आज से भक्तों के लिए खुल गया जगन्नाथ मंदिर, जानें कैसे मिल रही है एंट्री

पहले दिन दर्शन करने आए कई श्रद्धालु मंदिर प्रबंधन की व्यवस्था से खुश दिखे.

Jagganath Temple: भगवान जगन्नाथ मंदिर विकास प्राधिकार के अधिकारी अजय जेना ने बताया कि श्रद्धालुओं की सहायता के लिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवक तैनात किये गये हैं.

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पुरी. ओडिशा के पुरी (Puri) में स्थित विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर (Jagganath Temple) आज से आम श्रद्धालुओं के लिए खुल गया है. कोरोना (Covid-19) के चलते पिछले दस महीने से मंदिर बंद था. मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने दर्शनार्थियों की सुविधा और कोरोना से बचाव के लिए कई तरह के उपाय किये हैं. उसका पालन करने पर ही दर्शन की सुविधा मिल रही है.

सरकारी गाइड लाइंस के अनुसार पुरी मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को पहले कोविड टेस्ट कराना होगा. कोविड रिपोर्ट निगेटिव आने और सर्टिफिकेट दिखाने पर ही मंदिर में प्रवेश मिल रहा है. आज पहले दिन बड़ी संख्या में वैसे दर्शनार्थियों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा, जिनके पास जांच की रिपोर्ट नहीं थी या पुरानी थी. शर्त है कि अधिकतम चार के भीतर की निगेटिव रिपोर्ट चाहिए. जांच कहीं भी करा सकते हैं, सरकारी अस्पताल या प्राइवेट लैब की रिपोर्ट भी मान्य है.

दिखाना होगा आधार कार्ड
स्थानीय लोग पुरी अस्पताल में जांच करा पा रहे हैं जबकि बाहर से आए श्रद्धालु भुवनेश्वर के अस्पताल में कोविड जांच करा कर निगेटिव सर्टिफिकेट प्राप्त कर रहे हैं. निगेटिव रिपोर्ट के साथ ही आधार कार्ड भी दिखाना अनिवार्य है. बगैर आधार कार्ड के दर्शन की अनुमति नहीं मिल रही है. दर्शनार्थियों को हर हाल में मास्क पहनकर ही आना है.

सुरक्षा के हैं तगड़े इंतज़ाम
पुरी के एसपी कुंवर विशाल सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं को दर्शन में दिक्कत नहीं हो और किसी प्रकार की भीड़ या भगदड़ की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए विशेष इंतजाम किये गये हैं. मंदिर के मुख्य द्वार से पहले ही बैरिकेटिंग करके लोगों को कतारबद्ध कर दिया जा रहा है. सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखने और साफ-सफाई के विशेष प्रबंध किये गये हैं.

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सुरक्षा बल तैनात
सुरक्षा के काम में पुलिस की 15 प्लाटून लगाई गयी है और 50 अधिकारियों को तैनात किया गया है. भगवान जगन्नाथ मंदिर विकास प्राधिकार के अधिकारी अजय जेना ने बताया कि श्रद्धालुओं की सहायता के लिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवक तैनात किये गये हैं. प्रवेश द्वार पर थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था है. हर जगह हाथ को सैनिटाइज करने के लिए ऑटोमेटिक मशीनें लगाई गयी हैं. पहले दिन दर्शन करने आए कई श्रद्धालु मंदिर प्रबंधन की व्यवस्था से खुश दिखे.