लंदन में खालिस्‍तान समर्थक रैली: भारत का कड़ा विरोध, दिल्‍ली में लगे ब्रिटेन विरोधी नारे

खालिस्तान समर्थक रैली से पहले भारत ने कहा है कि इस बारे में फैसला ब्रिटेन को करना है कि उसे हिंसा और अलगाववाद को बढ़ावा देने वाली इस रैली की अनुमति देना है या नहीं.

News18Hindi
Updated: August 10, 2018, 5:33 PM IST
लंदन में खालिस्‍तान समर्थक रैली: भारत का कड़ा विरोध, दिल्‍ली में लगे ब्रिटेन विरोधी नारे
विरोध प्रदर्शन में शामिल लोग-ANI
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Updated: August 10, 2018, 5:33 PM IST
ब्रिटेन की राजधानी लंदन में अमेरिकी अलगाववादी सिख संगठनों की ओर से 12 अगस्त को होने वाले 'रेफरेंडम 2020'  यानी खालिस्‍तान समर्थक रैली का भारत ने विरोध किया है. साथ ही बड़ी संख्या में लोगों ने ब्रिटिश हाईकमीशन पर प्रदर्शन किया और अपना विरोध दर्ज कराया. 'भारत माता की जय' के नारों के बीच ऑल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट (AIATF) ने सिख समुदाय और समाज के अन्य तबकों के साथ ब्रिटेन के खिलाफ प्रदर्शन किया.

लोगों के हाथ में पोस्‍टर-बैनर थे जिन पर लिखा था, 'ब्रिटेन ISI के प्रोजेक्ट 'एक्सप्रेस' का समर्थन कर रहा है' और पाकिस्‍तान व आईएसआई समर्थक तत्‍वों को पनाह मत दो' विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने ब्रिटेन और पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए.

AIATF के अध्यक्ष एमएस बिट्टा ने कहा कि 'रेफरेंडम 2020' एक ड्रामा है. उन्होंने दावा किया है कि पाकिस्तान की ISI, भारत विरोध और खालिस्तान का समर्थन कर रही है.

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ब्रिटिश हाईकमिश्नर को AIATF ने एक ज्ञापन भी सौंपा है. बिट्टा ने कहा कि ब्रिटेन सरकार को ऐसे आतंकियों और अलगाववादियों को भारत को सौंपना चाहिए. यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. इन सबके बीच ब्रिटेन हाई कमीशन ने कहा है कि ब्रिटेन में रहने वाले लोगों को कानून के तहत विरोध और प्रदर्शन का अधिकार है. अगर विरोध प्रदर्शन के चलते कानून की अवहेलना की गई तो पुलिस इससे निपटेगी.

वहीं खलिस्तान समर्थक रैली से पहले भारत ने कहा है कि इस बारे में फैसला ब्रिटेन को करना है कि उसे हिंसा और अलगाववाद को बढ़ावा देने वाली इस रैली की अनुमति देना है या नहीं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, 'हमने ब्रिटेन का ध्यान इस ओर दिलाया है कि लंदन में होने वाला कार्यक्रम एक अलगाववादी गतिविधि है, जो भारत की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करता है.'

उन्होंने कहा, ' हमने कहा है कि यह हिंसा, अलगाववाद और घृणा को बढ़ावा देना चाहता है. हम उम्मीद करते हैं इस तरह के मामलों पर निर्णय लेते समय वे (ब्रिटेन) आपसी संबंधों को ध्यान में रखेंगे.'
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सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) कट्टरपंथी मानवाधिकार समूह ने घोषणा की है कि वह 12 अगस्त को लंदन में ट्राफ्लगर स्क्वायर में भारतीय राज्य पंजाब के लिए स्वतंत्रता जनमत संग्रह कराएगा. भारत ने इस मामले को पिछले महीने ब्रिटेन के समक्ष उठाया था. विभिन्न रिपोर्टो के मुताबिक, अन्य यूरोपीय देशों कनाडा और अमेरिका में इसी तरह के कार्यक्रमों की योजना बनाई जा रही है.

कुमार ने कहा कि भारतीय राजदूतों को ऐसे मामले को संबंधित देशों के साथ उठाने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा, 'हम जानते हैं कि कुछ अन्य स्थानों में भी इसी तरह की योजना बनाई जा रही है और हमने अपने राजदूतों को लिखा है कि वे संबंधित देशों के विदेशी कार्यालयों के साथ इस मामले को उठाएं.'
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