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अध्यक्ष ना बनने पर अडिग हैं राहुल गांधी, अब प्लान बी पर विचार कर रही कांग्रेस- रिपोर्ट

 (PTI Photo/Kamal Kishore)
(PTI Photo/Kamal Kishore)

कांग्रेस के दो नेताओं ने दावा किया है कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) अब भी कांग्रेस अध्यक्ष बनने को तैयार नहीं हैं. वहीं एक अन्य तीसरे नेता ने कहा कि अब यह लगभग निश्चित है कि राहुल अध्यक्ष बनकर नहीं लौटेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 30, 2020, 4:06 PM IST
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नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव 2019 में मिली हार के बाद कांग्रेस (Congress) अध्यक्ष रहे राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इस पद से इस्तीफा दे दिया था. राहुल को इस्तीफा दिए हुए 18 महीने से ज्यादे का वक्त हो चुका है, लेकिन अब तक कांग्रेस कोई स्थायी अध्यक्ष नहीं खोज पाई है. कई मौकों पर पार्टी नेता यह बयान जरूर देते आए हैं कि कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ही होंगे. अब कांग्रेस के दो नेताओं ने दावा किया है कि वायनाड सांसद राहुल अब भी कांग्रेस अध्यक्ष बनने को तैयार नहीं हैं. वहीं एक अन्य तीसरे नेता ने कहा कि अब यह लगभग निश्चित है कि राहुल अध्यक्ष बनकर नहीं लौटेंगे. वहीं राहुल के बतौर पार्टी अध्यक्ष पद स्वीकार ना करने की दशा में पार्टी के पास प्लान बी भी है.

राहुल कांग्रेस की 136वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर रविवार को विदेश दौरे पर चले गए. राहुल का यह दौरा ऐसे समय में है जब हजारों किसानों ने कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर मोर्चा खोल रखा है. ऐसे में यह माना जा रहा है कि राहुल के विदेशी दौरे से जो संदेश कांग्रेस नेतृत्व में भेजा गया, वह यह है कि राहुल पार्टी अध्यक्ष के रूप में वापसी के लिए उत्सुक नहीं हैं.

अंग्रेजी अखबार द हिन्दुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार पूरे मामले से वाकिफ कांग्रेस नेता ने कहा कि 'वरिष्ठ नेता उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं. सभी ने सोनिया गांधी से बात की है ताकि उनका मन बदला जा सके, लेकिन हम कह सकते हैं कि वह अनिच्छुक हैं.'




राहुल ने कहा- मैं एक सामान्य कार्यकर्ता
कांग्रेस के चिट्ठी लिखने वाले समूह के साथ हुई 19 दिसंबर की एक बैठक में भी राहुल से पार्टी के सीनियर लीडर्स ने कहा कि वह पद पर वापस लौट आएं. हालांकि राहुल उस वक्त चुप रहे. कुछ देर बाद उन्होंने कहा कि 'मैं आपकी तरह ही एक सामान्य कार्यकर्ता हूं और उसी तरह काम करूंगा.'

परिवार के करीबी लोगों का मानना है कि इसकी संभावना नहीं है कि राहुल अपना मन बदल लेंगे, लेकिन उनकी कोर टीम का कहना है कि वह उन्हें मना लेगी. अखबार की रिपोर्ट के अनुसार राहुल के ना मानने की दशा में पार्टी के पास प्लान बी भी है.

क्या है कांग्रेस का प्लान बी?
पार्टी को भेजे गए अगस्त के पत्र  में नेताओं ने सुझाव दिया कि कांग्रेस एक सामूहिक नेतृत्व प्रणाली अपनाना चाहिए. प्लान बी के अनुसार, पार्टी अध्यक्ष के रूप में सोनिया गांधी के अधीन काम करने के लिए चार उपाध्यक्ष (प्रत्येक क्षेत्र के लिए एक) नियुक्त कर सकती हैं.

रिपोर्ट के अनुसार पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि 'उनकी उपस्थिति नाम मात्र शासक की तरह होगी. एक व्यक्ति के रूप में कोई भी उनका विरोध नहीं करता है लेकिन चार उपाध्यक्ष तब सामूहिक रूप से सभी निर्णय लेंगे. उनके पास तीन-चार महासचिव होंगे.'

उन्होंने कहा कि राहुल दिसंबर 2017 में अध्यक्ष बने और उनका कार्यकाल साल 2022 समाप्त होता. उससे  पहले, उन्होंने मई 2019 में पद छोड़ दिया. कांग्रेस की चुनावी हार की जिम्मेदारी ली. जब तक कि आम सहमति वाला उम्मीदवार चुनाव से पहले नहीं मिलता तब तक सोनिया गांधी बतौर अध्यक्ष काम जारी रख सकती हैं.
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