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कृषि कानून वापसी बिल पास होने के बाद राहुल का केंद्र पर हमला, बोले- चर्चा से डरती है सरकार

कृषि कानून वापसी बिल पास होने के बाद राहुल का केंद्र पर हमला, बोले- चर्चा से डरती है सरकार

वायनाड से सांसद और कांग्रेस नेता राहुल गांधी.  (फाइल फोटो)

वायनाड से सांसद और कांग्रेस नेता राहुल गांधी. (फाइल फोटो)

Farm Laws Repealed : कांग्रेस नेता और वायनाड से सांसद राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) ने केंद्र सरकार (central government) पर निशाना साधते हुए कहा कि कृषि कानूनों को बिना चर्चा किए निरस्‍त करना (Farm Laws Repealed), दुर्भाग्‍यपूर्ण है. संसद के दोनों सदनों में कृषि कानूनों को निरस्‍त करने के बिल के पारित हो जाने के बाद राहुल गांधी संवाददाता सम्‍मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्‍होंने कहा कि आगामी राज्‍य चुनावों को देखते हुए केंद्र सरकार ने यह निर्णय लेने का विचार बनाया होगा.

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    नई दिल्‍ली. कांग्रेस नेता और वायनाड से सांसद राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) ने केंद्र सरकार (central government) पर निशाना साधते हुए कहा कि कृषि कानूनों को बिना चर्चा किए निरस्‍त करना (Farm Laws Repealed) दुर्भाग्‍यपूर्ण है. संसद के दोनों सदनों में कृषि कानूनों को निरस्‍त करने के बिल के पारित हो जाने के बाद राहुल गांधी संवाददाता सम्‍मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्‍होंने कहा कि आगामी राज्‍य चुनावों को देखते हुए केंद्र सरकार ने यह निर्णय लेने का विचार बनाया होगा. उन्‍होंने कहा कि हमने सरकार से पहले ही मांग की थी कि इन कृषि कानूनों को वापस लें. उन्‍होंने कहा कि  सरकार ने अब इन कानूनों को निरस्‍त कर दिया है. हालांकि यह दुर्भाग्‍यपूर्ण है कि कृषि कानूनों को बिना चर्चा के निरस्‍त कर दिया गया. यह सरकार चर्चा कराने से डरती है.

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि यह सच है कि केंद्र सरकार, भारतीय जनता की ताकत का सामना नहीं कर सकती जिसका प्रतिनिधित्‍व इस मामले में किसान कर रहे हैं. विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बीच संसद सत्र को 12 बजे तक के लिए स्‍थगित कर दिया गया था. ऐसे में वायनाड के सांसद भी संसद से बाहर आ गए थे. उन्‍होंने दावा किया कि इस सरकार पर कुछ ऐसे लोगों के समूह का कब्जा है जो गरीब विरोधी है तथा किसानों-मजदूरों के हितों को नुकसान पहुंचा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि इन कानूनों का निरस्त किया जाना किसानों, मजदूरों की देश की जीत है तथा अब सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) समेत उनकी अन्य मांगें भी स्वीकार करनी चाहिए.

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    कांग्रेस नेता ने कहा, ‘700 किसान भाइयों ने जान दी, उनके बारे में चर्चा होनी थी. चर्चा इस बारे में भी होनी थी कि इन कानूनों के पीछे कौन सी ताकत थी, ये क्यों बनाए गए? एमएसपी और किसानों को दूसरी समस्याओं, लखीमपुर खीरी और गृह राज्य मंत्री (अजय मिश्रा टेनी) को लेकर चर्चा होनी थी. सरकार ने यह नहीं होने दिया.’ उनके मुताबिक, ‘सरकार थोड़ा भ्रम में है. वह सोचती है कि किसान और मजदूर गरीब हैं, उन्हें दबाया जा सकता है. लेकिन इस घटनाक्रम ने दिखाया है कि किसानों और मजदूरों को दबाया नहीं जा सकता.’ एक सवाल के जवाब में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘ये तीनों कानून किसानों और मजदूरों पर आक्रमण थे. किसानों की मांगों की लंबी सूची है जिसका हम समर्थन करते हैं.’

    दरअसल लोकसभा के शुरू होने के बाद कृषि कानून निरस्‍त विधेयक 2021 को पारित किया गया वहीं यह विधेयक आज ही उच्‍च सदन में भी पारित हो गया. इस मामले में गुरु नानक जयंती के दिन 19 नवंबर को राष्‍ट्र के नाम एक संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्‍त करने की घोषणा की थी. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले सप्ताह इस विधेयक को मंजूरी दी थी. संसद का शीतकालीन सत्र 23 दिसंबर तक जारी रहेगा. (भाषा इनपुट के साथ)

    Tags: Central government, Congress leader Rahul Gandhi, Farm Laws Repealed

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