पुडुचेरी में किरण बेदी को हटाने की मांग पर अड़े कांग्रेस के मंत्री, 5 फरवरी को करेंगे उपवास

पुडुचेरी के मंत्री एम कंदासामी ने विधानसभा में अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी रखा.

पुडुचेरी के मंत्री एम कंदासामी ने विधानसभा में अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी रखा.

पुडुचेरी के मुख्‍यमंत्री वी नारायणसामी ने कहा कि वाम दलों, वीसीके सहित 18 दलों के नेताओं और महागठबंधन से जुड़े छात्र संगठनों ने चर्चा में हिस्‍सा लिया. पुडुचेरी के समाज कल्याण मंत्री एम कंदासामी ने विधानसभा में अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी रखा, जिसमें केंद्र से तुरंत उपराज्यपाल किरण बेदी को वापस बुलाने की मांग की गई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 3, 2021, 9:56 PM IST
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पुडुचेरी: कांग्रेस के नेतृत्व वाले सेक्युलर डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव अलायंस ने अपने आंदोलन का अपना दूसरा चरण शुरू करते हुए 5 फरवरी को उपवास करने का फैसला किया है. इसमें केंद्र सरकार से उपराज्यपाल किरण बेदी को तुरंत वापस बुलाने की मांग की गई है. ऐसा कहा गया है कि बेदी निर्वाचित सरकार के प्रस्तावों को लागू करने में रोक लगा रही हैं. यह भी कहा गया कि 16 फरवरी को एक दिन का बंद किया जाएगा.

मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने मंगलवार रात यहां महागठबंधन के दलों की संयुक्त बैठक के अंत में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वाम दलों, वीसीके सहित 18 दलों के नेताओं और महागठबंधन से जुड़े छात्र संगठनों ने चर्चा में हिस्‍सा लिया है. डीएमके बैठक में शामिल नहीं था. मुख्‍यमंत्री ने भी बैठक में भाग लेने वाले दलों के नामों को पढ़ते हुए, द्रविड़ प्रमुख के नाम का उल्लेख नहीं किया. हालांकि यह गठबंधन सरकार है जो बाहर से कांग्रेस सरकार का समर्थन कर रही है.

नारायणसामी ने कहा कि गठबंधन लंबे समय से विभिन्न आंदोलन के माध्यम से जोर दे रहा था कि बेदी को पुडुचेरी छोड़ देना चाहिए या प्रधानमंत्री को उन्हें वापस बुलाना चाहिए क्योंकि वह चुनी हुई सरकार के कई प्रस्तावों के कार्यान्वयन के 'रास्ते में' खड़ी थीं. महागठबंधन से जुड़े दलों के नेताओं ने बिना देरी किए बेदी को बदलने की मांग को लेकर आठ जनवरी से तीन दिनों के लिए धरना दिया था.

उन्होंने कहा, " बेदी के प्रतिस्थापन की मांग करते हुए हमारे निरंतर आंदोलन के बावजूद, केंद्र ने कोई ध्यान नहीं दिया है और इसलिए अब हम 5 फरवरी को उपवास रखकर और 16 फरवरी को भारत बंद का आह्वान करते हुए अपने आंदोलन को पुनर्जीवित कर रहे हैं." कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने 11 जनवरी से सभी विधानसभा क्षेत्रों में हस्ताक्षर अभियान चलाया था और जनता से हस्ताक्षर लिए थे.
"हमारे पास राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के कार्यालय से जानकारी है कि वे 10 फरवरी को धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गठबंधन के एक प्रतिनिधिमंडल से मिलेंगे. हम उस दिन हमारी बैठक के दौरान उपराज्यपाल को वापस बुलाने की मांग वाले लोगों के हस्ताक्षर युक्त दस्तावेज जमा करेंगे." उन्होंने कहा, "जब तक केंद्र, किरण बेदी को वापस नहीं बुलाता तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा."

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