कठुआ रेप दोषियों की सजा बढ़ाने की याचिका पर आज पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई

10 जुलाई को दायर की गई अपनी याचिका में, आठ वर्षीय लड़की के पिता ने मामले में दोषी ठहराए गए छह आरोपियों के लिए सजा बढ़ाने की मांग की थी.

News18Hindi
Updated: July 18, 2019, 1:46 AM IST
कठुआ रेप दोषियों की सजा बढ़ाने की याचिका पर आज पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई
पिता ने मामले में दोषी ठहराए गए छह आरोपियों के लिए सजा बढ़ाने की मांग की थी.
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Updated: July 18, 2019, 1:46 AM IST
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के कठुआ में बलात्कार और हत्या की शिकार लड़की के पिता की याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा को बढ़ाने और एक आरोपी को बरी करने की चुनौती दी गई थी.

10 जुलाई को दायर की गई अपनी याचिका में, आठ वर्षीय लड़की के पिता ने मामले में दोषी ठहराए गए छह आरोपियों के लिए सजा बढ़ाने की मांग की थी.

याचिकाकर्ता के वकील उत्सव बैंस ने कहा जस्टिस राजीव शर्मा की अध्यक्षता वाली बेंच गुरुवार को मामले की सुनवाई करेगी. लड़की के पिता ने दलील दी थी कि दोषियों में से तीन पर सुनाई गई सजा को आजीवन कारावास से बढ़ाकर मृत्युदंड दिया जाना चाहिए.

अजीवन कारावास देने की मांग

अपील में कहा गया कि तीन अन्य को सत्र न्यायालय द्वारा दी गई पांच साल की जेल की सजा के बदले आजीवन कारावास की सजा दी जानी चाहिए. उन्होंने मामले के एक अन्य आरोपी विशाल जंगोत्रा को बरी करने को भी चुनौती दी है.

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पिछले महीने पठानकोट की एक अदालत ने सांझी राम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया और परवेश कुमार को भी लड़की के गैंगरेप और हत्या के लिए एक ही सजा मिली थी.
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इन धाराओं के तहत पाए गए दोषी

उन्हें रणबीर दंड संहिता (जम्मू एवं कश्मीर राज्य रणबीर दंड संहिता-RPC) की धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया था, जिनमें हत्या, सामूहिक बलात्कार, अपहरण, सबूत नष्ट करने और साजिश रचने से आरोप थे.

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सांझी राम के बेटे विशाल जंगोत्रा ​को बरी करते हुए अदालत ने सब-इंस्पेक्टर आनंद दत्ता, हेड कांस्टेबल तिलक राज और विशेष पुलिस अधिकारी सुरेंद्र वर्मा को पांच साल की सजा सुनाई थी.

यह है पूरा मामला

चार्जशीट के अनुसार, बच्ची का पिछले साल 10 जनवरी को अपहरण कर लिया गया था और सांझी राम द्वारा प्रबंधित एक छोटे से गांव के मंदिर में कैद में बलात्कार किया गया था.

बाद में उसे मौत के घाट उतार दिया गया. उसका शव 17 जनवरी को मिला था. दोषियों ने पठानकोट सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ भी अपील दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि उन्हें मामले में झूठा फंसाया गया था. पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इस मुकदमे को पठानकोट अदालत में ट्रांसफर कर दिया गया था.

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First published: July 18, 2019, 1:46 AM IST
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