प्लास्टिक से छुटकारा पाने लिए मीनाक्षी लेखी का ‘मंत्र’, गिलास छोड़ो, चुल्लू बनाकर पीयो पानी

भाषा
Updated: September 6, 2019, 8:36 PM IST
प्लास्टिक से छुटकारा पाने लिए मीनाक्षी लेखी का ‘मंत्र’, गिलास छोड़ो, चुल्लू बनाकर पीयो पानी
मीनाक्षी लेखी बोलीं- गिलास छोड़ो, चुल्लू बनाकर पीयो पानी

बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ( BJP MP Meenakshi Lekhi) ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में कहा कि भारत ने ऐसी चीजों को अपनाकर काफी ऊर्जा और संसाधन बर्बाद किए हैं जो हमारी नहीं हैं.

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नई दिल्ली. बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी (Meenakshi Lekhi) ने प्लास्टिक  (Plastic) का इस्तेमाल कम करने के लिए प्राचीन समय में जाने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि लोगों को प्लास्टिक के गिलास और बोतलों को छोड़कर हाथ से चुल्लू बनाकर पानी (Water) पीना चाहिए. मीनाक्षी लेखी ने साथ ही दांतों को साफ करने के लिए ‘दातुन’ या नीम की टहनी का इस्तेमाल करने की पुरानी भारतीय आदतों की ओर लौटने का सुझाव दिया.

बीजेपी सांसद (BJP MP) ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में कहा कि भारत ने ऐसी चीजों को अपनाकर काफी ऊर्जा और संसाधन बर्बाद किए हैं जो हमारी नहीं हैं. उन्होंने एक बार में इस्तेमाल योग्य प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा के लिए देश की तैयारी के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, ‘हमें गिलासों और बोतलों की जरूरत क्यों है? हम जब स्कूल में थे तो अपने हाथों से पानी पीते थे जो मुझे लगता है कि सबसे ज्यादा स्वच्छ तरीका है, क्योंकि इस प्रक्रिया में आप अपने हाथ धोते हो और गिलास को साफ करने में पानी बर्बाद भी नहीं होता.’

लेखी ने कहा, ‘जब सब्जी बेचने वाला आता था तो हम बेंत की टोकरी का इस्तेमाल करते थे. कोई प्लास्टिक नहीं. हमने दातुन इस्तेमाल करने की आदत भी छोड़ दी. अब ये सभी प्लास्टिक के टूथब्रश कूड़ेदान में जाते हैं और फिर उसके बाद कचरा डालने वाले क्षेत्र में.’

महिलाओं ने की थी मुखालफत

नई दिल्ली सीट से बीजेपी सांसद ने पर्यावरण के अनुकूल बैग और सैनिटरी पैड्स बनाने के लिए पुराने कपड़े फिर से इस्तेमाल करने का भी सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि जब सैनिटरी नैपकिन्स पर 18 फीसदी जीएसटी लगाया गया तो महिलाओं ने खूब मुखालफत की, बिना यह सोचे कि ‘हम पॉलीमर के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहे हैं.’

28 फीसदी कर होना चाहिए जीएसटी
लेखी ने कहा, ‘‘मेरी दादी, आपकी परदादी-परनानी हर कोई कपड़ा इस्तेमाल करती थीं जिसे एक बार इस्तेमाल के बाद नष्ट किया जा सकता है. इस पर और चर्चा से सैनिटरी पैड्स के रूप में प्लास्टिक, पॉलीमर का इस्तेमाल कम करने में मदद मिलेगी.’ उन्होंने कहा, ‘‘इन पॉलीमर का प्रभाव काफी बढ़ गया है और कोई इस बारे में बात नहीं करता क्योंकि यह संवदेनशील मुद्दा बन गया है. मैं कहती थी कि 18 फीसदी कर के बजाय 28 फीसदी कर होना चाहिए.’’
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2 अक्टूबर को लग सकता है कुछ सामान पर प्रतिबंध
साल 2022 तक एक बार में उपयोग होने वाले प्लास्टिक के इस्तेमाल को खत्म करने का अभियान चला रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती पर कुछ सामान पर प्रतिबंध की घोषणा कर सकते हैं.

मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में लोगों से प्लास्टिक के थैलों के इस्तेमाल से बचने और तकनीशियनों तथा उद्यमियों से प्लास्टिक के पुन: इस्तेमाल के नवीन तरीकों को खोजने का अनुरोध किया था.

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First published: September 6, 2019, 6:59 PM IST
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