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Opinion : पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से उद्योगों, निवेश और रोज़गार सृजन में तेजी आएगी

Opinion : पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से उद्योगों, निवेश और रोज़गार सृजन में तेजी आएगी

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर और इलाहाबाद जैसे प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ेगा.

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर और इलाहाबाद जैसे प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ेगा.

जब योगी आदित्यनाथ ने यूपी की कमान संभाली तो उन्होंने यह तय किया था कि वह ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को पूरा करेंगे. उन्होंने अब इस वादे को पूरा कर दिया है और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर है.

    महेंद्र कुमार सिंह

    ‘जिस जगह पर गड्ढे शुरू होते हैं, उत्तर प्रदेश वहां से शुरू होता है’ – अभी हाल तक यह बात देश के सबसे बड़े राज्य के बारे में कहा जाता था. फिर नरेंद्र मोदी ने 2014 में देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला और 2017 में योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद. प्रधानमंत्री मोदी के दिशानिर्देश के तहत ‘नए भारत का उत्तर प्रदेश’ की कल्पना को आदित्यनाथ ने वास्तविकता में बदल दिया है.

    उत्तर प्रदेश सरकार ‘हर घर, हर गांव, हर जनपद’ को जोड़ने का काम कर रही है. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे जिसका नरेंद्र मोदी ने 16 नवंबर को उद्घाटन किया इस दिशा में बहुत बड़ा कदम है. यह राज्य के पिछड़े क्षेत्र पूर्वांचल के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा.

    एक्सप्रेसवे कई और उपलब्धियों के साथ आया है : गोरखपुर में एम्स की स्थापना, गोरखपुर में बंद पड़े उर्वरक कारख़ाने को पुनर्जीवित करना, सभी घर तक गैस की पाइपलाइन ले जाना, और हाल ही में कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे  महज़ एक सड़क नहीं होगा, यह इस क्षेत्र में तेज गति से विकास के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा, क्योंकि यह निवेश, औद्योगीकरण और रोज़गार सृजन को तेज करेगा.

    बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे  और गंगा एक्सप्रेसवे  से भी उम्मीद की जाती है कि यह लोगों के लिए काफ़ी हद तक लाभकारी साबित होगा. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे  जो कि 340 किलोमीटर लंबा है, पूर्वी उत्तर प्रदेश में विकास को नया गति देगा. इस समय, यह एक्सप्रेसवे छह लेन वाला है, जिसे बढ़ाकर आठ किया जा सकता है. यह एक्सप्रेसवे लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, अयोध्या, सुल्तानपुर, अम्बेडकर नगर, आज़मगढ़, मऊ और गाजीपुर होकर गुजरेगा.

    यह एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे से भी जुड़ा हुआ है, जिसकी वजह से दिल्ली तक पहुंचना और आसान हो जाएगा. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को वाराणसी-आज़मगढ़ हाईवे से एक अलग लिंक रोड से जोड़ा जा रहा है.

    गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य भी चल रहा है जो गोरखपुर ज़िला को आज़मगढ़ ज़िले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे  से जोड़ेगा. 17 किलोमीटर लंबे, 4-लेनवाले बक्सर-ग़ाज़ीपुर एलिवेटेड रोड (बक्सर में भरौली से ग़ाज़ीपुर में हैदरिया तक) से लखनऊ बिहार का आरा और पटना पूर्वांचल एक्सप्रेसवे  और राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधे जुड़ जाएगा.

    पूर्वांचल एक्सप्रेसवे  को योगी सरकार ने कोविड महामारी के बावजूद रिकार्ड समय में पूरा किया है. इस एक्सप्रेसवे पर 3.2 किलोमीटर लंबा एक एयर स्ट्रिप भी सुल्तानपुर में तैयार किया गया है. इसका प्रयोग आपातकाल में भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों को उतारने और उड़ान भरने के लिए भी किया जा सकता है.

    इस एक्सप्रेसवे के दोनों ओर औद्योगिक हब बनाने की योजना है. कुशीनगर हवाई अड्डा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और दूसरे लिंक रोड इस क्षेत्र में देश विदेश से बौद्ध पर्यटकों को यहां लाने में भी मदद करेंगे.

    सड़कों के साथ जुड़ाव होने के अपने फ़ायदे हैं और यह आश्चर्यजनक परिणाम देने वाला हो सकता है और इससे सिर्फ बड़ी कंपनियों को ही फ़ायदा नहीं होता, बल्कि कुटीर उद्योगों को भी लाभ होता है, जिन्हें बाजार तक पहुंचने में आसानी होती है. प्रसिद्ध स्थानीय ब्लैक पॉटरी, परंपरागत जूट उत्पाद, देश भर के बाज़ारों तक इसके माध्यम से पहुंच सकते हैं. स्थानीय उत्पाद और हस्तशिल्प की लोकप्रियता बढ़ रही है और इसके लिए सिर्फ ‘एक ज़िला – एक उत्पाद’ योजना को श्रेय दिया जा सकता है.

    पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से रात में भी यात्रा करना सुरक्षित है क्योंकि इस मार्ग पर सुरक्षा के व्यापाक इंतज़ाम किए गए हैं. एक्सप्रेसवे पर कई स्थानों पर पुलिस चौकियां निर्मित की गयी हैं. कई फ़्लाइओवर, रेल ओवर-ब्रिज, टोल प्लाज़ा, रैम्प और अंडरपास का निर्माण किया गया है.

    जब योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कमान संभाली तो उन्होंने ‘सबका साथ – सबका विकास’ के मंत्र को लागू करने का वादा किया था.  अब उन्होंने इसे पूरा कर दिया है, और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे इस दिशा में एक अहम मील का पत्थर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस एक्सप्रेसवे का 16 नवंबर को उद्घाटन न केवल पूर्वांचल बल्कि संपूर्ण राज्य के लिए ऐतिहासिक दिन रहा.

    पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के अलावा उत्तर प्रदेश आज बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे  और बलिया लिंक एक्सप्रेसवे होने का दावा करने की स्थिति में है. यही कारण है कि उत्तर प्रदेश को आज ‘एक्सप्रेसवे राज्य’ भी कहा जाता है.

    बीजेपी सरकार राज्य का सर्वांगीण विकास करने का अथक प्रयास कर रही है. उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उन्नति के पथ पर आगे बढ़ चुका है. उत्तर प्रदेश के लोग अब यह देख पाने में समर्थ हैं कि वास्तविक विकास क्या होता है.

    (डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं है)

    Tags: Purvanchal Expressway

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