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SPG बिल पर लोकसभा में अमित शाह बोले- राहुल गांधी ने 2,137 बार सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया

News18Hindi
Updated: November 27, 2019, 10:23 PM IST
SPG बिल पर लोकसभा में अमित शाह बोले- राहुल गांधी ने 2,137 बार सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया
लोकसभा में बुधवार को एसपीजी अधिनियम संशोधन विधेयक पेश किया

अमित शाह ने कहा कि मैं कांग्रेस नेता मनीष तिवारी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि सुरक्षाकर्मी कम नहीं किए गए हैं बल्कि बढ़ाए गए हैं. उन्होंने कहा कि सिर्फ गांधी परिवार ही नहीं बल्कि पूरे देश के एक-एक नागरिक की सुरक्षा की जिम्मेदारी इस देश की सरकार की है.

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  • Last Updated: November 27, 2019, 10:23 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने एसपीजी अधिनियम संशोधन विधेयक (SPG Act Amendment Bill) पर जवाब देते हुए कहा कि मैं इस सदन में बिल लेकर आया था लेकिन विपक्षी पार्टियों ने सदन में इसे बदले की राजनीति कहकर सदन को ही रोक दिया. अमित शाह ने का कि बदले की राजनीति करना मेरी पार्टी के संस्कारों में नहीं हैं. मनीष तिवारी के सवाल का जवाब देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि मैं कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि गांधी परिवार की सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मी कम नहीं किए गए हैं बल्कि बढ़ाए गए हैं. उन्होंने कहा कि सिर्फ गांधी परिवार ही नहीं बल्कि पूरे देश के एक-एक नागरिक की सुरक्षा की जिम्मेदारी इस देश की सरकार की है.

एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि सभी नेताओं को सुरक्षा दी जा रही है लेकिन हर नेता को प्रधानमंत्री की सुरक्षा नहीं दी जा सकती है. वहीं टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय (TMC MP Sudip Bandhyopadhyay) का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि सभी मुख्यमंत्रियों को जेड प्लस सुरक्षा (Z Plus Security) नहीं दी जा सकती उनकी सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ (CRPF) तैनात है. जिन राज्यों में जरूरत पड़ी है वहां मुख्यमंत्रियों को भी जेड प्लस सुरक्षा कवर दिया गया है. एनके प्रेमचंद्रन के जवाब में उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) कभी भी सुरक्षा के फैसले बदले के भाव से नहीं ले सकती है.

अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी 2015 के बाद से अब तक 1892 बार दिल्ली में और 245 बार दिल्ली के बाहर एसपीजी सुरक्षा कवर के बाहर गए. अमित शाह ने कहा कि सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी के लिए कहा कि मैं इन तीनों महानुभावों से अपील करता हूं कि सीआरपीएफ की सुरक्षा अपने साथ में ज़रूर रखें. अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास 20 साल से सुरक्षा है लेकिन आजतक उनकी सुरक्षा में कोई फाउल नहीं आया.

'सुरक्षा बदली नहीं गई सिर्फ हटाई गई है'

लोकसभा ने कांग्रेस के वाकआउट के बीच विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) अधिनियम संशोधन विधेयक को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी जिसमें प्रधानमंत्री और उनके साथ निवास करने वाले उनके निकट परिवार के सदस्यों को ही एसपीजी सुरक्षा का प्रावधान किया गया है. निचले सदन में विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस सहित विपक्ष सदस्यों की उन चिंताओं को बेबुनियाद बताया जिसमें कहा गया था कि गांधी परिवार की सुरक्षा के संबंध में राजनीति के तहत काम किया गया है. शाह ने कहा, 'ऐसी भी बात देश के सामने लाई गई कि गांधी परिवार की सरकार को चिंता नहीं है. हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि सुरक्षा हटाई नहीं गई है. सुरक्षा बदली गई है. उन्हें सुरक्षा जेड प्लस सीआरपीएफ कवर, एएसएल और एम्बुलेंस के साथ दी गई है.'

'सुरक्षा के मामले पर झूठ फैलाया जा रहा है'
अमित शाह ने आगे कहा, 'एक इस प्रकार की बातें देश की जनता के सामने लाई जा रही हैं कि एसपीजी कानून को गांधी परिवार की सुरक्षा हटाने के लिए बदला जा रहा है. यह वास्तविकता नहीं है.' कांग्रेस सदस्यों के आरोपों पर गृह मंत्री ने कहा, 'सुरक्षा की समीक्षा के बाद चंद्रशेखर जी की सुरक्षा वापस ली गई, लेकिन तब कोई नहीं बोला, जबकि चंद्रशेखर जी बहुत बड़े नेता थे. बाद में पी वी नरसिंह राव जी की सुरक्षा ले ली गई, तब भी कोई नहीं बोला.
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आई के गुजराल जी की सुरक्षा ले ली गई. तब भी कोई नहीं बोला.' उन्होंने कहा, 'डॉ मनमोहन सिंह जी की सुरक्षा बदली गई. तब भी किसी ने हल्ला नहीं किया. जबकि नरसिंह राव, मनमोहन सिंह तो कांग्रेस पार्टी के ही थे.' कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शाह ने सवाल किया, 'चिंता किसकी है, किसी वीआईपी की या किसी एक परिवार की?' उन्होंने कहा 'इनको केवल एक परिवार की चिंता है. हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि गांधी परिवार के एक भी सुरक्षाकर्मी की संख्या कम नहीं की गई है.' मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया. इसके बाद सदन ने कुछ सदस्यों के संशोधनों को अस्वीकार करते हुए विधेयक को मंजूरी दे दी.

कानून में हुआ है कई बार बदलाव
अमित शाह ने कहा कि इसका मकसद कानून के मूल उद्देश्य को बहाल करना है. अतीत में सरकारों ने कई बार कानून में संशोधन किया. गृह मंत्री ने कहा, 'मैं जो संशोधन लेकर आया हूं, उसके तहत एसपीजी सुरक्षा सिर्फ प्रधानमंत्री और उनके साथ उनके आवास में रहने वालों के लिए ही होगी तथा सरकार द्वारा आवंटित आवास पर रहने वाले पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार को पांच साल की अवधि तक एसपीजी सुरक्षा प्राप्त होगी.'

शाह ने कहा कि इस स्तर के सुरक्षा कवर के लिये 'विशेष' शब्दावली का उपयोग किया गया. यह आदर्श रूप में प्रधानमंत्री के संदर्भ में होना चाहिए. यह सिर्फ शरीरिक सुरक्षा के संदर्भ में नहीं है बल्कि इसमें उनके विभाग, स्वास्थ्य, संचार एवं अन्य विषय भी हैं. अमित शाह ने कहा कि एसपीजी का गठन 1985 में बनी एक कमेटी के आधार पर हुआ था. 1985-88 तक एसपीजी एक अधिशासी आदेश के तहत काम करती थी. 1988 में एक कानून बना, जिसके तहत एसपीजी काम करने लगी. 1991, 1994, 1999 और 2003 में इसमें संशोधन हुआ. आज वह एक और संशोधन लेकर आए हैं.

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First published: November 27, 2019, 5:10 PM IST
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