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'वैक्सीनेशन में वर्ल्ड लीडर' बनने की दौड़, दुनिया में सबसे बड़े टीकाकरण के लिए भारत हो रहा तैयार

 AP Photo/Ajit Solanki
AP Photo/Ajit Solanki

कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के रोकथाम के लिए भारत में 16 जनवरी से वैक्सीनेशन (Vaccination In India) शुरू हो जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 14, 2021, 11:21 PM IST
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राजीव कुमार


नई दिल्ली. कोरोना वायरस के संक्रमण के रोकथाम के लिए देशभर में 16 जनवरी से वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा. यह दुनिया का सबसे बड़ा कोविड-19 वैक्सीनेशन होगा. ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार अब तक कुल मिलाकर, 12 जनवरी तक, वैश्विक स्तर पर 29.42 मिलियन लोगों को वैक्सीन का कम से कम एक डोज मिल चुका है.

90 लाख से अधिक आबादी वाले इजरायल ने पिछले साल 19 दिसंबर से अपने नागरिकों का टीकाकरण शुरू किया था. प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सबसे पहले तेल अवीव के पास शीबा मेडिकल सेंटर में डोज दी गई थी. इसे ऑपरेशन 'गिव अ शोल्डर' का नाम दिया गया था. ठीक तीन हफ्ते बाद, पिछले शनिवार को, वह फिर से वैक्सीन की दूसरी और अंतिम खुराक ली.
इस साल मार्च में होने वाले चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने फाइजर और मॉडर्न दोनों के साथ सौदे किए. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इजरायल टीकों के लिए प्रति व्यक्ति $ 47 (3,436.62 रुपये) का औसत भुगतान कर रहा है.



इजरायल ने टीकाकरण की दौड़ में हर देश को पीछे छोड़ दिया
12 जनवरी की सुबह तक 1.87 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन की दो खुराक में से कम से कम एक लग चुकी है. इजरायल में प्रति दिन 85 हजार से अधिक डोज लगाए जा रहे हैं. ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के आंकड़ों के अनुसार, इजरायल की 22% से अधिक आबादी को टीके की कम से कम एक खुराक मिलने के साथ ही देश ने टीकाकरण की दौड़ में हर देश को पीछे छोड़ दिया है.

इसके अलावा इजरायल ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के अलावा प्रत्येक और 50 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति का टीकाकरण करने का निर्णय लिया है. इस साल मार्च के अंत तक इजरायल का लक्ष्य है कि कम से कम 5.2 लाख आबादी को टीका लग जाए.

हालांकि कुछ दिन पहले नेतन्याहू ने कहा, "इजरायल कोरोना वायरस से उबरने वाला पहला देश होगा. हम मार्च के अंत तक 16 वर्ष की आयु तक के सभी इजरायली नागरिकों का टीकाकरण कर सकते हैं और शायद उससे पहले भी ऐसा हो सकता है.'

पिछले साल 9 दिसंबर को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) चीन के सिनहार्म द्वारा विकसित एक वैक्सीन को मंजूरी देने वाला पहला देश बन गया. 14 दिसंबर को राजधानी अबू धाबी से देशव्यापी टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया गया. इसके अलावा दुबई शहर ने Pfizer-BioNTech वैक्सीन का उपयोग करके अपना स्वयं का टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया. अब तक देश में 150 से अधिक स्वास्थ्य केंद्र हैं जहां बुजुर्गों और फ्रंटलाइनर्स को टीके लग रहे हैं.

संयुक्त अरब अमीरात के सरकारी आंकड़ों के अनुसार 12 जनवरी, 2020 तक 1.27 लाख से अधिक वैक्सीन खुराक दी गई है, यानी देश की 12.90% आबादी को अब तक कम से कम एक खुराक मिली है. संयुक्त अरब अमीरात की योजना है कि इस साल पहली तिमाही तक आबादी का 50% हिस्सा वैक्सीनेट हो जाए.



8 दिसंबर को ब्रिटेन में शुरू हुआ वैक्सीनेशन
ब्रिटेन 8 दिसंबर, 2020 को बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन लॉन्च करने वाला पहला पश्चिमी देश था, 90 साल की मार्गरेट कीनन फाइजर की कोविड -19 वैक्सीन का डोज पाने वाली देश की पहली व्यक्ति बन गईं.

11 जनवरी तक 2.43 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है, जबकि 0.41लाख लोगों को दूसरी खुराक भी मिली. देश की पांच प्रतिशत आबादी को कम से कम एक खुराक मिल चुका है.

ब्रिटेन ने अब तक फाइजर-बायोएनटेक, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी-एस्ट्राजेनेका और मॉडर्न द्वारा बनाए गए तीन वैक्सीन को मंजूरी दी है. इसका उद्देश्य फरवरी तक 15 लाख लोगों का टीकाकरण करना है.

संयुक्त राज्य अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण के 200,000 से अधिक नए मामलों और 4,000 से अधिक मौतों का रिकॉर्ड जारी है. हालांकि यहां टीकाकरण अभियान भी धीरे-धीरे गति पकड़ रहा है. रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्रों के अनुसार, 14 दिसंबर, 2020 को शुरू हुई वैक्सीनेशन प्रॉसेस सोमवार तक 9 लाख के पार चल गई है. इन 9 लाख लोगों को अब तक वैक्सीन की 1 खुराक मिल चुकी है.

यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने अप्रैल 2021 तक 10 करोड़ मिलियन लोगों को वैक्सीनेट करने के उद्देश्य से Pfizer-BioNTech और Moderna के टीके को मंजूरी दे दी है.

अन्य प्रमुख देशों ने जो पहले से ही टीकाकरण अभियान शुरू कर चुके हैं, उनमें चीन शामिल है - 9 जनवरी तक 9 लाख लोगों का टीकाकरण; इटली - 12 जनवरी, 2021 तक दिए गए 0.8 लाख डोज; रूस - 80 मिलियन डोज, जर्मनी 6.9 लाख, स्पेन में 4.8 लाख डोज दिये जा चुके हैं.
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