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राहुल गांधी का दावा- केंद्र ने माफ किए खरबों रुपये, इतने में 11 करोड़ परिवारों को मिलते 20-20 हजार रुपये

 (Photo by Prakash SINGH / AFP)
(Photo by Prakash SINGH / AFP)

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने दावा किया कि केंद्र की मोदी सरकार ने उद्योगपतियों के खरबों रुपए माफ कर दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 31, 2020, 11:58 AM IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने आरोप लगाया है कि केंद्र की मोदी सरकार ने उद्योगपतियों के खरबों रुपए माफ कर दिया. उनका दावा है कि जितने रुपये माफ किए गए हैं उतने में '11 करोड़ परिवारों को 20-20 हज़ार रुपये मिल सकते थे.' बता दें कोरोना संकट काल के शुरुआती दौर में ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार  से बार-बार अपील की थी कि वह लोगों को कम से कम 10,000 रुपये की आर्थिक मदद करे. राहुल के इस प्रस्ताव का  नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी ने भी समर्थन किया था.

वायनाड सांसद ने गुरुवार को ट्वीट किया कि - '23,78,76,0000000 रुपये का क़र्ज़ इस साल मोदी सरकार ने कुछ उद्योगपतियों का माफ़ किया. इस राशि से कोविड के मुश्किल समय में 11 करोड़ परिवारों को 20-20 हज़ार रुपये दिए जा सकते थे. मोदी जी के विकास की असलियत!'

इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने किसान संगठनों और सरकार के बीच नए दौर की बातचीत की पृष्ठभूमि में बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश के किसान विश्वास नहीं करते.





1 महीने से किसान कर रहे आंदोलन
उन्होंने प्रधानमंत्री के पूर्व के कुछ बयानों का हवाला देते हुए ट्वीट किया, ‘हर बैंक खाते में 15 लाख रुपये और हर साल दो करोड़ नौकरियां. 50 दिन दीजिए, नहीं तो.... हम कोरोना वायरस के खिलाफ 21 दिनों में युद्ध जीतेंगे. न तो कोई हमारी सीमा में घुसा है और न किसी चौकी पर कब्जा किया है.’ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘मोदी जी के ‘असत्याग्रह’ के लंबे इतिहास के कारण उन पर किसान विश्वास नहीं करते.’

उन्होंने ट्विटर पर ऑनलाइन सर्वेक्षण के लिए एक प्रश्न भी पोस्ट किया और जवाब के लिए चार विकल्प दिए. राहुल गांधी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री कृषि कानूनों को निरस्त करने से इनकार कर रहे क्योंकि: वह किसान विरोधी हैं, उनको पूंजीपति चलाते हैं, अहंकारी हैं या फिर इनमें सभी (विकल्प) सही है.’

गौरतलब है कि दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर अलग-अलग राज्यों के किसान पिछले एक महीने से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं. वे केंद्र सरकार से तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने की मांग कर रहे हैं.
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