भारत में राफेल की लैंडिंग से घबराया चीन, युद्धपोत पर बढ़ाई J-15 की क्षमता

भारत में राफेल की लैंडिंग से घबराया चीन, युद्धपोत पर बढ़ाई J-15 की क्षमता
भारत में राफेल आने के बाद चीन ने युद्धपोत पर बढ़ा जे-15 की क्षमता

चीन (China) ने अपने दो युद्धपोत पर तैनात फाइटर जेट्स की क्षमता को बढ़ा दिया है. चीन ने लड़ाकू विमान जे-15 (J-15 Fighter Jets) को अपग्रेड किया है. ये फाइटर जेट रात में रीफ्यूलिंग करने में सक्षम है.

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नई दिल्ली. भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) को काफी लंबे वक्त से जिस लड़ाकू विमान का इंतजार था, वो राफेल विमान (Rafale Fighter Jet) आज भारत पहुंच गए हैं. फ्रांस से पांच राफेल विमान बुधवार को भारत के अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर लैंड किए. भारत में राफेल की लैंडिंग से चीन इतना घबरा गया कि उसने तुरंत युद्पोत पर तैनात फाइटर जेट्स की क्षमता को बढ़ा दिया. फाइटर जेट्स क्षमता बढ़ाने से अब चीन रात में भी हमला करने में सक्षम हो गया है.

स्पुतनिक न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने अपने दो युद्धपोत पर तैनात फाइटर जेट्स की क्षमता को बढ़ा दिया है. चीन ने लड़ाकू विमान जे-15 (J-15 Fighter Jets) को अपग्रेड किया है. ये फाइटर जेट रात में रीफ्यूलिंग करने में सक्षम है. इसे बडी रीफ्यूलिंग कैपेबिलिटी (Nighttime Buddy Refueling Capability) भी कहा जाता है. क्योंकि J-15 फाइटर जेट, दूसरे जे-15 फाइटर जेट को आसमान में ही ईंधन देने में सक्षम है. इस क्षमता को विकसित करने के बाद अब चीन 24 घंटे किसी भी समय हमला करने के लिए तैयार हो गया है.


बता दें कि चीन ने हाल ही में इस फाइट जेट में तकनीक को विकसित करने के लिए कुछ बदलाव किए हैं. इसके बाद ही चीन ने अपने युद्धपोत लियाओनिंग (Liaoning और शैनडोंग (Shandong) पर तैनात जे-15 (J-15 Fighter Jets) को अपग्रेड कर लिया है. ग्लोबल टाइम्स में एक रिपोर्ट के मुताबिक, पीएलए नेवल मिलिट्री स्टडीज रिसर्च इंस्टीट्यूट के रक्षा विशेषज्ञ झांग जुंशी ने बताया कि अब चीन के जे-15 फाइटर विमान अन्य जे-15 (J-15 Fighter Jets) फाइटर विमान से किसी भी मौसम में ईंधन भर सकता है. रात में ईंधन भरने की क्षमता विकसित करना एक बड़ी उपलब्धि है.



इन युद्धपोत का इस्तेमाल करता है चीन
गौरतलब है कि चीन के युद्धपोत लियाओनिंग (Liaoning) और शैनडोंग (Shandong) जे-15 लड़ाकू विमान की लैंडिंग और टेकऑफ के लिए जंप रैक डेक्स हैं. वह कैटापॉल्ट जैसी पुरानी तकनीक का उपयोग नहीं करता. इससे लड़ाकू विमान को उड़ने और लैडिंग में ज्यादा मदद मिलती है. उधर भारतीय नौसेना ने गलवान घाटी में 15 जून को हिंसक झड़पों में भारत के 20 जवानों की शहादत के बाद बढ़ते तनाव के बीच हिंद महासागर क्षेत्र में युद्धपोत और पनडुब्बियों को बड़ी संख्या में तैनात किया है.
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