लाइव टीवी

BHU में मुस्लिम शिक्षक का हो रहा विरोध लेकिन देशभर में खाली पड़े हैं संस्कृत लेक्चरर के 709 पद

News18Hindi
Updated: November 25, 2019, 5:06 PM IST
BHU में मुस्लिम शिक्षक का हो रहा विरोध लेकिन देशभर में खाली पड़े हैं संस्कृत लेक्चरर के 709 पद
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) में स्टूडेंट्स एक मुस्लिम प्रोफेसर की संस्कृत पढ़ाने के लिए हुई नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं (फोटो- PTI)

यह जानकारी तब सामने आई है जब केंद्रीय विश्वविद्यालय (Central University) बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) में एक मुस्लिम फिरोज खान (Firoze Khan) को संस्कृत विद्या धर्म संकाय में प्रोफेसर (Professor) नियुक्त किए जाने पर विश्वविद्यालय में भारी विरोध हो रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 25, 2019, 5:06 PM IST
  • Share this:
(इरम आगा)

नई दिल्ली. प्राथमिकताओं (Priorities) में विशेष गड़बड़ी दिखाने वाले सरकारी आंकड़े सामने आए हैं. जिनके मुताबिक देशभर के विश्वविद्यालयों (Universities) से संबंधित संस्कृत महाविद्यालयों (Sanskrit Mahavidyalayas) में संस्कृत शिक्षकों (Sanskrit Teachers) के कम से कम 709 पद खाली पड़े हैं.

यह आंकड़े बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) में एक मुस्लिम फिरोज खान (Firoze Khan) को यहां के संस्कृत विद्या धर्म संकाय (Sanskrit Vidhya Dharma faculty) में प्रोफेसर नियुक्त किए जाने पर होने वाले भारी विरोध के बीच सामने आए हैं. इससे विश्वविद्यालय के संबंधित विभाग के स्टूडेंट्स में गुस्सा है.

राजस्थान के दो सांसदों के सवाल पर सामने आए आंकड़े

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के जारी किए आंकड़ों के मुताबिक मुस्लिम प्रोफेसर (Muslim Professor) की नियुक्ति के विरोध का केंद्रबिंदु रहे उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में सबसे ज्यादा संस्कृत कॉलेज हैं. इसके बाद ओडिशा में 59 और राजस्थान (Rajasthan) में 57 संस्कृत कॉलेज हैं.

राजस्थान के दो सांसदों कनकमल कटारा और रामचरन बोहरा के एक सवाल के जवाब में इस आंकड़ों को सामने रखा गया. जिससे इस विशेष गड़बड़ी का पता चला. इन दोनों ही सांसदों ने देशभर के संस्कृत महाविद्यालयों की राज्यवार संख्या और यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) से संबद्ध संस्कृत महाविद्यालयों में खाली संस्कृत शिक्षकों के पदों की जानकारी मांगी थी.

सरकार ने कहा-सुधार के हो रहे प्रयास
Loading...

इन सांसदों ने यह भी पूछा था कि सरकार का इन खाली पदों को कब तक भरने का विचार है, इसके बारे में भी वह समय सुझाए और साथ ही यह भी बताए के देशभर के संस्कृत महाविद्यालयों में शिक्षा (Education) के स्तर में सुधार के लिए उसने क्या कदम उठाए हैं.

सरकार ने इसके जवाब में, यूजीसी के 4 जून के एक पत्र को पेश किया है, जिसमें कहा गया है कि सभी विश्वविद्यालयों (Universities) में खाली पदों को 6 माह के समय में भर दिया जाएगा. इसमें यह भी जोड़ा गया था कि UGC ने जुलाई, अगस्त और सितंबर में इसके लिए रिमाइंडर भी भेजा था.

शिक्षा का स्तर उठाने के मसले पर सरकार ने कहा, 'कमीशन इसके लिए डेवलपमेंट असिस्टेंस और ब्लॉक ग्रांट्स का प्रयोग संबंधित कॉलेज पर किया जाएगा. इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और संस्कृत की पढ़ाई का स्तर उठाने के लिए प्रयोग किया जाएगा. यूजीसी ने नेशनल इलिजिबिलिटी टेस्ट (NET) को भी पढ़ाई और रिसर्च के लिए न्यूनतम स्टैंडर्ड के तौर पर लागू किया है.

यह भी पढ़ें: दुनिया का पहला कार्बन उत्सर्जन फ्री नेटवर्क बनेगा भारतीय रेलवे!

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 25, 2019, 4:47 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...