पुणे कैमिकल प्‍लांट अग्निकांड : मालिक पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज

पुणे स्थित कैमिकल फैक्‍ट्री में अग्निकांड की जांच रिपोर्ट के बाद मालिकों में से एक पर गैर-इरादतन हत्‍या का मामला दर्ज हो गया है.

पुणे जिले के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक कैमिकल प्‍लांट में लगी भीषण आग में 17 कामगारों की मौत मामले में जांच रिपोर्ट के बाद मालिकों में से एक पर गैर-इरादतन हत्‍या का मामला दर्ज कर उसे हिरासत में लिया गया है. संयंत्र में आपातकालीन स्थिति में निकलने के लिए खुला स्थान या आपातकालीन दरवाजा नहीं था. कुछ श्रमिकों के मुताबिक, जिस हिस्से में आग आग लगी, वहां के दरवाजे लॉक हो गए थे और स्थानीय लोगों ने जेसीबी की मदद से दीवार तोड़कर फंसे लोगों को बचाया.

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    पुणे.  पुणे जिले के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक कैमिकल प्‍लांट में लगी भीषण आग में 17 कामगारों की मौत के एक दिन बाद मंगलवार को कंपनी के मालिकों में से एक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने कहा कि संयंत्र में अग्नि सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज किया गया था.

    पुलिस अधीक्षक (पुणे, देहात) अभिनव देशमुख ने कहा कि ‘एसवीएस एक्वा टेक्नोलॉजीज’ के मालिकों में से एक निकुंज शाह के खिलाफ पौड पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर-इरादतन हत्या) का मुकदमा दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि मंगलवार को शाह को पूछताछ के बाद हिरासत में ले लिया गया.

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    जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद मुकदमा दर्ज किया

    अधिकारी ने कहा कि उप संभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) संदेश शिर्के के नेतृत्व में समिति द्वारा की गई जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया. शुरुआती जांच में सामने आया है कि कंपनी ने अग्नि सुरक्षा और भवन अनुमति नियमों का पालन नहीं किया. पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कैमिकल प्‍लांट में आपातकालीन स्थिति में निकलने के लिए खुला स्थान या आपातकालीन दरवाजा नहीं था. कुछ श्रमिकों के मुताबिक, जिसे हिस्से में आग आग लगी, वहां के दरवाजे लॉक हो गए और स्थानीय लोगों ने जेसीबी की मदद से दीवार तोड़कर फंसे लोगों को बचाया.

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    फोरेंसिक विशेषज्ञों ने रसायन के नमूने एकत्र किए

    आग लगने के कारणों के बारे में पुलिस अधीक्षक देशमुख ने कहा कि ‘क्लोरीन डायऑक्साइड’ के उत्पादन में उपयोग होने वाली सामग्री ज्वलनशील होती है. ऐसे में घर्षण के कारण गर्मी या चिंगारी उठना आग भड़कने का कारण हो सकता है. उन्होंने कहा कि कई चश्मदीदों ने घर्षण या चिंगारी उठने की बात कही है. उन्होंने कहा कि फोरेंसिक विशेषज्ञों ने रसायन के नमूने एकत्र किए हैं और जांच के बाद पता चलेगा कि किस तरह की रासायनिक प्रक्रिया हुई. कंपनी द्वारा सेनेटाइजर बनाए जाने के सवाल पर अधिकारी ने कहा कि ऐसा नहीं लगता है क्योंकि कम मात्रा में सेनेटाइजर पाया गया जिसका उपयोग कर्मचारियों के लिए हो सकता है. मुलशी संभाग के उप संभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) संदेश शिर्के ने सोमवार को बताया था कि परिसर से 18 शव बरामद किए गए हैं, जबकि पुलिस अधीक्षक अभिनव देशमुख ने बताया कि 17 शव बरामद हुए हैं, जो पूरी तरह जल चुके थे और एक शरीर का अंग तलाश अभियान के दौरान बरामद हुआ. देशमुख ने कहा, ‘‘ हमें संदेह है कि यह शरीर का अंग 17 मृतकों में से किसी एक का हो सकता है. इसलिए हम अभी मृतक संख्या 17 ही मान कर चल रहे हैं.’’ उन्होंने बताया कि कम्पनी अधिकारियों के अनुसार, ये वे 17 कर्मचारी हैं, जो घटना के समय मौके पर मौजूद थे.

    गौरतलब है कि ‘एसवीएस एक्वा टेक्नोलॉजीज’ के संयंत्र में सोमवार को आग लग गई थी, जिसमें ‘क्लोरीन डायऑक्साइड’ का उत्पादन होता है. यह संयंत्र पुणे शहर के पास मुलशी तहसील के पीरागुंट इलाके में है. अंधेरा होने और आग से गर्मी अधिक बढ़ने के कारण सोमवार की रात तलाश अभियान रोक दिया गया था. दमकल विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को सुबह एक बार फिर बचाव अभियान शुरू किया. विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ मंगलवार को सुबह हमने एक बार फिर तलाश अभियान शुरू किया, ताकि मलबे में कोई फंसा हो तो उसका पता लगाया जा सके. वहीं, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने आग लगने के उचित कारण का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने का भी ऐलान किया है.