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पुलवामा के फिदायीन आतंकी को अफगान वॉर स्पेशलिस्ट ने दी थी ट्रेनिंग, दिसंबर में की थी घुसपैठ

पुलवामा के फिदायीन आतंकी को अफगान वॉर स्पेशलिस्ट ने दी थी ट्रेनिंग, दिसंबर में की थी घुसपैठ

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, पिछले महीने पुंछ के रास्ते लगभग 15 जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने देश में घुसपैठ की थी.

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, पिछले महीने पुंछ के रास्ते लगभग 15 जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने देश में घुसपैठ की थी.

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, पिछले महीने पुंछ के रास्ते लगभग 15 जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने देश में घुसपैठ की थी.

    पाकिस्तान से चलने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की ओर से किए गए पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड गाजी राशिद और कामरान कहे जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक दोनों जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर हैं और इनकी ट्रेनिंग के बाद ही आत्मघाती हमले को अंजाम दिया गया, जिसके चलते 40 सीआरपीएफ जवानों को जान गई.

    खुफिया सूत्रों के मुताबिक, पिछले महीने पुंछ के रास्ते लगभग 15 जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने देश में घुसपैठ की थी. इन आतंकियों में कामरान भी शामिल था जो कथित तौर पर स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए उपकरण और अन्य विस्फोटक लेकर पहुंचा था.

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    वहीं, दूसरी ओर 28 वर्षीय आतंकी राशिद दो महीने पहले कुपवाड़ा के रास्ते भारत में दाखिल हुआ था. सूत्रों का मानना है कि रशीद एक अफगान युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है. राशिद को पाकिस्तान सेना के विशेष सेवा समूह द्वारा प्रशिक्षित किया गया था. पाकिस्तान की यह संस्था सीमा पार से होने वाले ऑपरेशन और एलओसी के पार खासी नजर रखता है. सूत्रों ने कहा कि राशिद पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम सीमांत इलाकों में लड़ाई लड़ चुका है.

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    अफगान में मुजाहिद्दीन रहा गाजी राशिद आईईडी एक्सपर्ट बताया जाता है. माना जा रहा है कि गाजी ने अपने दो साथियों के साथ दिसंबर में भारत में घुसपैठ की थी और दक्षिण कश्मीर में छिप गया.

    इंटेलिजेंस एजेंसियों के मुताबिक, जैश ने पाकिस्तानी कमांडर राशिद को कश्मीर में हमला करने को कहा था. हालांकि, जैश ये भी चाहता था कि इस हमले में स्थानीय युवकों का इस्तेमाल किया जाए.

    बता दें कि बीते साल कश्मीर में आतंक के रास्ते पर भटके कई युवा 'ऑपरेशन ऑलआउट' के तहत मारे जा चुके हैं. इनमें जैश सरगना मसूद अजहर की बहन का बेटा तल्हा और भाई का बेटा उस्मान भी शामिल थे. दक्षिण कश्मीर में सेना के ऑपरेशन में दोनों को मार गिराया गया था.

    सूत्रों का ये भी कहना है कि पुलवामा हमले में कश्मीरी युवक का इस्तेमाल इसलिए किया गया, ताकि उसे देखकर बाकी युवक जिहाद के लिए तैयार हो सके. साथ ही भारत मे फिदायीन हमले की शुरुआत करना भी था.

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    Tags: CRPF, Jaish e mohammad, Jammu kashmir, Pulwama

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