वर्क फ्रॉम होम कल्चर को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया जाए प्रोटोकॉल, कैट की PM मोदी को चिट्ठी

 तय प्रोटोकॉल नहीं होने की वजह से नियोक्ता और कर्मचारियों के बीच नोक-झोक होता हुआ दिख रहा है.

तय प्रोटोकॉल नहीं होने की वजह से नियोक्ता और कर्मचारियों के बीच नोक-झोक होता हुआ दिख रहा है.

Work Form Home: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर निवेदन किया है कि वे विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दे कि वे वर्क फ्रॉम होम से संबंधित नियम और विनियम तैयार करें. इससे वर्क फ्रॉम होम से काम कर रहे लोगों को काम करने में सहूलियत होगी

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 9, 2020, 5:59 PM IST
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नई दिल्ली. कोविड-19 (Covid-19) ने न सिर्फ हमारी जीवन शैली बदली है बल्कि हम कामकाज के तरीके में भी बड़ा बदलाव करने को मजबूर हुए हैं. इस वैश्विक महामारी (Global epidemic) और इसकी वजह से किए गए लॉकडाउन (Lockdown) ने कामकाज के नए तरीके को अपनाने के लिए मजबूर कर दिया. चाहे मंत्रालय, विभाग हो या निजी कंपनियां या संस्थाएं सब जगह वर्क फ्रॉम होम (Work From home) यानी घर से काम करने का कल्चर बढ़ रहा है.

इसी ट्रेंड को देखते हुए व्यापारी संगठन कैट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर निवेदन किया है कि वे विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दे कि वे वर्क फ्रॉम होम से संबंधित नियम और विनियम तैयार करें. इससे वर्क फ्रॉम होम से काम कर रहे लोगों को काम करने में सहूलियत होगी और कामों की उत्पादकता भी बढ़ेगी.

वर्क फ्रॉम होम को लेकर बने एक तय नियम-कानून

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे चिट्ठी में जिक्र किया गया है कि आज न सिर्फ कॉर्पोरेट या इंडस्ट्री सेक्टर में इस कल्चर को अपनाया जा रहा है बल्कि स्वयं संगठित क्षेत्र भी इसे बेहतर मान रहा है. लिहाजा वर्क फ्रॉम होम को लेकर एक तय कानून होना चाहिए. इस कल्चर से इंफ्रास्ट्रक्चर लागत में भारी कमी होती है जबकि उत्पादकता बेहतर हो रहा है.
वर्क फ्रॉम होम को अपनाने से ये फायदे होंगे

एक अनुमान के मुताबिक किसी कंपनी का 17 फीसदी खर्च इंफ्रास्ट्रक्चर लागत में आता है. वर्क फ्रॉम होम कल्चर को बढ़ावा देने से कंपनियां अपने इंफ्रास्ट्रक्चर लागत को 12 फीसदी तक कम कर सकती है. शेष 5 फीसदी लागत ऑफिस के रखरखाव और चलाने में लगता है. यहीं नहीं इस कल्चर को बढ़ावा देने से और कई फायदे है. कर्मचारियों का अपने ऑफिस कम जाने से  सड़कों पर ट्रैफिक कम होगा. पब्लिक ट्रांसपोर्ट की मांग और यात्रियों का दबाव कम होगा. सबसे बड़ा फायदा प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी.

यही कारण है कि इस कामकाज के तरीके को सरकारें, बैंकिंग,स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा क्षेत्र, मीडिया, मनोरंजन, बीमा, वित्तीय सेवाओं से जुडे संस्थाएं व कंपनियों सहित तमाम सेक्टर अपना रहे हैं. यहां तक कि अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय इवेंट्स, सम्मेलन, बैठकें, संगठनों के वार्षिक आम बैठक भी वर्चुअल हो रहे है. राजनीतिक पार्टियों की रैलियां भी वर्चुअल हो रही हैं. इस बढ़ते कल्चर से खर्च और मैन पावर दोनों लिहाज से फायदा हो रहा हैं.



कैट के प्रेसिडेंट और जनरल सेक्रटरी ने ये कहा

कैट प्रेसिडेंट बी सी भरतिया और जनरल सेक्रेटरी प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि कम समय में तैयार किए गए इस व्यवस्था से सभी पक्ष खुश है. लेकिन एक तय प्रोटोकॉल नहीं होने की वजह से नियोक्ता और कर्मचारियों के बीच नोंक-झोंक होता हुआ दिख रहा है. लिहाजा इस तरह के विवाद को कम करने के मकसद से एक प्रभावी रुल और रेगुलेशन लाया जाना चाहिए.
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