Home /News /nation /

कॉलेज बंद, फिर भी पंजाब सरकार कॉलेज-स्टूडेंट्स को दे रही माली-मदद, मामला कहीं चुनावी तो नहीं?

कॉलेज बंद, फिर भी पंजाब सरकार कॉलेज-स्टूडेंट्स को दे रही माली-मदद, मामला कहीं चुनावी तो नहीं?

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी. (फाइल फोटो)

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी. (फाइल फोटो)

Punjab Government providing for Internet allowance to college students: कॉलेज-स्टूडेंट्स की माली-मदद के लिए चन्नी सरकार (Channi Govt) द्वारा ‘इंटरनेट अलाउंस स्कीम’ (Internet Allowance Scheme) शुरू की गई है. इसके तहत सभी कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को 2,000 रुपए की मदद दी जा रही है. इंटरनेट के जरिए हो रही पढ़ाई में होने वाले खर्च की भरपाई के लिए. इसके लिए गूगल फॉर्म (Google Form) के जरिए छात्र-छात्राओं का रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है.

अधिक पढ़ें ...

चंडीगढ़. इन दिनों कोरोना (Corona) की वजह से करीब-करीब पूरे देश में स्कूल-कॉलेज बंद हैं. छात्र-छात्राएं ऑनलाइन पढ़ाई (Online Education) कर रहे हैं. जाहिर तौर पर यही स्थिति पंजाब (Punjab) में भी है. लेकिन इसके बावजूद पंजाब की चरणजीत सिंह चन्नी सरकार (Charanjeet Singh Channi Govt Of Punjab) कॉलेज-स्टूडेंट्स को माली-मदद दे रही है. इसके लिए चन्नी सरकार (Channi Govt) ने बाकायदा एक स्कीम भी शुरू की गई है. ‘द ट्रिब्यून’ के मुताबिक, कॉलेज-स्टूडेंट्स की माली-मदद के लिए चन्नी सरकार (Channi Govt) द्वारा ‘इंटरनेट अलाउंस स्कीम’ (Internet Allowance Scheme) शुरू की गई है.

इसके तहत सभी कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को 2,000 रुपए की मदद दी जा रही है. इंटरनेट के जरिए हो रही पढ़ाई में होने वाले खर्च की भरपाई के लिए. इसके लिए गूगल फॉर्म (Google Form) के जरिए छात्र-छात्राओं का रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है. इस संबंध में लयालपुर खालसा कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर जीएस शर्मा बताते हैं, ‘इस स्कीम के लिए छात्र-छात्राओं में जबर्दस्त उत्साह है. उन्हें इसके लिए वैसे तो ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (Online Registration) की सुविधा मिली है. लेकिन वे कॉलेज आकर फॉर्म जमा कर रहे हैं. क्योंकि उनके पहचान संबंधी दस्तावेज कॉलेज के स्तर पर अटेस्टेड कराए जाने का प्रावधान अनिवार्य किया गया है.’

मदद कहीं चुनावी तो नहीं?
हालांकि चन्नी सरकार (Channi Govt) की इस ‘इंटरनेट अलाउंस स्कीम’ (Internet Allowance Scheme) में ‘चुनावी महक’ भी आ रही है. क्योंकि स्कीम के तहत सिर्फ उन्हीं छात्र-छात्राओं को मदद देने का बंदोबस्त किया गया है, जिनकी उम्र 18 साल से ज्यादा हो और जो पंजाब के पंजीकृत वोटर (Registered Voters of Punjab) हों.

स्टूडेंट्स की मदद की वजह शिक्षक
एक और दिलचस्प पहलू ये है कि छात्र-छात्राओं को यह वित्तीय मदद अप्रत्यक्ष रूप से ही, पर उनके शिक्षकों की वजह से मिल पा रही है. इसमें मामला यूं है कि पंजाब सरकार (Punjab Govt) ने अब तक कॉलेज शिक्षकों के लिए 7वें वेतन आयोग (7th pay Commission) की सिफारिशें नहीं लागू की हैं. इससे शिक्षक नाराज हैं और सरकार को डर है कि वे पंजाब विधानसभा चुनाव (Punjab Assembly Election-2022) में कांग्रेस के खिलाफ जा सकते हैं. इसीलिए, कांग्रेस की चन्नी सरकार ने कॉलेज छात्र-छात्राओं को साधने की जुगाड़ लगाई है, ऐसा कहा जा रहा है.

Tags: Assembly Election 2022, Punjab Election 2022

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर