राहुल गांधी का केंद्र पर निशाना, कहा-प्रधानमंत्री में चीन का नाम लेने तक की हिम्मत नहीं

राहुल गांधी का केंद्र पर निशाना, कहा-प्रधानमंत्री में चीन का नाम लेने तक की हिम्मत नहीं
राहुल गांधी ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा है.

भारत-चीन (India-China Standoff) के बीच चल रहे विवाद मामले पर लगातार केंद्र सरकार पर हमला बोल रहे राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर निशाना साधा है.

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  • Last Updated: August 6, 2020, 5:50 PM IST
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नई दिल्ली. भारत-चीन (India-China Standoff) के बीच चल रहे विवाद पर केंद्र सरकार पर लगातार हमला बोल रहे राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने कहा, 'चीन (China) के खिलाफ खड़े होने की बात तो भूल ही जाइए, भारत के प्रधानमंत्री में उनका नाम लेने तक की हिम्मत नहीं है. चीन के हमारे इलाके में होने को नकारने और वेबसाइट से डॉक्यूमेंट हटा लेने से तथ्य नहीं बदल जाएंगे.'

इससे पहले राहुल गांधी ने रक्षा मंत्रालय के उस दस्तावेज से जुड़ी खबर को ट्वीट करते हुए लिखा था, 'प्रधानमंत्री झूठ क्यों बोल रहे हैं?' दरअसल, पिछले महीने गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई खूनी झड़प के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि न तो कोई भारतीय क्षेत्र में घुसा था और न ही कोई अभी घुसा हुआ है.'

गलवान घाटी में हुआ था खूनी संघर्ष
राहुल गांधी पीएम मोदी के इसी बयान को लेकर उन पर झूठ बोलने का आरोप लगा रहे हैं. गलवान घाटी में हुए खूनी संघर्ष में भारत के 21 जवान शहीद हुए थे जबकि चीन के कम से कम 45 सैनिक मारे गए थे. हालांकि, चीन ने अपने सैनिकों के मारे जाने की बात तो कबूली थी लेकिन आधिकारिक तौर पर उसने यह कभी नहीं बताया कि उसके कितने सैनिक मारे गए.
रक्षा मंत्रालय ने स्वीकार की अतिक्रमण की बात


मंगलवार को रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड हुए दस्तावेज में पहली बार आधिकारिक तौर पर चीनी सैनिकों के भारतीय क्षेत्रों के अतिक्रमण की बात स्वीकार को किया गया था. इसमें लिखा था कि चीनी पक्ष ने 17-18 मई को कुगरांग नाला (हॉट स्प्रिंग्स के उत्तर में पेट्रोलिंग पॉइंट 15 के पास), गोगरा (पेट्रोलिंग पॉइंट 17 ए) और पैंगोंग सो के उत्तरी किनारे पर अतिक्रमण किया था. हालांकि अब इन्हें रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट से हटा लिया गया है.
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