केंद्र सरकार पर भड़के कैप्टन अमरिंदर, बोले- किसानों के विरोध प्रदर्शन का बनाया मजाक

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की फाइल फोटो
मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की फाइल फोटो

Farm Bills 2020: अमरिंदर सिंह ने कहा, केंद्र सरकार ने कृषि बिल पर किसानों के विरोध प्रदर्शन का मजाक उड़ाया है. कैप्टन ने कहा, यह कृषि बिल आखिर में न्यूनतम समर्थन मूल्य का अंत करने और भारतीय खाद्य निगम के खात्मे का रास्ता प्रशस्त करेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 11:32 PM IST
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नई दिल्ली. संसद (Parliament) में कृषि बिल (Farm Bills 2020) के पास होने के बाद न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म होने संबंधी किसानों में बढ़ रही शंकाओं के बीच गेहूं और रबी की पांच फसलों के मूल्य में की गई वृद्धि को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) ने मजाक करार दिया है.

न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, केंद्र सरकार ने कृषि बिल पर किसानों के विरोध प्रदर्शन का मजाक उड़ाया है. कैप्टन ने कहा, यह कृषि बिल आखिर में न्यूनतम समर्थन मूल्य का अंत करने और भारतीय खाद्य निगम के खात्मे का रास्ता प्रशस्त करेंगे. यदि बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार यह सोचती है कि वह इस तुच्छ वृद्धि के साथ सड़कों पर उतरे किसानों को शांत कर लेगी तो वह जमीनी हकीकत से पूरी तरह अनजान है.


कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, कृषि विधेयक के पास होने के बाद देशभर के किसान लिखित गारंटी की मांग कर रहे हैं कि न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ किसी भी तरह की छेड़खानी नहीं की जाएगी.



खटखटाएंगे कोर्ट का दरवाजा
कैप्टन ने केंद्र के कृषि अध्यादेशों को असंविधानिक, अलोकतांत्रिक और किसान विरोधी बताया. केंद्र सरकार द्वारा राज्यसभा में धक्केशाही के साथ अध्यादेश पास कराने पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि हम इन काले अध्यादेशों के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे और जैसे ही इनको राष्ट्रपति की मंजूरी मिलती हैं तो हम अदालतों का दरवाजा भी खटखटाएंगे.

उन्‍होंने कहा कि इन विधेयकों में एमएसपी को कायम रखे जाने का कोई जिक्र नहीं है. उन्होंने सवाल किया कि यदि जीएसटी के परिभाषित प्रावधानों का केंद्र सरकार पालन नहीं करती है तो एमएसपी को लेकर केंद्र के जुबानी भरोसा दिए जाने पर कैसे यकीन किया जा सकता है.

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