राफेल केस: 'चौकीदार चोर है' पर फंसे राहुल, SC ने कहा- हमारी टिप्पणी को गलत तरीके से कर रहे पेश

बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी की तरफ से दार अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष से 22 अप्रैल तक जवाब तलब किया है.

News18Hindi
Updated: April 15, 2019, 1:57 PM IST
राफेल केस: 'चौकीदार चोर है' पर फंसे राहुल, SC ने कहा- हमारी टिप्पणी को गलत तरीके से कर रहे पेश
राहुल गांधी की फाइल फोटो
News18Hindi
Updated: April 15, 2019, 1:57 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने राफेल मामले में अपने फैसले को लेकर दिए गए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान पर उनसे जवाब तलब किया है.  चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा, कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की है. कोर्ट ने इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष को 22 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने को कहा.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'हम यह स्पष्ट करते हैं कि राहुल गांधी ने इस अदालत का नाम लेकर राफेल सौदे के बारे में मीडिया और जनता के बीच कोर्ट की टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया. हम यह स्पष्ट करते हैं कि राफेल मामले में दस्तावेजों को स्वीकार करने के लिए उनकी वैधता पर सुनवाई करते हुए इस तरह की टिप्पणियां करने का मौका कभी नहीं आया.'

दरअसल राहुल गांधी ने 10 अप्रैल को अमेठी से नामांकन भरने के बाद मीडिया से बातचीत में राफेल सौदे को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था. राहुल ने कहा था कि 'सुप्रीम कोर्ट ने भी मान लिया है कि चौकीदार ही चोर है.'

राहुल के इस बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी की नेता मीनाक्षी लेखी ने कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ मानहानि की याचिका दाखिल की थी. सोमवार को लेखी की ओर से अदालत में वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने पक्ष रखा. रोहतगी ने कहा कि कांग्रेस नेता ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया है.

यह भी पढ़ें :  नेताओं के विवादित बयानों पर SC की चुनाव आयोग को फटकार, कल सुबह तक मांगा जवाब

राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि के मामले की सुनवाई वाली पीठ की अध्यक्षता चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई ने की. बता दें कि राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की आपत्तियों को खारिज करते हुए राफेल मामले में रिव्यू पिटिशन पर नए दस्तावेज के आधार पर सुनवाई का आदेश दिया है. इसे केंद्र सरकार के लिए एक झटका के तौर पर देखा जा रहा है.

यह भी पढ़ें : जया प्रदा ने आजम के बयान को बताया गाली, कहा- इन्हें चुनाव न लड़ने दिया जाए
Loading...




यह भी पढ़ें :  पीएम मोदी को वोट देने के लिए इस शख्स ने ऑस्ट्रेलिया की जमी-जमाई नौकरी से दे दिया इस्तीफा

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने 10 अप्रैल को राफेल लड़ाकू विमान सौदे में समीक्षा याचिकाओं पर केंद्र की आपत्तियों को खारिज कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की दलीलों को खारिज कर रक्षा मंत्रालय से लीक हुए दस्तावेज की वैधता को मंजूरी प्रदान कर दी है. कोर्ट के फैसले के अनुसार यह दस्तावेज सुनवाई का हिस्सा होंगे.

केंद्र ने दलील दी थी कि प्रशांत भूषण, अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा की समीक्षा याचिका से जुड़े दस्तावेज में राफेल की रक्षा फाइलों से अनधिकृत रूप से फोटोकॉपी की गई थी और इससे फ्रांस के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा और मैत्रीपूर्ण संबंधों पर इनका प्रभाव पड़ेगा.

 CJI की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था कि वह समीक्षा याचिकाओं पर विस्तृत सुनवाई शुरू करने के लिए तारीख तय करेगी, जिसमें राफेल लड़ाकू विमानों की कीमत के साथ दसॉ एविएशन द्वारा अनिल अंबानी की कंपनी को ऑफसेट पार्टनर के तौर पर चुने जाने को लेकर सवाल उठाए गए हैं.


एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स 

Loading...

और भी देखें

पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...

वोट करने के लिए संकल्प लें

बेहतर कल के लिए#AajSawaroApnaKal
  • मैं News18 से ई-मेल पाने के लिए सहमति देता हूं

  • मैं इस साल के चुनाव में मतदान करने का वचन देता हूं, चाहे जो भी हो

    Please check above checkbox.

  • SUBMIT

संकल्प लेने के लिए धन्यवाद

काम अभी पूरा नहीं हुआ इस साल योग्य उम्मीदवार के लिए वोट करें

ज्यादा जानकारी के लिए अपना अपना ईमेल चेक करें

Disclaimer:

Issued in public interest by HDFC Life. HDFC Life Insurance Company Limited (Formerly HDFC Standard Life Insurance Company Limited) (“HDFC Life”). CIN: L65110MH2000PLC128245, IRDAI Reg. No. 101 . The name/letters "HDFC" in the name/logo of the company belongs to Housing Development Finance Corporation Limited ("HDFC Limited") and is used by HDFC Life under an agreement entered into with HDFC Limited. ARN EU/04/19/13618
T&C Apply. ARN EU/04/19/13626