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जाधवपुर मामले पर बोलीं ममता बनर्जी- लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए विरोध प्रदर्शन जरूरी

News18Hindi
Updated: September 23, 2019, 3:52 PM IST
जाधवपुर मामले पर बोलीं ममता बनर्जी- लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए विरोध प्रदर्शन जरूरी
तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी

तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने कहा, 'हमने देखा है कि जाधवपुर यूनिवर्सिटी में क्या हुआ था. बीजेपी हर जगह सत्ता हासिल करना चाहती है. उन्होंने कहा कि बीजेपी रोजगार छीनने या भारत की अर्थव्यवस्था के नीचे जाने की कोई बात नहीं कर रही है. ये पार्टी तो बस अपने राजनीतिक हितों को साधना चाहती है.

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कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया है. जाधवपुर यूनिवर्सिटी में हाल में हुए हंगामे का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, 'लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए विरोध प्रदर्शन जरूरी हैं.'

मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र है, लेकिन देश के कई अन्य हिस्सों में यह खतरे में है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन महत्वपूर्ण और जरूरी है. जिस दिन विरोध प्रदर्शन अपना मूल्य खो देंगे उस दिन भारत, भारत होना बंद हो जाएगा.


तृणमूल सुप्रीमो ने सोमवार को कोलकाता में व्यापार संघों की बैठक को संबोधित करते हुए ये बातें कही. बंगाल की सीएम ने कहा, 'हमने देखा है कि जाधवपुर यूनिवर्सिटी में क्या हुआ था. बीजेपी हर जगह सत्ता हासिल करना चाहती है. उन्होंने कहा कि बीजेपी रोजगार छीनने या भारत की अर्थव्यवस्था के नीचे जाने की कोई बात नहीं कर रही है. ये पार्टी तो बस अपने राजनीतिक हितों को साधना चाहती है.यादवपुर यूनिवर्सिटी में क्या हुआ था?
बता दें कि 18 सितंबर को जाधवपुर यूनिवर्सिटी पहुंचे केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो को छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ा था. एक कार्यक्रम में शामिल होने यूनिवर्सिटी पहुंचे बाबुल सुप्रियो के खिलाफ वापस जाओ के नारे भी लगाए गए. इस बीच उनके साथ बदसलूकी और धक्का मुक्की भी हुई, जिसके बाद बाबुल सुप्रियो धरने पर बैठ गए थे. बीजेपी इस मुद्दे को बंगाल में हो रही हिंसा के तौर पर उठा रही है.

NRC से बनाया भय का माहौल
ममता बनर्जी ने कहा, 'राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के मामले में डर पैदा किया जा रहा है. इसके लिए बीजेपी की कड़ी आलोचना करती हूं.' ममता ने दावा किया, 'एनआरसी के डर से बंगाल में छह लोगों की जान चली गई. मुझ पर भरोसा रखिए, पश्चिम बंगाल में एनआरसी को कभी मंजूरी नहीं मिलेगी.'



टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा, ‘एनआरसी बंगाल या देश के किसी भी हिस्से में नहीं होगा. असम में यह असम समझौते की वजह से हुआ. असम समझौता 1985 में तत्कालीन राजीव गांधी सरकार और ऑल असम स्टुडेंट्स यूनियन के बीच हुआ था.'

पीएम मोदी और अमित शाह से की थी मुलाकात

बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी. अमित शाह से मुलाकात के दौरान उन्होंने एनआरसी को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा, 'मैंने उन्हें एक पत्र सौंपा है. मैंने एनआरसी से बाहर किए गए 19 लाख लोगों के बारे में बात भी. इन लोगों में कई बंगाली, गोरखा और हिंदी बोलने वाले लोग भी शामिल हैं. सही नागरिकों को मौका दिया जाना चाहिए. मैं यहां कई मसलों पर चर्चा के लिए आई थी.' उन्होंने कहा कि एनआरसी से लोग डरे हुए हैं और नागरिकों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए.

इससे पहले बुधवार को ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात की. इस दौरान ममता ने पीएम मोदी को बंगाल आने का न्योता भी दिया. ममता के बदले रुख का भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने स्वागत किया है.

18 अक्टूबर को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
ममता ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण, उन्हें बंद किए जाने के विरोध में टीएमसी 18 अक्टूबर को रैली करेगी. (PTI इनपुट के साथ)

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First published: September 23, 2019, 2:47 PM IST
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