पुणे: कोविड-19 के बाद सामने आई जानलेवा जटिलता को 7 साल के बच्चे ने दी मात

पुणे: कोविड-19 के बाद सामने आई जानलेवा जटिलता को 7 साल के बच्चे ने दी मात
एक सात साल के बच्चे की जान कोविड-19 से उपजी जटिलताओं के बाद भी बचाई ली गई (सांकेतिक फोटो)

हाइपर-इन्फ्लेमेटरी सिंड्रोम (Hyper-inflammatory syndrome) कोविड-19 (Covid-19) से जुड़ा हुआ है. इस खतरनाक बीमारी में महत्वपूर्ण अंगों (important body parts) समेत पूरे शरीर में सूजन आ जाती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 28, 2020, 8:30 PM IST
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पुणे. महाराष्ट्र (Maharashtra) के पुणे (Pune) में एक सात वर्षीय बच्चे ने कोविड-19 (Covid-19) के बाद बेहद कम मामलों में सामने आने वाली जानवेला जटिलता 'हाइपर-इन्फ्लेमेंटरी सिंड्रोम' (Hyper-inflammatory syndrome) को मात दी है. डॉक्टरों (doctors) ने शुक्रवार को बताया कि शहर के एक अस्पताल (hospital) में ही उसका सफल इलाज किया गया. पुणे नगर निगम (Pune Municipal Corporation) के एक कर्मचारी का बेटा तीन सप्ताह पहले अपने माता-पिता (parents) और भाई के साथ ही खुद भी कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus Infection) की चपेट में आ गया था. हालांकि, वे सभी संक्रमणमुक्त (recover) हो गए थे.

हाइपर-इन्फ्लेमेटरी सिंड्रोम (Hyper-inflammatory syndrome) कोविड-19 (Covid-19) से जुड़ा हुआ है. इस खतरनाक बीमारी में महत्वपूर्ण अंगों (important body parts) समेत पूरे शरीर में सूजन आ जाती है. निजी अस्पताल (private hospital) के डॉक्टरों के मुताबिक, लड़के को दो दिन से उल्टी, पेट में दर्द और बुखार (fever) की शिकायत के बाद 10 अगस्त को आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था. लड़के का इलाज करने में शामिल डॉक्टर भक्ति सारंगी ने कहा कि उसकी हालत नाजुक (critical) थी क्योंकि उसकी नब्ज दर उच्च थी और रक्चचाप (blood pressure) कम था.

नई दवाइयों से 12 घंटे में ही बुखार और पेट दर्द से आराम मिल सका
डॉक्टर भक्ति सारंगी ने बताया कि सबसे पहले लड़के की बीमारी का पता लगाया गया जोकि हाइपर-इन्फ्लेमेटरी सिंड्रोम पाया गया.
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सारंगी ने कहा कि तीन दिन की मशक्कत के बाद भी उसकी सेहत में सुधार नहीं दिख रहा था लेकिन उसके बाद दी गई दवाइयों से 12 घंटे के भीतर ही बुखार और पेट दर्द से आराम मिल सका. उन्होंने कहा कि 11 दिनों तक इलाज के बाद लड़के को अस्पताल से छुट्टी दी गई. बच्चों में कोविड-19 संक्रमण के बाद ऐसी कई जटिलताएं देखी गई हैं.
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