CAG ऑडिट में राफेल के ‘ऑफसेट सौदे का उल्लेख नहीं’, राहुल गांधी ने सरकार को घेरा

CAG ऑडिट में राफेल के ‘ऑफसेट सौदे का उल्लेख नहीं’, राहुल गांधी ने सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना (फाइल फोटो)

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने खबर को शेयर किया, जिसमें दावा किया गया है कि कैग (CAG) ने रक्षा ‘ऑफसेट’ अनुबंधों को लेकर अपनी ‘परफॉर्मेंस ऑडिट’ रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है जिसमें राफेल विमानों (Rafael Aircraft) की खरीद के संदर्भ में किसी ‘ऑफसेट’ अनुबंध का उल्लेख नहीं है.

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नई दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के ऑडिट में राफेल विमान (Rafael Aircraft) सौदे के ‘ऑफसेट अनुबंध’ का उल्लेख नहीं किए जाने के दावे वाली एक खबर को लेकर शनिवार को मोदी सरकार (Modi government) पर हमला बोला. वहीं बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि 2024 का लोकसभा चुनाव राफेल मुद्दे पर लड़ने के लिए राहुल का स्वागत है.

एक अंग्रेजी दैनिक में खबर प्रकाशित होने के बाद शनिवार को राफेल सौदे को लेकर यह नया विवाद शुरू हो गया. इस खबर में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि कैग ने रक्षा ‘ऑफसेट’ अनुबंधों को लेकर अपनी ‘परफॉर्मेंस ऑडिट’ रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है जिसमें राफेल विमानों की खरीद के संदर्भ में किसी ‘ऑफसेट’ अनुबंध का उल्लेख नहीं है. इस बीच, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि ‘डिफेंस ऑफसेट परफॉर्मेंस’ पर कैग की रिपोर्ट संसद के आगामी सत्र में पेश की जाएगी और फिर इसका विवरण सभी के समक्ष होगा.

राफेल को लेकर राहुल ने बोला हमला



खबर में ‘ऑडिट से संबंधित लोगों’ के हवालों से यह दावा भी किया गया है कि रक्षा मंत्रालय ने कैग को सूचित किया है कि राफेल की निर्माता कंपनी दसाल्ट ने कहा है कि अनुबंध के तीन साल पूरा होने के बाद ही वह ऑफसेट साझेदारों के बारे में कोई ब्यौरा साझा करेगी. राहुल गांधी ने खबर का हवाला देते हुए ट्वीट किया, ‘राफेल (सौदे) में भारतीय खजाने से पैसे चोरी कर लिए गए.’ कांग्रेस नेता ने महात्मा गांधी के एक कथन का हवाला देते हुए कहा, ‘‘सत्य एक है, रास्ते अनेक हैं.’
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने किया पलटवार

राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट किया, ‘राहुल गांधी के कई सहयोगी निजी तौर पर यह बताते हैं कि अपने पिता के पापों को धोने के लिए राफेल को लेकर राहुल की जो सनक है, उससे पार्टी को नुकसान हो रहा है. परंतु अगर कोई अपने ही विध्वंस का इंतजार कर रहा है तो शिकायत करने वाले हम कौन होते हैं?’ उन्होंने कहा, ‘हम राहुल गांधी को 2024 का चुनाव राफेल के मुद्दे पर लड़ने के लिए आमंत्रित करते हैं.’

इस खबर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए निर्मला सीतारमण ने ट्वीट किया, ‘‘कैग रिपोर्ट 2020 के बजट सत्र में पेश की जानी थी, लेकिन कोरोना संकट के कारण सत्र निर्धारित समय से पहले ही खत्म हो गया. अब यह रिपोर्ट अगले सत्र में रखी जाएगी. इसके बाद इसका ब्यौरा सभी को पता चल जाएगा.’’ माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने भी इस खबर का हवाला देकर सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया किया कि क्या इस सरकार के तहत कोई भी संवैधानिक इकाई स्वतंत्र रह सकती है?

सुप्रीम कोर्ट ने दी थी क्लीनचिट

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा समेत पार्टी के कई अन्य नेताओं ने भी इस खबर को लेकर सरकार पर निशाना साधा. भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने 36 राफेल विमान खरीदने के लिए 59,000 करोड़ रुपये के सौदे पर 2016 में हस्ताक्षर किया था. कांग्रेस ने इस सौदे में अनियमितता का आरोप लगाया था, हालांकि 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने इस सौदे को लेकर सरकार को क्लीनचिट प्रदान की थी.

गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने राफेल विमान सौदे को मुख्य मुद्दा बनाया था और इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला था. उस चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था.
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