अपना शहर चुनें

States

मार्च तक भारत के पास 17 राफेल जेट होंगे, जबकि 2022 तक पूरा बेड़ा : राजनाथ सिंह

राफेल अत्याधुनिक हथियारों और मिसाइलों से लैस हैं
राफेल अत्याधुनिक हथियारों और मिसाइलों से लैस हैं

Rafale Fighter Jets: पांच राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप 29 जुलाई, 2020 को भारत पहुंची थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 8, 2021, 8:14 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. भारत के पास इस साल मार्च तक 17 राफेल लड़ाकू विमान होंगे और इस फाइटर जेट का पूरा बेड़ा अप्रैल 2022 तक देश में आ जाएगा. लगभग चार साल पहले 2016 में भारत ने फ्रांस के साथ 59 हजार करोड़ रुपये की लागत वाले 36 राफेल लड़ाकू विमानों को खरीदने के लिए एक अंतर-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.

राज्यसभा में सोमवार को एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "मैं सूचित करना चाहता हूं कि अब तक 11 राफेल विमान भारत पहुंच चुके हैं और मार्च माह तक कुल 17 विमान भारत की धरती पर होंगे. मैं यह भी जानकारी देना चाहता हूं कि अप्रैल 2022 तक राफेल का पूरा बेड़ा भारत पहुंच जाएगा."

सरकार ने बताया कि पिछले साल 10 सितंबर को पांच राफेल विमानों को भारतीय वायुसेना में शामिल करने के लिए अंबाला वायुसेना स्टेशन में आयोजित कार्यक्रम पर करीब 41 लाख रुपये खर्च हुए जिनमें 9.18 लाख रुपये की जीएसटी शामिल है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया पहले पांच राफेल विमानों को 10 सितंबर को भारतीय वायु सेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया. ऐसे आयोजन अक्सर वायु सेना के स्थानीय संसाधनों के जरिए आयोजित किए जाते हैं. इस आयोजन में 9.18 लाख रुपये की जीएसटी सहित 41.32 लाख रुपये खर्च हुए.

सिंह ने बताया कि विमानों के सभी नए संस्करण समुचित समारोह के जरिए भारतीय वायु सेना में शामिल करने की परंपरा रही है. उन्होंने बताया कि राफेल को वायु सेना में शामिल करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में फ्रांसीसी रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पारले, राफेल निर्माता कंपनी एवं फ्रांसीसी एयरोस्पेस की दिग्गज दसॉ एविएशन के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए थे.



पांच राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप 29 जुलाई, 2020 को भारत पहुंची थी, जिसे 10 सितंबर 2020 को भारतीय वायु सेना में शामिल कर लिया गया था. तीन राफेल लड़ाकू विमानों की दूसरी खेप तीन नवंबर को भारत पहुंची थी, जबकि तीन अन्य राफेल युद्धक विमान बीते 27 जनवरी की शाम भारत पहुंचे थे. इन विमानों के आने के बाद भारतीय वायुसेना को और मजबूती मिलेगी.



राफेल का एक स्क्वॉड्रन अंबाला में रहेगा और एक हसीमाड़ा एयरबेस पर. राफेल में तीन तरह की मिसाइलें होंगी. पहली, हवा से हवा में मार करने वाली मीटियोर मिसाइल. दूसरी, हवा से जमीन में मार करने वाल स्कैल्प मिसाइल और तीसरी है हैमर मिसाइल.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज