राहुल गांधी बोले- राज्यों के लिए GST का पैसा नहीं, PM के लिए प्लेन खरीद रही सरकार

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सरकार पर बड़े उद्योगपतियों के लिए काम करने का आरोप लगाया.
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सरकार पर बड़े उद्योगपतियों के लिए काम करने का आरोप लगाया.

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सोमवार को अपने ट्वीट में कुछ पॉइंट्स हाइलाइट करते हुए आरोप लगाया कि पहले केंद्र सरकार ने राजस्व देने का वादा किया, लेकिन जब अर्थव्यवस्था (Economy) ठप हो गई तो अब केंद्र अपने वादे से मुकर रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 12, 2020, 1:58 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज होने वाली जीएसटी काउंसिल (GST Council Meeting) की बैठक से पहले मोदी सरकार (Modi Government) पर एक बार फिर हमला बोला है. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सरकार पर बड़े उद्योगपतियों के लिए काम करने का आरोप लगाया. उन्होंने जीएसटी राजस्व में राज्यों को हिस्सा ना देने को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने पीएम मोदी के लिए 8 हजार करोड़ के विमान खरीद का हवाला देते हुए सरकार पर फिजूल खर्ची की बात कहते हुए तंज कसा है.

राहुल गांधी ने सोमवार को अपने ट्वीट में कुछ पॉइंट्स हाइलाइट करते हुए आरोप लगाया कि पहले केंद्र सरकार ने राजस्व देने का वादा किया, लेकिन जब अर्थव्यवस्था ठप हो गई तो अब केंद्र अपने वादे से मुकर रहा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लिखा कि आपके मुख्यमंत्री आपका भविष्य नरेंद्र मोदी के पास क्यों गिरवी रख रहे हैं?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 12:30 बजे करेंगी प्रेस कॉन्फ्रेंस, आर्थिक स्थिति की देंगी जानकारी



राहुल ने अपने ट्वीट में गिनाए ये पॉइंट्स:-
>>केंद्र सरकार ने राज्यों से जीएसटी राजस्व देने का वादा किया.
>>कोरोना संकट और पीएम मोदी की वजह से अर्थव्यवस्था ठप हो गई.
>>पीएम मोदी ने 1.4 लाख करोड़ का टैक्स कट कॉरपोरेट को दिया, खुद के लिए 8400 करोड़ के दो प्लेन खरीदे.
>>अब केंद्र के पास राज्यों को देने के लिए पैसा नहीं है.
>> वित्त मंत्री राज्यों को कहती हैं कि उधार लीजिए.



क्या है जीएसटी का मामला?
बता दें कि जीएसटी पास होने के बाद केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को जीएसटी कलेक्शन का हिस्सा देने की बात कही गई थी, लेकिन काफी वक्त तक कुछ राज्यों का कलेक्शन केंद्र के पास अटका रहा. उसके बाद जब कोरोना का संकट, जीडीपी में गिरावट आई तो ये संकट गहराता गया. अब जब राज्यों की ओर से केंद्र पर राजस्व देने का दबाव बनाया गया तो केंद्र की ओर से उधार लेने की बात कही गई, ताकि राज्य अपना खर्च चला सके.



सरकार ने दिए ये ऑप्शन
इसके एवज में केंद्र ने राज्यों को जीएसटी की भरपाई के लिए कर्ज के दो विकल्प दिए थे. इसके तहत 97 हजार करोड़ का कर्ज आरबीआई की स्पेशल विंडो से ले सकते हैं या पूरे 2.35 लाख करोड़ बाजार से जुटा सकते हैं. साथ ही लग्जरी और हानिकारक उत्पादों पर सेस वसूली की अवधि बढ़ाने का भी प्रस्ताव था. विपक्ष सरकार को अब इसी मुद्दे पर घेर रहा है.

जीएसटी काउंसिल की बैठक राजस्व घाटे पर होगी चर्चा
जीएसटी काउंसिल की बैठक में आज एक बार फिर राज्यों को जीएसटी राजस्व में हुए घाटे की भरपाई को लेकर चर्चा होगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में राज्यों के वित्त मंत्रियों वाली परिषद लगातार तीसरी बार जीएसटी राजस्व में कमी की क्षतिपूर्ति को लेकर चर्चा करने वाली है.

जीएसटी काउंसिल की 43वीं बैठक आज, वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ले सकती हैं ये अहम फैसला

इस बैठक में क्षतिपूर्ति को लेकर आम सहमति बनाने के लिए एक मंत्रिस्तरीय समिति गठित करने के गैर-बीजेपी शासित राज्यों के सुझाव पर गौर किया जा सकता है. विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित कुछ राज्य यह सुझाव दे रहे हैं कि इस मामले में आम सहमति बनाने के लिए मंत्री स्तर की कमेटी का गठन हो.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज