शराब त्रासदी में हुई मौतें 'सरासर हत्या', शामिल पाए जाने पर किसी को नहीं बख्शेंगे: अमरिंदर

कैप्टन सीएम अमरिंदर सिंह ने राज्य से शराब माफिया का सफाया करने की बात कही है (फाइल फोटो)
कैप्टन सीएम अमरिंदर सिंह ने राज्य से शराब माफिया का सफाया करने की बात कही है (फाइल फोटो)

पंजाब (Punjab) में शराब त्रासदी में तरनतारन जिले, गुरदासपुर के बटाला (Gurdaspur's Batala) और अमृतसर में अब तक 111 लोगों की जान जा चुकी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वह राज्य में शराब माफिया (liquor mafia) का सफाया कर देंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 8:46 PM IST
  • Share this:
चंडीगढ़. जहरीली शराब कांड (spurious liquor tragedy) को लेकर विपक्ष के निशाने पर आये पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Punjab Chief Minister Amarinder Singh) ने मंगलवार को कहा कि इस मामले में अगर कोई भी शामिल पाया जाता है, तो उसे बख्शा नहीं जायेगा. इस कांड में अब तक 111 लोगों की मौत हो चुकी है. शराब त्रासदी में हुई मौतों को ‘सरासर हत्या’ (sheer murder) करार देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह हत्यारों को बचकर नहीं जाने देंगे.

राज्य में शराब त्रासदी में तरनतारन जिले, गुरदासपुर के बटाला (Gurdaspur's Batala) और अमृतसर में अब तक 111 लोगों की जान जा चुकी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वह राज्य में शराब माफिया (liquor mafia) का सफाया कर देंगे. उन्होंने कहा, ‘‘इस शराब कांड मौतों में कोई भी, चाहे वह नेता हो या जनसेवक (public servant), लिप्त पाया जाता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा.’’

जहरीली शराब के चलते पूरे पंजाब में 111 लोगों की मौत
इस मामले में कठोरतम कार्रवाई का वादा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘जहरीली शराब के कारण 111 मौतें हुई हैं. पूरे पुलिस बल और आबकारी विभाग को (इस कांड की जांच के) इस काम में लगा दिया गया है और मैं चाहता हूं कि अगले दो दिनों में यह काम पूरा हो जाए.’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ शरारती एवं लालची तत्वों ने पंजाबियों की जान की कीमत पर अपने लालच को पूरा करने के लिए पुलिस के कोविड-19 महामारी के खिलाफ संघर्ष के मोर्चे पर व्यस्त रहने का फायदा उठाया.



'जहरीली शराब बेचने वाले, दया के पात्र कतई नहीं'
उन्होंने कहा, ‘‘यह सर्वथा हत्या है और हत्यारे बचकर नहीं निकल पायेंगे. उन्हें पता था कि इससे जान जा सकती है तिस पर भी उन्होंने जहरीली शराब आपूर्ति की और बेची. वे दया के पात्र कतई नहीं हैं.’’

यह भी पढ़ें: अयोध्या में राम मंदिर शिलान्यास समारोह में PM मोदी का जाना तय, PMO ने की पुष्टि

इस त्रासदी का अपने ‘क्षुद्र राजनीतिक हितों’ के लिए ‘दोहन’ करने को लेकर विपक्ष की आलोचना करते हुए सिंह ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं बल्कि ऐसी हरकत में लगे माफिया का सफाया करने के लिए सरकार का साथ देने का है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज