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कोरोना: पहली स्‍वदेशी टेस्टिंग किट के कमर्शियल प्रोडक्शन को मंजूरी, एक दिन में हो सकेंगे 1000 टेस्ट

News18Hindi
Updated: March 24, 2020, 7:03 PM IST
कोरोना: पहली स्‍वदेशी टेस्टिंग किट के कमर्शियल प्रोडक्शन को मंजूरी, एक दिन में हो सकेंगे 1000 टेस्ट
कोरोना टेस्टिंग किट बनाने के लिए पुणे की एक कंपनी को पहली अनुमति मिली है (सांकेतिक फोटो)

भारत में अब तक कोरोना वायरस (Covid-19) के कुल मामले बढ़कर 519 हो चुके हैं. वहीं इस श्वसन तंत्र (respiratory illness) की बीमारी से कुल 10 लोगों की मौत हो चुकी है.

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  • Last Updated: March 24, 2020, 7:03 PM IST
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नई दिल्ली. पुणे (Pune) स्थित एक कंपनी ने कहा है कि उसे सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) की ओर से Covid-19 टेस्ट किट के व्यावसायिक प्रयोग की अनुमति (commercial approval) मिल गई है.

मॉलिक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स कंपनी माईलैब डिस्कवरी सॉल्यूशन्स (Mylab Discovery Solutions) के एमडी हसमुख रावल ने सोमवार को कहा, "मेक इन इंडिया (Make in India) पर जोर देते हुए और स्थानीय और केंद्रीय सरकार के समर्थन से, Covid-19 किट को WHO/CDC की गाइडलाइनों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है. इसे रिकॉर्ड समय में बनाया और आजमाया गया है."

'वर्तमान में मौजूद टेस्टिंग किट के मुकाबले एक चौथाई होगी कीमत'
कंपनी ने कहा है कि इस किट की कीमत, वर्तमान में प्रयोग की जा रही टेस्टिंग किट (Testing Kit) की कीमत के मुकाबले करीब एक-चौथाई होगी. कंपनी का दावा है कि एक टेस्टिंग किट से 100 लोगों की जांच की जा सकती है. बाजार में आने के बाद किसी भी प्राइवेट लैब में एक दिन में कोरोना वायरस के 1000 मरीजों की टेस्टिंग की जा सकेगी.



वहीं ICMR ने 16 प्राइवेट मेडिकल लैब (Private Medical Lab) को देशभर में Covid-19 का टेस्ट करने की अनुमति दी है. देश की सबसे बड़ी मेडिकल रिसर्च संस्था ने सभी प्राइवेट लैब में किए जाने वाले टेस्ट की दरों को लेकर एक सीमा भी तय कर रखी है.

विदेशी यात्रियों से समुदाय में कोरोना के प्रसार में लग सकता है 3 दिन से 3 हफ्ते का समय
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने कहा है कि Covid-19 की टेस्टिंग के लिए 118 सरकारी लैब, जिनमें ICMR नेटवर्क की लैब भी शामिल हैं, को अनुमति दी गई है. इस नेटवर्क की एक दिन में 12,000 सैंपल्स को जांचने की क्षमता है. 22 प्राइवेट लैब की इस श्रंखला के 15,500 कलेक्शन सेंटर, ICMR के साथ आज तक रजिस्टर हो चुके हैं.

ICMR की सुझाई हुई गणितीय मॉडलिंग के बाद सभी यात्री जिनमें Covid-19 के लक्षण पाए गए हैं, उनके जरिए वायरस के समुदाय में फैलने में 3 दिन से 3 हफ्ते तक का समय लग सकता है.

उन्होंने यह भी कहा है कि सार्स-Cov-2 के संक्रमण के उपचार के लिए हाइड्रोक्सिक्लोरोक्विन के सीमित प्रयोग की सलाह केवल उन्हें लेने की सलाह दी गई है, जिनमें संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, जो लोग रोगियों के लगातार संपर्क में हैं और उनमें भी लक्षण दिखे हैं साथ ही जो मेडिकल कर्मचारी उनकी देखभाल कर रहे हैं और उनमें भी संक्रमण के लक्षण सामने आ रहे हैं.

कोरोना की टेस्टिंग फीस की  सरकार ने तय की सीमा
सैंपल्स की टेस्टिंग (Testing of Samples) की अधिकतम लागत 4500 रुपये तय की गई है. इसमें से 1500 रुपये संभावित मामलों के स्क्रीनिंग की लागत है और अतिरिक्त 3000 रुपये टेस्ट के कंफर्मेशन के लिए देने होंगे.

सोमवार को ICMR के डायरेक्टर जनरल बलराम भार्गव ने कहा, "इन सभी लैबों के पास देशभर में 15,000 लैब की चेन है. हमारा काम जल्द ही और भी लैब को इसमें शामिल करने का है."

देश भर में इन लैब को दी गई है कोरोना टेस्टिंग की सुविधा
इन लैब में दिल्ली की लाल पैथ लैब्स (Lal Path Labs), गुजरात की उनीपथ स्पेशियलिटी लैबोरेटरी, हरियाणा की स्ट्रैंड लाइफ साइंसेस और एसआरएल लिमिटेड, तमिलनाडु में सीएमसी और अपोलो हॉस्पिटल शामिल हैं. जबकि महाराष्ट्र (Maharashtra) में पांच लैब हैं, जिसमें थायोकेयर टेक्नोलॉजीस लिमिटेड, सबअर्बन डायग्नॉस्टिक्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर लिमिटेड, सर एचएन रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, मॉलीक्यूलर मेडिसिन, रिलायंस लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड और एसआरएल लिमिटेड शामिल हैं.

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First published: March 24, 2020, 4:50 PM IST
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