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ग्रेटर हैदराबाद कमिश्नर का आदेश- अय्यप्पा माला में ड्यूटी के दौरान दीक्षा न लें पुलिसकर्मी, VHP ने जताई आपत्ति

News18Hindi
Updated: November 6, 2019, 4:59 PM IST
ग्रेटर हैदराबाद कमिश्नर का आदेश- अय्यप्पा माला में ड्यूटी के दौरान दीक्षा न लें पुलिसकर्मी, VHP ने जताई आपत्ति
कमिश्नर महेश भागवत ने पुलिस कर्मियों को दिया ऐसा आदेश

कमिश्नर महेश भागवत (Mahesh Bhagwat) ने कहा यदि कोई अय्यप्पा दीक्षा (Ayyappa Mala) लेना चाहता है तो पवित्र दीक्षा लेने के लिए वह व्यक्ति दो महीनों की छुट्टी ले सकता है.

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  • Last Updated: November 6, 2019, 4:59 PM IST
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हैदराबाद. रचाकोंडा (ग्रेटर हैदराबाद) के पुलिस कमिश्नर महेश भागवत (Mahesh Bhagwat) ने अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पुलिस कर्मियों को एक स्पेशल आदेश दिया है कि वे अय्यप्पा माला (Ayyappa Mala) की ड्यूटी न करें. उन्होंने आदेश दिया है कि यदि कोई अय्यप्पा दीक्षा लेना चाहता है तो पवित्र दीक्षा लेने के लिए वह व्यक्ति दो महीनों की छुट्टी ले सकता है.

न्यूज़18 से बातचीत में कमिश्नर ने कहा
कमिश्नर ने यह कहा कि पुलिस एक अनुशासित विभाग है और इसलिए किसी भी पुलिसकर्मी को बिना सही यूनिफार्म और पोशाक के ड्यूटी पर नहीं आना चाहिए. रचाकोंडा के पुलिस कमिश्नर महेश भागवत ने न्यूज़18 को बताया, "हां इस मुद्दे पर हमारी सोच बिलकुल साफ़ है. यह फैसला पुरानी सरकार के आदेशों के आधार पर लिया गया है. यदि कोई अय्यप्पा माला पहनना चाहता है, हम उसे अवकाश देने के लिए तैयार हैं."

कहा बिना यूनिफार्म पुलिस की ड्यूटी नही

भागवत ने बताया कि जो पुलिसकर्मी अय्यप्पा दीक्षा लेना चाहता है और उसने 'माला' की परंपरा के अनुसार दीक्षा की परंपरागत वेशभूषा पहनने के लिए कमिश्नर से अनुमति मांगी है तो सरकार के आदेश नंबर 987/E3/2011 के अनुसार कोई भी पुलिसकर्मी अपनी पुलिस की यूनिफार्म के बिना ड्यूटी नहीं कर सकता है. कमिश्नर भागवत ने पुलिस के डिप्टी कमिश्नर, असिस्टेंट कमिश्नर और थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि इस प्रकार की अनुमति प्राप्त करने के लिए कोई भी निवेदन न करें.

विश्व हिंदू परिषद ने जताई आपत्ति
विश्व हिन्दू परिषद् ने रचाकोंडा के कमिश्नर के इस प्रतिबंध पर आपत्ति जताई है और इस आदेश को वापस लेने की मांग की है. न्यूज़18 से बात करते हुए विश्व हिन्दू परिषद् के प्रवक्ता रविनुथाला शशिधर सवाल उठाते हैं "एक पुलिस का आलाधिकारी अय्यप्पा माला पर प्रतिबन्ध कैसे लगा सकता है जो रमजान के महीने में आधिकारिक रूप से "इफ्तार पार्टी " का आयोजन करता हो. इफ्तार पार्टी के आयोजन के लिए डीजीपी से लेकर सभी पुलिस अधिकारी शेरवानी पहनते हैं. वह एक और सवाल उठाते हैं, "क्या हमारी सेना सिख अधिकारियों को अपनी परंपरा निभाने की अनुमति नहीं देती? केवल हिंदुओं के लिए यह प्रतिबन्ध क्यों?"
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शशिधर कहते हैं कि राज्य सरकार रमजान के महीने में मुस्लिम सरकारी कर्मचारियों को ऑफिस के समय से एक घंटा पहले ही छुट्टी दे देती है और नमाज़ की अनुमति भी देती है. सामान्य तौर पर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भक्त अक्टूबर और नवम्बर के महीने में अय्यप्पा दीक्षा लेंगे.

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First published: November 6, 2019, 4:59 PM IST
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