लाइव टीवी

राफेल पर SC पहुंची सरकार, CAG-PAC वाले पैरा में संशोधन की अपील

News18Hindi
Updated: December 16, 2018, 2:00 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राफेल सौदे पर मोदी सरकार को क्लीन चिट दे दी. कोर्ट ने भारत और फ्रांस के बीच 23 सितंबर 2016 को हुए राफेल विमान सौदे के खिलाफ दायर जांच संबंधी सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 16, 2018, 2:00 PM IST
  • Share this:
केंद्र ने शनिवार को उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर शीर्ष न्यायालय के फैसले में उस पैराग्राफ में संशोधन की मांग की है जिसमें नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) रिपोर्ट और संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) का जिक्र है.

कैग और पीएसी के मुद्दे के बारे में शीर्ष अदालत के फैसले के पैराग्राफ 25 में इसका जिक्र है. फैसले में कहा गया था कि फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीदारी में किसी तरह की अनियमितता नहीं हुई. फैसले में कहा गया कि उसके सामने रखे गए साक्ष्य से पता चलता है कि केंद्र ने राफेल लड़ाकू विमान पर मूल्य के विवरणों का संसद में खुलासा नहीं किया, लेकिन नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के सामने इसे उजागर किया गया.

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को अपने फैसले में कहा था कि कैग के साथ कीमत के ब्यौरे को साझा किया गया और कैग की रिपोर्ट पर पीएसी ने गौर किया.

कांग्रेस का आरोप है कि एनडीए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में झूठ बोला है, क्योंकि कैग रिपोर्ट अब तक पीएसी में आई ही नहीं है. ऐसे में सरकार मामले को स्पष्ट करने के लिए दोबारा शीर्ष अदालत पहुंच गई है.

जानिए, राफेल मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?

शनिवार को सरकार ने राफेल डील पर आए फैसले में संशोधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक और अर्जी दायर की है. इसमें कहा गया है कि कोर्ट ने शुक्रवार को अपने फैसले में कैग और पीएसी का जिक्र किया था, टाइपिंग में हुई कुछ गलतियों के कारण उसकी गलत व्याख्या की जा रही है. इसलिए कोर्ट से अपील की जाती है कि अपने फैसले में कैग रिपोर्ट और पीएसी को दोबारा से स्पष्ट करें.

दरअसल, सरकार ने पहले कोर्ट में बताया था कि राफेल की कीमत और बाकी डिटेल कैग और पीएसी के साथ साझा किए गए हैं. कैग और पीएससी में जानकारियों की समीक्षा की गई थी. जिसकी रिपोर्ट भी बाद में सुप्रीम कोर्ट को सौंपा गया. जबकि, शनिवार को कोर्ट में दायर अर्जी में केंद्र सरकार ने कहा कि उसने सिर्फ रिपोर्ट और रिपोर्ट दर्ज करने के प्रोसेस का हवाला दिया था.
Loading...

सरकार ने कहा कि पहले दिए गए एफिडेविट में कुछ टाइपो एरर्स (टाइपिंग में हुई गलतियां) हैं. जिनकी कोर्ट में गलत व्याख्या हो गई. इसलिए कोर्ट से अपील है कि इन खामियों को ठीक कर लें.


राफेल पर रविशंकर प्रसाद का पलटवार, कहा- क्या राहुल गांधी SC से भी ऊपर हैं?

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राफेल सौदे पर मोदी सरकार को क्लीन चिट दे दी. कोर्ट ने भारत और फ्रांस के बीच 23 सितंबर 2016 को हुए राफेल विमान सौदे के खिलाफ दायर जांच संबंधी सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया. कोर्ट के इस फैसले पर असंतुष्टि जाहिर करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वो साबित करके रहेंगे कि इस डील में चोरी हुई है.

राहुल गांधी ने राफेल सौदे पर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, 'सरकार को समझाना होगा कि कैग की रिपोर्ट कहां है? इसे PAC चेयरमैन मल्लिकार्जुन खड़गे को दिखाया जाए. शायद एक अलग PAC समानांतर चल रही है, शायद एक अलग संसद में, शायद फ्रांस की संसद में. यह संभव है कि मोदी जी ने PMO में अपना स्वयं का PAC गठित किया हो.'

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 15, 2018, 5:47 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...