दिल्‍ली में रविदास मंदिर हटाने पर उबल रहा पंजाब, सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश पर कायम

जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा, शीर्ष अदालत के स्‍ट्रक्‍चर हटाने के फैसले का तिरस्‍कार करना और आदेश के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन करना ठीक नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ऐसी गतिविधियों को अदालत के आदेश की अवमानना मानते हुए हर व्‍यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करेगा.

News18Hindi
Updated: August 13, 2019, 11:00 PM IST
दिल्‍ली में रविदास मंदिर हटाने पर उबल रहा पंजाब, सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश पर कायम
सुप्रीम कोर्ट ने स्‍पष्‍ट किया है कि रविदास मंदिर को हटाने के उसके आदेश प्रदर्शनों पर हो रही सियासत से प्रभावित नहीं हैं.
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Updated: August 13, 2019, 11:00 PM IST
दिल्‍ली के तुगलकाबाद इलाके में रविदास मंदिर को कथित तौर पर हटाने के बाद पंजाब में रविदास समुदाय के लोग सड़क पर उतर आए हैं. जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं. इस बीच अपने फैसले पर कायम सुप्रीम कोर्ट ने स्‍पष्‍ट किया है कि मंदिर को हटाने के उसके आदेश प्रदर्शनों पर हो रही सियासत से प्रभावित नहीं हैं. जस्टिस अरुण मिश्रा ने सवाल किया कि ये सब क्‍या हो रहा है? लोग किस बात के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. क्‍या ये प्रदर्शन हमारे आदेश के खिलाफ हो रहे हैं? हम इस सब से प्रभावित नहीं हो रहे हैं?

दलित समुदाय ने बंद रखा पंजाब, किया विरोध प्रदर्शन
रविदास मंदिर को हटाने को लेकर शुरू हुए विवाद के कारण मंगलवार को दलित समुदाय ने पंजाब में बंद रखा. इस दौरान ज्‍यादातर दुकानें और व्‍यावसायिक प्रतिष्‍ठान बंद रहे. प्रदर्शनकारियों ने जालंधर-दिल्‍ली राजमार्ग समेत कुछ जगह सड़क पर जाम लगाया. जाम के कारण लोगों को काफी समस्‍या का सामना करना पड़ा. दलित समुदाय के लोगों ने कुछ जगह विरोध मार्च निकाला तो कई जगह धरना-प्रदर्शन कर पुतले जलाए और सड़कों पर टायर जलाए.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हमें राजनीति की नहीं है चिंता

दिल्‍ली के सामाजिक कल्‍याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने आरोप लगाया कि दिल्‍ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने पिछले शनिवार को पुलिस की मौजूदगी में मंदिर को गिरा दिया और प्रतिमा को ले गए. हालांकि, प्राधिकरण ने मंदिर शब्‍द का इस्‍तेमाल न करते हुए कहा है कि उसने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर स्‍ट्रक्‍चर को हटाया है. जस्टिस मिश्रा ने मंगलवार को कहा कि स्‍ट्रक्‍चर हटाने के देश की शीर्ष अदालत के फैसले का तिरस्‍कार करना और आदेश के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन करना अच्‍छा चलन नहीं है. हमें मामले पर हो रही राजनीति की चिंता नहीं है.

पंजाब के जालंधर में गुरु रविदास सभा के सदस्‍यों ने दिल्‍ली के तुगलकाबाद में रविदास मंदिर को हटाने के खिलाफ मंगलवार को प्रदर्शन किया.


कोई भी शीर्ष अदालत के आदेश को नजरअंदाज नहीं
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जस्टिस मिश्रा ने कहा कि हमने तथ्‍यों और कानून के आधार पर आदेश दिया है. सभी को यह अहसास होना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट में राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है. बेंच में शामिल जस्टिस एमआर शाह ने भी जस्टिस मिश्रा का समर्थन किया. उन्‍होंने कहा कि ये हर जगह हो क्‍या रहा है? लगता है लोग भूल रहे हैं कि ये फैसला देश की शीर्ष अदालत ने दिया है, जो सम्‍मान की हकदार है. कोई भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नजरअंदाज नहीं कर सकता है.

प्रदर्शनों को माना जाएगा अदालत की अवमानना
जस्टिस मिश्रा ने कहा कि शीर्ष अदालत आदेश के खिलाफ प्रदर्शनों को गंभीरता से ले रही है. इस तरह की हर गतिविधि को अदालत के आदेश की अवमानना माना जाएगा. हम हर व्‍यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करेंगे. कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से मामले में सहायता मांगी है. इस पर वेणुगोपाल ने सहमति दे दी है. इस बीच डीडीए ने कोर्ट को बताया कि उसके आदेश के मुताबिक अवैध स्‍ट्रक्‍चर को हटा दिया गया है.

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First published: August 13, 2019, 10:24 PM IST
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