संसदीय क्षेत्र है.

माना जाता है कि हसनम्बा मंदिर चमत्कारों की जगह है. कहा जाता है कि यहां जो दीप जलाए जाते हैं वो साल भर जलते रहते हैं और देवी को जो प्रसाद चढ़ाया  जाता है वो अगले साल तक ताजा रहता है. मंदिर जनता के लिए साल में कुछ ही दिन खोला जाता है.

दलित संघर्ष समिति के नेता और सीपीएम के साथ नॉलेज कमेटी के सदस्य रहस्य से पर्दा उठाने का फैसला लिया है. इसी के लिए इन लोगों ने जिला प्रशासन से भी सहयोग मांगा है. कमेटी के सदस्य के मुताबिक–“मंदिर समिति लोगों के भोलेपन का फायदा उठा रही है. हम सच को सामने लाने की मांग कर रहे हैं.”

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मान्यताएं क्या हैं ?

साल भर में मंदिर को एक बार ही जनता के लिए खोला जाता है. बाकी समय मंदिर बंद रहता है. एक बार जब पट खोले जाते हैं तो दिए जलते रहते हैं और पिछले साल चढ़ाया गया प्रसाद ताजा रहता है. अब प्रगतिवादी चाह रहे हैं कि इसके पीछे के रहस्य को सबके सामने लाया जाय.

श्रद्धालुओं में गुस्सा

हसनम्बा के श्रद्धालुओं की तरफ से अभियान चलाने वाले नेताओं पर तरह तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं. श्रद्धालु प्रगतिगामियों के इस अभियान को हिंदू विरोधी दुष्प्रचार करार दे रहे हैं. उनके मुताबिक इस अभियान को चलाने वाले मंदिर को बदनाम करने में लगे हुए हैं. कुछ का ये भी आरोप है-“मंदिर के विरुद्ध अभियान चलाने वालों को क्रिश्चियन मिशनरिज की ओर से धन दिया जा रहा है.” फिर भी सच को सामने लाने वाले अपने अभियान पर डटे हुए हैं और जिला प्रशासन पर लगातार दबाव बना रहे हैं.
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