लोकसभा में अब राहुल गांधी को नहीं मिलेगी पहली लाइन में जगह, जानें वजह

लोकसभा स्पीकर के कार्यालय से इंडिविजुअल सीट के औपचारिक बंटवारे के हिसाब से अब राहुल गांधी को सदन में दूसरी लाइन में बैठने की जगह दी जा सकती है.

News18Hindi
Updated: July 9, 2019, 11:27 AM IST
लोकसभा में अब राहुल गांधी को नहीं मिलेगी पहली लाइन में जगह, जानें वजह
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया था.
News18Hindi
Updated: July 9, 2019, 11:27 AM IST
कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने के बाद लोकसभा में राहुल गांधी की जगह बदल गई है. अब 17वीं लोकसभा के सीटिंग अरेंजमेंट के तहत राहुल गांधी दूसरी लाइन में बैठे नज़र आएंगे. फिलहाल राहुल विपक्ष के बेंच पर सोनिया गांधी के बगल में पहली लाइन में बैठे दिख रहे हैं. लेकिन, स्पीकर के कार्यालय से इंडिविजुअल सीट के औपचारिक बंटवारे के हिसाब से अब उन्हें दूसरी लाइन में बैठने की जगह दी जा सकती है. वहीं, सोनिया गांधी ने संसदीय दलों की सहमति से संसद की पब्लिक अकाउंट्स कमिटी (PAC) के अध्यक्ष पद के लिए अधीर रंजन चौधरी का नाम केंद्र सरकार और स्पीकर के पास भेजा है. चौधरी लोकसभा में पार्टी के नेता हैं.

कर्नाटक में सियासी घमासान की पल-पल  की अपडेट्स यहां पढ़ें

सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस को अपोजिशन बेंच की पहली लाइन में दो सीटें मिली हैं. वहीं, इसकी सहयोगी और दूसरी बड़ी विपक्षी पार्टी डीएमके को कांग्रेसी नेताओं के बगल में एक सीट मिली है. ऐसे में साफ है कि कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, सदन में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी और डीएमके नेता टी आर बालू विपक्षी बेंच की पहली लाइन की तीन सीटों पर बैठेंगे.

विपक्षी दल को ही मिलता है पीएसी चेयरमैन का पद

बता दें कि स्पीकर सरकार और विपक्षी नेताओं से मिलकर पीएसी चेयरमैन के नाम की आधिकारिक घोषणा करते हैं. परंपरागत तौर पर पीएसी चेयरमैन का पद प्रमुख विपक्षी दल को मिलता रहा है. इसलिए इस बार भी ये पद कांग्रेस को मिला. पिछली लोकसभा में के वी थॉमस का कार्यकाल खत्म होने के बाद यह पद कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को मिला था.

15 जुलाई के पहले होगी कांग्रेस CWC की बैठक, नए अध्यक्ष की तलाश तेज

चुनाव में हार के बाद राहुल ने किया इस्तीफे का ऐलान
Loading...

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया था. कांग्रेस नेता तब से उन्हें इस्तीफा वापस लेने के लिए मनाने पर लगे हुए थे, लेकिन राहुल अपनी जिद पर अड़े रहे. उन्होंने हाल ही में अपना इस्तीफा सार्वजनिक किया था.

चार पन्ने का इस्तीफा ट्वीट करते हुए राहुल ने पोस्ट लिखा था, 'चुनाव में हार की जिम्मेदारी किसी को तो लेनी होगी, मैं अध्यक्ष हूं इसलिए मैं ये जिम्मेदारी लेता हूं.' चिट्ठी में राहुल गांधी ने लिखा था कि 'पार्टी को तुरंत वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाकर नया अध्यक्ष चुनना चाहिए.' इसके साथ ही राहुल गांधी ने अपना ट्विटर प्रोफाइल अपडेट करके कांग्रेस अध्यक्ष की जगह पर कांग्रेस सदस्य कर दिया.

गोवा के डिप्टी CM बोले- बंदर जैसे हैं कांग्रेस MLAs, इधर-उधर कूदते रहते हैं

10 जुलाई को करेंगे अमेठी का दौरा
कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद अब राहुल गांधी अमेठी में अपनी हार के कारणों की समीक्षा करेंगे. केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी बुधवार (10 जुलाई) को अमेठी में ही स्मृति ईरानी से हार झेलने के कारण तलाशेंगे. बता दें कि अमेठी लोकसभा क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ रहा है. यहां से राहुल गांधी 2004, 2009 और 2014 में चुनाव जीते थे. इतना ही नहीं, वह कांग्रेस में शीर्ष पद पर पहुंचे. इसके बाद भी उनको 2019 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी से शिकस्त मिली.
First published: July 9, 2019, 11:14 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...