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सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास करने वाला पुडुचेरी पहला केंद्र शासित राज्य बना

सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास करने वाला पुडुचेरी पहला केंद्र शासित राज्य बना

  फोटो साभार/ पीटीआई

फोटो साभार/ पीटीआई

सदन में 'लोकतंत्र की हत्या' जैसे नारों और विपक्ष के बहिष्कार के बावजूद मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध का प्रस्ताव रखा. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष वीपी सिवाकोलुंधु ने कहा कि प्रस्ताव को सर्वसम्‍मति से स्वीकार कर लिया गया है.

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    पुडुचेरी विधानसभा में नागरिकता संशोधन कानून (CAA), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NRP) के खिलाफ पेश किए गए प्रस्ताव को पास किया गया. इसमें केंद्र सरकार से इन कानूनों को वापस लेने की मांग की गई है. पुडुचेरी से पहले पश्चिम बंगाल (West Bengal), राजस्थान (Rajasthan), मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh), छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh), पंजाब (Punjab) और केरल (Kerala) सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास कर चुके हैं. वहीं पुडुचेरी इस कानून के खिलाफ प्रस्‍ताव पास करने वाला पहला केंद्र शासित राज्य बन गया है.

    राज्‍य में विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाया गया था. सरकार की ओर से विधानसभा में सीएए के खिलाफ पेश किए गए प्रस्ताव का भाजपा के सदस्यों ने विरोध किया. वहीं इस पर वोटिंग से पहले बीजेपी के तीन विधायकों ने विधानसभा से वॉकआउट करके अपना विरोध भी व्‍यक्‍त किया. हालांकि इस बीच 'लोकतंत्र की हत्या' जैसे नारों और विपक्ष के बहिष्कार के बावजूद मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने सदन में सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध का प्रस्ताव रखा. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष वीपी सिवाकोलुंधु ने कहा कि प्रस्ताव को सर्वसम्‍मति से स्वीकार कर लिया गया है.

    गौरतलब है कि मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने बीते सप्‍ताह ही इन कानूनों के विरोध में
    विधानसभा में प्रस्ताव लाने की बात कही थी. उन्‍होंने सीएए को एक खराब सोच बताया
    था. इसके अलावा वह सीएए, नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस और नेशनल पॉपुलेशन
    रजिस्टर के विरोध में व्यापक स्तर पर हस्ताक्षर अभियान भी चला चुके हैं. नागरिकता
    संशोधन कानून को बीते साल दिसंबर में संसद से मंजूरी मिली है. इसके अंतर्गत 31
    दिसंबर, 2014 तक पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत में आने वाले
    हिंदुओं, सिखों, जैनियों, पारसियों, बौद्धों और ईसाइयों को नागरिकता प्रदान करने का
    प्रावधान है. इस कानून के आने के बाद पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी हिंसा हुई. वहीं देश
    भर में लगातार इसका विरोध हो रहा है और धरना-प्रदर्शन किए जा रहे हैं.

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    Tags: CAA, Puducherry, V Narayanasamy

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