CAA-NRC के खिलाफ हजारों लोगों ने किया तमिलनाडु विधानसभा का घेराव

CAA-NRC के खिलाफ हजारों लोगों ने किया तमिलनाडु विधानसभा का घेराव
CAA और NRC के विरोध में तमिलनाडु विधानसभा के बाहर जमा हुए प्रदर्शनकारी

नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) का विरोध कर रहे लोग चेन्नई (Chennai) की वालाजाह रोड पर भारी संख्या में इकट्ठा हो चुके हैं. प्रदर्शनकारियों ने चेपक में एक अस्थायी मंच बनाया है, जहां तमिलनाडु विधानसभा स्थित है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 19, 2020, 1:42 PM IST
  • Share this:
चेन्नई. नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (National Register of Citizens) के विरोध में बुधवार को चेन्नई (Chennai) में राज्‍य सचिवालय रोड पर भीड़ उमड़ पड़ी. यह प्रदर्शन कोर्ट के उस फैसले के अगले दिन हो रहा है, जिसमें मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने मुस्लिम संगठनों की मांग पर रोक लगा दी थी, जिसमें वह सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ अपनी मांग पर दबाव बनाने के लिए तमिलनाडु विधानसभा का घेराव करना चाहते थे.

बताया जा रहा है कि नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे लोग चेन्नई के वालाजाह रोड पर भारी संख्या में इकट्ठा हो चुके हैं. प्रदर्शनकारियों ने चेपक में एक अस्थायी मंच बनाया है, जहां तमिलनाडु विधानसभा स्थित है. चेपक से सचिवालय की ओर जाने वाली सड़क को बैरिकेड्स की मदद से बंद कर दिया गया है. बताया जाता है कि प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान कलईवनार आरंगम स्टेडियम से चेपक तक 200 मीटर की पैदल यात्रा की.




बता दें कि न्यायमूर्ति एम सत्यनारायण और न्यायमूर्ति आर हेमलता की पीठ ने ‘फेडरेशन ऑफ तमिलनाडु इस्लामिक एंड पॉलिटिकल आर्गेनाइजेशन’ और इससे संबद्ध संगठनों को बुधवार से प्रस्तावित प्रदर्शन पर 11 मार्च तक के लिए अंतरिम रोक लगा दी है. प्रदर्शन के लिए अनुमति प्रदान करने से पुलिस को रोकने की मांग के संबंध में एक जनहित याचिका पर पीठ ने अंतरिम आदेश जारी किया. मामले में 12 मार्च को अगली सुनवाई होगी.

इसे भी पढ़ें :- इंदौर नगर निगम की बैठक में CAA के विरोध में बैच लगाकर पहुंचे कांग्रेस पार्षद, 2 निलंबित

अदालत ने स्पष्ट किया कि वह संशोधित नागरिकता कानून या राष्ट्रीय नागरिक पंजी या राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर पर कोई राय व्यक्त नहीं कर रही है. अन्नाद्रमुक सरकार पर दबाव बनाने के लिए घेराव प्रदर्शन का आह्वान किया गया था ताकि सीएए के विरोध में प्रस्ताव लाया जाए जैसा कि गैर भाजपा शासन वाले कई राज्यों ने किया है. विधानसभा अध्यक्ष ने सत्र के दौरान विपक्षी द्रमुक द्वारा सीएए विरोधी प्रस्ताव लाने की अनुमति नहीं दी थी. संशोधित कानून को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने वाली याचिकाओं का हवाला देते हुए उन्होंने इसके लिए नोटिस की अनुमति देने से इनकार करते हुए कहा था कि मामला न्यायालय के अधीन है.

इसे भी पढ़ें :- मद्रास हाईकोर्ट ने मुस्लिम संगठनों को विधानसभा का घेराव करने से रोका
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading