आवंटन पर शिकायतें, वैक्सीन पर आर्थिक चिंता; ऐसी रही PM के साथ मुख्यमंत्रियों की वर्चुअल मीटिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की. (PTI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की. (PTI)

PM Narendra Modi Virtual Meeting: सीएम चौहान ने पीएम मोदी रेमडेसिविर (Remdesivir) के इस्तेमाल को लेकर लोगों के मन में जारी डर और पैनिक कम करने की अपील की. साथ ही उन्होंने कहा कि यह समझाया जाना चाहिए कि यह 'जादू की छड़ी' नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 24, 2021, 8:51 AM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल मीटिंग (Virtual Meeting) की. इस दौरान देश के मुखिया के सामने राज्य प्रमुखों ने रेमडेसिविर, ऑक्सीजन (Oxygen), वैक्सीन (Covid Vaccine) समेत कई अन्य परेशानियां रखीं. एक ओर मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ रासुका की बात कही. वहीं, दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के लाइव बातचीत के फैसले ने काफी सुर्खियां बटोरी.

इन राज्यों को वित्तीय मोर्चे पर परेशानी

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने सीएम से कहा कि केंद्र के 35 हजार करोड़ रुपये को आवंटन के बाद राज्य ने कोई अलग से वैक्सीन के लिए बजट प्रावधान नहीं बनाया है. उन्होंने इसके लिए सामाजिक सुरक्षा और विकास कार्यक्रम में कटौती की बात कही और कहा कि केंद्र को राज्य में सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए वैक्सीन मुहैया कराने पर विचार करना चाहिए. पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट की तरफ से तय की गई कीमतों के हिसाब से राज्य को 1 हजार करोड़ रुपए का खर्च उठाना होगा. केरल सीएम पिनराई विजयन ने कहा कि जब राज्य पहले ही लोगों की जान बचाने के लिए मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर इतना खर्च कर रहा है, तो उन्हें वैक्सीन कार्यक्रम के लिए 1300 करोड़ रुपए की जरूरत होगी.

राजनीति से ऊपर उठने की सलाह
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा 'यह बड़ा संकट है. ऑक्सीजन की कमी जैसी हमारे सामने जो समस्या है, इससे पहली कभी इसकी कल्पना भी नहीं की थी. लेकिन हमें पीएम मोदी के साथ एक होना होग, ताकि लोगों के मन में आत्मविश्वास पैदा हो और हम जीत सकें.' इसपर गहलोत ने भी सहमति जताई. उन्होंने कहा 'मौजूदा हालात में कुछ दिल दहला देने वाली घटनाएं हुई हैं. यहां मनोबल मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि कोई भी ऑक्सीजन या दवा की कमी से नहीं मरेगा. हमें इस समय राजनीति से ऊपर उठकर एक मिसाल कायम करनी होगी.'

इस दौरान कालाबाजारी के मुद्दे पर भी चर्चा की गई. सीएम चौहान के रासुका के कदम को सीएम योगी आदित्यनाथ का समर्थन मिला. योगी ने पीएम को बताया कि उन्होंने गैंगस्टर कानून के साथ भी इसी तरह का आदेश दिया है. हालांकि, इस दौरान चौहान ने पीएम से कहा कि रेमडेसिविर को लेकर केंद्र से साफ गाइडलाइंस की जरूरत है.

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शिकायतों का भी दौर चला

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी से रेमडेसिविर आयात करने की अनुमति देने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि रोज पड़ने वाली जरूरत की तुलना में उन्हें आधी भी नहीं मिल रही है. उन्होंने कहा कि वे आवंटित आंकड़ों से 300 मीट्रिक टन ऑक्सीजन ज्यादा चाहते हैं. गहलोत ने कहा कि उन्हें 21 अप्रैल को केवल 26 हजार 500 रेमडेसिविर इंजेक्शन मिले हैं. जबकि, बीजेपी शासित गुजरात को 1.63 लाख और मध्य प्रदेश को 92 हजार मिले हैं. उन्होंने कहा 'राजस्थान को उचित मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिली.'



सीएम चौहान ने पीएम मोदी रेमडेसिविर के इस्तेमाल को लेकर लोगों के मन में जारी डर और पैनिक कम करने की अपील की. साथ ही उन्होंने कहा कि यह समझाया जाना चाहिए कि यह 'जादू की छड़ी' नहीं है. इन्हीं शिकायतों के बीच चौहान ने कहा कि दो खाली ऑक्सीजन सिलेंडर्स को इंदौर से जामनगर एयरलिफ्ट कराया गया है. राज्य ने सागर जिले में स्थित बीना रिफाइनरी के पास 1 हजार बिस्तरों का अस्पताल खोलने का फैसला किया है, ताकि यहां तत्काल ऑक्सीन का इस्तेमाल किया जा सके.
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