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राहुल गांधी ने 15 मिनट में चीन को 100 किमी पीछे धकेलना का किया था दावा, इंटरनेट यूजर्स ने लगाई क्लास

राहुल गांधी ने 15 मिनट में चीन को 100 किमी पीछे धकेलना का किया था दावा, इंटरनेट यूजर्स ने लगाई क्लास

किसानों के समर्थन में एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने दिया था यह बयान (फाइल फोटो)

किसानों के समर्थन में एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने दिया था यह बयान (फाइल फोटो)

इंटरनेट यूजर्स (Internet Users) ने सोशल मीडिया (Social Media) के साथ ही कोरा (Quora) पर भी राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को उनके परनाना के दौर में 1962 में तत्कालीन जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के बड़े भू-भाग पर हुए चीनी कब्जे की याद दिलानी शुरू कर दी. इसके अलावा भी यूजर्स ने कई फैक्ट्स कांग्रेस नेता के सामने रखे.

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    राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने हाल ही में हरियाणा (Haryana) में अपनी रैली के दौरान एक ऐसा बयान दिया था, जिसके बाद सोशल मीडिया (Social Media) पर तूफान खड़ा हो गया. राहुल गांधी के बयानों पर ऐसा होना कोई नई बात नहीं है लेकिन इस बार बयान इतना ज्यादा अतिश्योक्ति से भरा था कि लोगों ने फेसबुक और ट्विटर पर तो जमकर चुटकुले बनाए ही, यह दौर कोरा (Quora) तक भी जा पहुंचा. दरअसल राहुल गांधी ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कृषि कानूनों (Farm Laws) के विरोध के लिए आयोजित एक रैली में चीन के प्रति केंद्र सरकार (Central Government) के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा था, "'कायर' प्रधानमंत्री कहते हैं कि किसी ने भी हमारी जमीन नहीं ली है. आज, केवल एक देश दुनिया में है, जिसकी जमीन किसी दूसरे देश ने ली है. और प्रधानमंत्री (prime minister) खुद को 'देशभक्त' कहते हैं. अगर हम सत्ता में होते, तो हमारी सेना, हमारी वायुसेना उठाकर चीन को 100 किमी पीछे कर देती."

    इसके बाद से ही लोगों ने सोशल मीडिया (Social Media) के साथ ही कोरा पर भी राहुल गांधी को उनके परनाना के दौर में तत्कालीन जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के बड़े भू-भाग पर हुए चीनी कब्जे की याद दिलानी शुरू कर दी. किसी ने कहा कि 15 मिनट में 100 किमी का मलतब यह हुआ कि 1 घंटे में 400 किमी. यह तभी संभव है जबकि ट्रेन डीजल (Diesel) से चलना बंद कर दे. मोहसिन रज़ा ने कोरा पर लिखा, राहुल ने 15 मिनट बोल दिए, उन्हें 15-20 दिन बोलना चाहिए था. वहीं विभान भट्टाचार्य ने लिखा- वे इकलौते पर्सन हैं, जो सब्जी (vegatable) को मेटल (metal) में बदल सकते हैं. उनके पावर को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

    लोगों ने इस दौरान कई सारे तथ्यों की याद भी उन्हें दिलाई. ये हैं वो तथ्य, जिनकी ओर लोगों ने कांग्रेस नेता का ध्यान खींचा-

    जब भारत ने खोया अक्साई चीन, सत्ता में थी कांग्रेस
    साल 1962 में चीन ने भारत पर हमला किया था. एक महीने से ज्यादा चले इस युद्ध में चीन ने भारत के बड़े भूभाग पर कब्जा कर लिया था. इन भू-भागों में अक्साई चिन जैसे इलाके शामिल थे. तब राहुल गांधी के परनाना जवाहरलाल नेहरू भारत के पीएम थे. भारत के सबसे ताकतवर प्रधानमंत्रियों में से एक माने जाने वाले नेहरू भी इस चीनी आक्रमण के खिलाफ पूरी तरह असफल रहे थे.

    यूपीए 2 में मंत्री एके एंटनी ने सीमा नीति पर मानी थी गलती
    यूपीए की दूसरी सरकार में रक्षा मंत्री एके एंटनी ने 6 सितंबर, 2013 को भारतीय संसद में दिए गये बयान में माना था कि कांग्रेस की सरकार की सीमाई इलाकों में विकास न कराने की नीति रही है. और यह नीति असफल भी साबित हुई है क्योंकि इसी का फायदा उठाकर चीन ने भारत में घुसपैठ की कोशिशें की हैं. इतना ही नहीं लोगो राहुल गांधी को 2013 की नेशनल सिक्योरिटी एडवायजरी बोर्ड की रिपोर्ट की याद भी दिला रहे हैं, जिसमें कहा गया था कि चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख के 640 वर्ग किमी इलाके पर कब्जा कर लिया है. हालांकि इस रिपोर्ट को लेकर हुए हंगामे के बीच UPA सरकार ने इसे खारिज कर दिया था. लोगों ने पूछा है कि तब क्यों राहुल गांधी ने चीन को 15 मिनट में 100 किमी पीछे नहीं खदेड़ा था.

    इन मौकों पर चीन ने की भारत के इलाके कब्जाने की कोशिश
    -- पहली बार 1962 में हुए युद्ध के दौरान चीन ने अक्साई चिन के पूरे इलाके पर कब्जा कर लिया था. यह करीब 38 हजार वर्ग किमी का इलाका है. यानि दक्षिण कोरिया और यूएई जैसे देशों जितना बड़ा.
    -- इसके अगले ही साल 1963 में पाक ने PoK की करीब 5180 वर्ग किमी जमीन चीन को उपहार में दी थी. हालांकि उस समय नेहरू ही सत्ता में थे लेकिन इस पर बहुत कड़ी प्रतिक्रिया नहीं आई.
    -- वहीं भारतीय राज्य अरुणाचल प्रदेश पर भी चीन लंबे समय से अपना हक जताता आया है. वह कहता रहा है कि यहां की करीब 90 हजार वर्ग किमी जमीन उसकी है. हालांकि यहां उसकी दाल नहीं गलने दी गई है.
    -- लद्दाख के इलाके में चीन की ओर से हमेशा छोटी-छोटी घुसपैठ की खबरें आती रही थीं. लेकिन किसी कठोर जवाबी प्रक्रिया के बिना चीन के हौसले बढ़ते गये. 2013 में नेशनल सिक्योरिटी एडवायजरी बोर्ड ने दावा किया था कि धीरे-धीरे चीन 640 वर्ग किमी का और इलाका कब्जा चुका है लेकिन तत्कालीन सरकार ने दावे को तुरंत ही खारिज कर दिया था.

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    कांग्रेस के मजबूत PM कब्जे वाले इलाके वापस लेने को आगे नहीं आये
    इस दौरान कांग्रेस की ओर से इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और मनमोहन सिंह जैसे मजबूत पीएम सत्ता में आ चुके हैं लेकिन किसी ने भी चीन के मोर्चे पर कोई कठोर कदम नहीं उठाया है. 2017 में एक आरटीआई में बताया गया था कि चीन का वर्तमान में भारत के कुल 43 हजार 180 वर्ग किमी इलाके पर अवैध कब्जा है. और चीन ने LAC के इलाके में काफी सैन्य साजो समान, सड़कें और युद्ध सामग्री जुटा ली थी, जबकि भारत ऐसा करने में काफी पीछे रहा था. ऐसे में राहुल गांधी के बयान पर सवालों को उठना जायज है.undefined

    Tags: China, India china ladakh, Jammu kashmir, Jawaharlal Nehru, Ladakh Border Dispute, Pakistan, Rahul gandhi, Social media

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