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ओडिशाः बीजेपी नेता बोले- जगन्नाथ पुरी हेरिटेज कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर विवाद के लिए ASI ज़िम्मेदार

 पुरी हेरिटेज कॉरिडोर परियोजना का अनावरण दिसंबर 2019 में किया गया था (फ़ाइल फोटो)

पुरी हेरिटेज कॉरिडोर परियोजना का अनावरण दिसंबर 2019 में किया गया था (फ़ाइल फोटो)

Puri Heritage Corridor Project: एएसआई के अधिकारियों ने महापात्र के आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की. इस बीच, परियोजना के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार ‘ओडिशा ब्रिज कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन’ ने मंगलवार को जीपीआर सर्वेक्षण किया.

भुवनेश्वर. पुरी हेरिटेज कॉरिडोर प्रोजेक्ट का विवाद थमता नहीं दिख रहा है. इस प्रोजेक्ट को लेकर सत्तारूढ़ बीजू जनता दल और विपक्षी भाजपा के बीच जुबानी जंग लगातार जारी है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता बिजय महापात्र ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार थी. बता दें कि पुरी हेरिटेज कॉरिडोर परियोजना का अनावरण दिसंबर 2019 में किया गया था. लेकिन अब इसका विरोध हो रहा है.

पूरे कॉरिडोर परियोजना प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग करते हुए, महापात्र ने कहा, ‘एएसआई तब तक चुप रहा जब राज्य सरकार ने श्री जगन्नाथ मंदिर जैसे संरक्षित स्मारक से 75 मीटर के भीतर मठों को ध्वस्त कर दिया और गड्ढों की खुदाई की.’ उन्होंने कहा कि अगर एएसआई ने अपना काम ठीक से किया होता और पहले दिन से ही आपत्ति जताई होती तो यह विवाद नहीं होता.

विशेषज्ञ पैनल का गठन नहीं करने का आरोप
महापात्र ने आरोप लगाया कि एएसआई ने शुरू से ही इस परियोजना में सक्रिय रुचि नहीं ली है. भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि एएसआई को परियोजना की जांच के लिए एक तकनीकी या विशेषज्ञ पैनल का गठन करना चाहिए था, लेकिन यह अभी तक नहीं बना है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी एएसआई से सलाह मशविरा करके ऐसा पैनल बना सकती थी, लेकिन ऐसा दोबारा नहीं किया गया.

महापात्र ने आरोप लगाया कि एएसआई ने अपनी जिम्मेदारी को ठीक से पूरा नहीं किया, जिसके कारण आज एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. उन्होंने कहा कि ऐसा करने का अधिकार होने के बावजूद इसने परियोजना को रोकने या निरीक्षण करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया.

इसके अलावा, महापात्र ने कहा कि जब उड़ीसा उच्च न्यायालय ने इस मामले को उठाया तो एएसआई के वकील चुप रहे. उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद ही एएसआई ने संयुक्त निरीक्षण में भाग लिया. उन्होंने कहा कि पुरी के जगन्नाथ मंदिर के साथ किसी को भी राजनीति नहीं करनी चाहिए, चाहे वह सत्ता में पार्टी हो या विपक्ष में. अब यह मुद्दा राजनीतिक ड्रामे में बदल गया है.

एएसआई ने नहीं की टिप्पणी
हालांकि, एएसआई के अधिकारियों ने महापात्रा के आरोपों पर टिप्पणी नहीं की. इस बीच, ओडिशा ब्रिज कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (ओबीसीसी), कॉरिडोर परियोजना को अंजाम देने वाली राज्य एजेंसी ने मंगलवार को ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) सर्वेक्षण किया. विभिन्न राजनीतिक दलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को पुरी गोवर्धन पीठ शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती से मुलाकात की और उनसे हस्तक्षेप करने और मंदिर और इसकी सदियों पुरानी संस्कृति और परंपरा को बचाने की मांग की,

Tags: Puri

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