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RAC टिकट के कन्फर्म होने की पूरी संभावना लेकिन रास्ते में नहीं बनवा सकेंगे टिकट: रेलवे बोर्ड

News18Hindi
Updated: May 23, 2020, 8:37 PM IST
RAC टिकट के कन्फर्म होने की पूरी संभावना लेकिन रास्ते में नहीं बनवा सकेंगे टिकट: रेलवे बोर्ड
रास्ते में लोगों को टिकट नहीं दिया जाएगा इससे सोशल डिस्टेंसिंग कायम रहेगी.

भारतीय रेलवे बोर्ड (Indian Railway Board) के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने बताया कि रास्ते में किसी यात्री को चढ़ने या टिकट देने की अनुमति नहीं है, इसलिए आरएसी टिकट (RAC Ticket) के कन्फर्म होने की पूरी संभावना है.

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नई दिल्ली. भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने शनिवार को जानकारी दी कि फिलहाल सिर्फ कन्फर्म पर टिकट पर ही यात्रा की इजाजत दी गई है. भारतीय रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमने सिर्फ कन्फर्म टिकट पर ही यात्रा की अनुमति दी है. उन्होंने कहा कि साथ ही एनरूट टिकट बिल्कुल मना किया हुआ है. यादव ने बताया कि रास्ते में किसी यात्री को चढ़ने की अनुमति नहीं है, इसलिए आरएसी टिकट (RAC Ticket) के कन्फर्म होने की पूरी संभावना है. दरअसल संवाददाता सम्मेलन में उनसे पत्रकार ने सवाल किया था कि रेलवे की तरफ से जारी आरएससी टिकट की सूरत में यात्री सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कैसे कर पाएंगे? इस पर उन्होंने यह जवाब दिया.

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि हमने अनारक्षित यात्रा पूरी तरह से बंद कर दी है. जो लोग भी यात्रा करेंगे वह आरक्षित टिकट पर ही यात्रा करेंगे. जिस ट्रेन में जितनी बर्थ होंगी उतने ही लोग यात्रा करेंगे कोई भी सीट अनारक्षित नहीं होगी. रास्ते में लोगों को टिकट नहीं दिया जाएगा इससे सोशल डिस्टेंसिंग कायम रहेगी.

राज्यों की जरूरत के हिसाब से चलेंगी और श्रमिक स्पेशल ट्रेनें
यादव ने बताया कि स्पेशल ट्रेनों में अब तक कुल 30 प्रतिशत सीटें बुक हुई हैं लेकिन कुछ ट्रेनों में 90-100 प्रतिशत टिकट बुक हो गए हैं. 10 ट्रेनों की लगभग बुकिंग पूरी हो गई है जिस रूट पर ज्यादा मांग है वहां के लिए और ट्रेनें शुरू की जाएंगी. और जिन विनोद कुमार यादव ने बताया कि श्रमिक ट्रेनें राज्यों के साथ समन्वय करके चलाई जा रही हैं. राज्यों की जरूरत के हिसाब से अगले 10 दिनों के लिए ट्रेनें तय कर दी गई हैं. इसके बाद भी जरूरत पड़ती है तो भारतीय रेल इसे पूरा कर सकता है.



इतने श्रमिक अब तक पहुंचे मंजिल तक


रेलवे ने ये भी जानकारी दी कि एक मई से अब तक 2,570 श्रमिक विशेष ट्रेनों से 32 लाख प्रवासी कामगारों को उनके घरों तक पहुंचाया है. श्रमिक विशेष ट्रेनें मुख्यत: राज्यों के अनुरोध पर चलाई जा रही हैं जो लॉकडाउन के कारण फंसे प्रवासी कामगारों को उनके गृह राज्यों तक भेजना चाहते हैं. रेलवे इन ट्रेनों को चलाने के कुल व्यय का 85 फीसद व्यय खुद वहन कर रही है शेष राशि राज्य दे रहे हैं.

कुल 2,570 ट्रेनों में से 505 रेलगाड़ियां अपने गंतव्य तक अभी नहीं पहुंची हैं शेष 2,065 रेलगाडियों ने अपनी यात्राएं पूरी कर ली हैं.

यूपी में चलीं सबसे ज्यादा ट्रेनें
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 1246 श्रमिक विशेष रेलगाड़ियां पहुंची हैं, इसके बाद बिहार में 804 और झारंखड में 124 रेलगाड़ियां पहुंची हैं. वहीं गुजरात ने 759, महाराष्ट्र ने 483 और पंजाब ने 291 श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों से प्रवासी कामगारों को रवाना किया है.

गौरतलब है कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के चलते हजारों की संख्या में प्रवासी कामगार पैदल, साइकिलों से अथवा अन्य साधनों से अपने घरों के लिए रवाना होने लगे थे. विभिन्न सड़क दुर्घटनाओं में अनेक प्रवासी कामगारों की मौत भी हुई. इसके बाद रेलवे ने एक मई से कामगारों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने के लिए श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों का परिचालन शुरू किया.

(एजेंसी के इनपुट के साथ)

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First published: May 23, 2020, 6:31 PM IST
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