हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की 'दादागिरी' रोकने पर चर्चा करेंगे भारत समेत ये बड़े देश

बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे के आलोक में इस क्षेत्र को स्वतंत्र, खुला और समावेशी रखने के महत्व पर सामूहिक रूप से जोर दिये जाने की संभावना है. (सांकेतिक तस्वीर)
बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे के आलोक में इस क्षेत्र को स्वतंत्र, खुला और समावेशी रखने के महत्व पर सामूहिक रूप से जोर दिये जाने की संभावना है. (सांकेतिक तस्वीर)

Quad countries Meeting: तोक्यो में अगले हफ्ते ‘क्वाड’ के तहत चार राष्ट्रों - भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका- के बीच दूसरी मंत्रिस्तरीय वार्ता होने जा रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 4, 2020, 11:30 PM IST
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नई दिल्ली. हिंद प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में चीन (China) की अवैध गतिविधियों के बीच भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त राज्य के विदेश मंत्रियों की आगामी बैठक में बीजिंग (Beinjing) की चाल को विफल करने के लिए उठाए जाने वाले अगले कदमों पर जोर दिया जाएगा. यह बैठक ऐसे समय में होने जा रही है जब चीन हिंद-प्रशांत क्षेत्र और यूरेशियाई क्षेत्रों पर हावी होने के लिए सैन्य और आर्थिक चोरी का उपयोग करने की इच्छा दिखा रहा है. हाल के महीनों में कोविड -19 महामारी और कई अन्य वजहों से चीन पर कई बड़े देशों का रुख सख्त हो गया है.

इससे पहले ट्रंप प्रशासन की ओर से कहा गया था कि इस समूह का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सिद्धांतों को स्थापित करना, सुरक्षित करना और उसे बढ़ावा देना है, खास तौर पर ऐसे वक्त में जब क्षेत्र में चीनी “आक्रामकता और दादागीरी” बढ़ गयी है. अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ‘क्वाड’ की दूसरी मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लेने अगले हफ्ते तोक्यो का दौरा करेंगे. इस बैठक में भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस जयशंकर हिस्सा लेंगे.

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पहली मंत्रिस्तरीय बैठक पिछले साल न्यूयॉर्क में हुई थी.
विदेश मंत्री 6 अक्टूबर से जापान यात्रा पर
इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) छह अक्टूबर से जापान की दो दिन की यात्रा करेंगे. जयशंकर इस दौरान अपने जापानी समकक्ष तोशिमित्सु मोतेगी के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने के तरीकों पर वार्ता भी करेंगे. विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा की घोषणा करते हुए कहा है कि जयशंकर और मोतेगी द्वारा द्विपक्षीय तथा पारस्परिक हित के क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करने किए जाने की उम्मीद है.

विदेश मंत्रालय ने कहा है, ‘‘इस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री छह अक्टूबर को भारत-ऑस्ट्रेलिया-जापान-अमेरिका की दूसरी मंत्रिस्तरीय बैठक में भी हिस्सा लेंगे जिसमें संबंधित देशों के विदेश मंत्री शामिल होंगे.’’

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इन मुद्दों पर भी हो सकती है चर्चा
मंत्रालय ने कहा कि ये मंत्री एक मुक्त, खुले तथा समावेशी हिन्द-प्रशांत क्षेत्र के महत्व पर सामूहिक रूप से जोर देंगे. चतुर्भुजीय गठबंधन (क्वाड) की दूसरी बैठक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के सैन्य ताकत प्रदर्शन को लेकर बढ़ती वैश्चिक चिंताओं की पृष्ठभूमि में हो रही है.

विदेश मंत्रालय ने कहा कि जयशंकर जापान की अपनी यात्रा के दौरान ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के विदेश मंत्रियों के साथ भी द्विपक्षीय चर्चा करेंगे. मंत्रालय ने कहा कि विदेश मंत्री कोविड-19 के बाद की अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और महामारी से उत्पन्न होने वाली विभिन्न चुनौतियों के लिए एक समन्वित प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर चर्चा भी करेंगे.
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