पंजाब सरकार का बड़ा कदम-प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना के इलाज की फीस तय

पंजाब सरकार का बड़ा कदम-प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना के इलाज की फीस तय
पंजाब सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना के इलाज की फीस तय कर दी है. (फाइल फोटो)

कोरोना पीड़ितों के इलाज की फीस चंडीगढ़ पीजीआई के पूर्व डायरेक्टर केके तलवार (K.K. Talwar) की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने तय की है. ये फैसला राज्य सरकार द्वारा कई शिकायतों के बाद लिया गया है. कई मरीजों ने शिकायत की थी कि प्राइवेट अस्पताल कोरोना के इलाज के लिए मनमानी कीमत वसूल कर रहे हैं.

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चंडीगढ़. कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामलों के मद्देनजर पंजाब (Punjab) की कैप्टन अमरिंदर सरकार (Captain Amrinder Government) ने बड़ा कदम उठाया है. राज्य सरकार ने अब प्राइवेट अस्पतालों (Private Hospitals) के लिए भी कोरोना इलाज (Covid-19 Treatment) का रेट तय कर दिया है. सरकार के मुताबिक अब बिना वेंटिलेटर वाले आइसोलेशन वार्ड की फीस अधिकतम दस हजार रुपए तय की गई है. इस वार्ड में ऑक्सीजन और मेडिकल सहायक समेत एडमिशन फीस भी शामिल है. NABH से मान्यता प्राप्त अस्पतालों के लिए ये फीस 9 हजार रुपए रखी गई है.

ये फीस चंडीगढ़ पीजीआई के पूर्व डायरेक्टर केके तलवार की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने तय की है. सरकार के मुताबिक अब प्राइवेट अस्पताल कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीजों के इलाज में प्रतिदिन 8 हजार रुपए से अधिक चार्ज नहीं कर पाएंगे. अगर कोई अस्पताल तय फीस से ज्यादा पैसा वसूलेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

वेंटिलेटर वाले मरीजों की फीस भी तय
वहीं वेंटिलेटर की जरूरत वाले गंभीर रोगियों के लिए अधिकतम 18 हजार रुपए फीस फिक्स की गई है. इसमें पीपीई कॉस्ट को भी शामिल किया गया है. गौरतलब है कि ये फैसला राज्य सरकार द्वारा कई शिकायतों के बाद लिया गया है. कई मरीजों ने शिकायत की थी कि प्राइवेट अस्पताल कोरोना के इलाज के लिए मनमानी कीमत वसूल कर रहे हैं.
आलोचना भी झेल रही है राज्य सरकार


इस बीच राज्य सरकार शिक्षकों और विपक्षी दलों के निशाने पर भी आ गई है. पंजाब की शिक्षक बिरादरी और विपक्षी पार्टियों ने लुधियाना में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को विदेश से आए व्यक्तियों को हवाई अड्डे से कोरोना वायरस क्वारंटीन सेंटर्स पर पहुंचाने का काम सौंपने के प्रशासन के निर्णय की कड़ी निंदा की है.

इसे ‘अतार्किक और असंगत’ निर्णय करार देते हुए शिक्षक संघ तथा शिरोमणि अकाली दल (शिअद), उसकी सहयोगी भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) ने इस फैसले को वापस लेन की मांग की. डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (पंजाब) के अध्यक्ष दविंदर सिंह पुनिया ने कहा, ‘लुधियाना में सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को विदेश से आये व्यक्तियों को हवाई अड्डे से कोरोना वायरस क्वारंटीन सेंटर्स पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं. हम इस निर्णय की कड़ी निंदा करते हैं.’

पंजाब में कोरोना की स्थिति
पंजाब में अब तक कोरोना के कुल 8799 मामले सामने आए हैं जिनमें 5867 ठीक भी हो चुके हैं. एक्टिव केस की संख्या 2711 है. महामारी की वजह से कुल 221 लोगों ने जान गंवाई है.
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