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नागरिकता कानून का विरोध: मुस्लिमों ने कहा-हमारी ID लालकिला है और AADHAAR ताजमहल

News18Hindi
Updated: December 15, 2019, 11:29 AM IST
नागरिकता कानून का विरोध: मुस्लिमों ने कहा-हमारी ID लालकिला है और AADHAAR ताजमहल
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जंंतर-मंतर पर प्रदर्शन करते लोग

दिल्ली में राजनीतिक पार्टियों, छात्र संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने नागरिकता (संशोधन) कानून (Citizenship act 2019) के खिलाफ प्रदर्शन किया.

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  • Last Updated: December 15, 2019, 11:29 AM IST
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नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship act 2019) के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन जारी है. साथ ही जंतर-मंतर पर भी आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लोगों ने विरोध दर्ज कराया. इस दौरान वहां मौजूद मुस्लिमों ने कहा कि हमारे हक का फैसला सात घंटे के संसद सत्र से हो ये हमें मंजूर नहीं. उन्होंने कहा कि मेरी आईडी लालकिला है और आधार ताजमहल. हम भारतीय हैं.

इस विरोध प्रदर्शन में पहुंचे पूर्व आईएएस अफसर हर्ष मंदर ने कहा, 'हम नफरत के खिलाफ लड़ रहे हैं. हमें आजादी की लड़ाई की तरह ही कैब के खिलाफ लड़ना होगा. हम खुलकर इस कानून की अवमानना करेंगे. हमें यह कानून बार-बार तोड़ना है. इस कानून को तोड़ने की सजा भी स्वीकार करनी होगी. ये जिद करनी होगी.  एक भी मुसलमान की नागरिकता छिनेगी तो सभी डिटेंशन सेंटर में जाओ.'

सरकारी दस्तावेजों में खुद को मुसलमान घोषित करुंगा- मंदर
मंदर ने कहा, 'सरकार की दुश्मनी मुसलमानों, वामपंथ के मानने वालों और संविधान के खिलाफ है. इस सरकार ने संविधान को गिरा दिया है. इस देश के हिन्दू बाई चांस इंडियन हैं, जबकि मुसलमान बाई चॉयस इंडियन हैं, इसलिए उन पर शक मत करिए. मैं इस कानून के खिलाफ खुद को सरकारी दस्तावेजों में मुसलमान घोषित करुंगा.'

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नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में हर्ष मंदर


बता दें, समाज के विभिन्न तबकों के लोग नए कानून का विरोध कर रहे लोगों के समर्थन में जंतर मंतर पर जमा हुए. दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने प्रदर्शन की वजह से जनपथ मेट्रो स्टेशन में प्रवेश और निकास को बंद कर दिया है.प्रदर्शन में प्रशांत भूषण भी शामिल हुए.

नए कानून के तहत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के जो सदस्य धार्मिक उत्पीड़न के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आ गए हैं, उन्हें अवैध प्रवासी नहीं समझा जाएगा और भारत की नागरिकता दी जाएगी. 

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First published: December 15, 2019, 7:50 AM IST
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