राहुल गांधी ने फिर किया मोदी सरकार पर प्रहार, कहा- ‘न्यूनतम शासन, अधिकतम निजीकरण’ केंद्र सरकार की सोच है

राहुल गांधी ने फिर किया मोदी सरकार पर प्रहार, कहा- ‘न्यूनतम शासन, अधिकतम निजीकरण’ केंद्र सरकार की सोच है
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना (File Photo)

कांग्रेस ने रेलवे की भर्तियों में ‘विलंब’, अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी की स्थिति को लेकर शुक्रवार को भी सरकार पर निशाना साधा था. पार्टी ने आरोप लगाया था कि जब इन मुद्दों पर सरकार से सवाल किए जाते हैं तो जवाब गायब हो जाते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 5, 2020, 1:43 PM IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने शनिवार को आरोप लगाया कि ‘न्यूनतम शासन, अधिकतम निजीकरण’ इस सरकार की सोच है. उन्होंने एक खबर साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘मोदी सरकार की सोच - न्यूनतम शासन, अधिकतम निजीकरण.’ कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘कोविड तो बस बहाना है, सरकारी दफ़्तरों को स्थायी ‘स्टाफ़-मुक्त’ बनाना है, युवा का भविष्य चुराना है, ‘मित्रों’ को आगे बढ़ाना है.’ राहुल गांधी ने जो खबर साझा की है उसके मुताबिक, कोरोना संकट को देखते हुए सरकार ने नयी सरकारी नौकरियों के सृजन पर रोक लगा दी है.

वहीं युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी.वी. ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत केन्द्र सरकार ने पिछले छह सालों में 14 करोड़ नौकरियां छीन ली हैं.उन्होंने कहा कि देश में इस समय सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी का है और भारत में सबसे ज्यादा युवा बेरोज़गार हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार और मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने युवाओं के साथ विश्वासघात किया है.श्रीनिवास ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतिवर्ष दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था, इस हिसाब से छह साल में 12 करोड़ रोज़गार देना थे. लेकिन मोदी सरकार ने 14 करोड़ नौकरियां छीन ली है.

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मोदी सरकार ने पिछले छह साल में 14 करोड़ नौकरियां छीन ली हैं : युवा कांगेस
उन्होंने कहा कि भारतीय युवा कांग्रेस देश का सबसे बड़ा संगठन है. देश की जीडीपी 23.7 घट गई है और देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कह रही हैं कि ये ‘एक्ट ऑफ गॉड’ यानी भगवान का किया धरा है. श्रीनिवास ने कहा कि ‘रोजगार दो’ अभियान चलाकर युवा कांग्रेस आने वाले समय में ‘सिग्नेचर कैंपेन’, ‘मिस कॉल’, पोस्टकार्ड लिखकर और प्रधानमंत्री का घेराव कर रोजगार की मांग करेगी. अगर इसके बाद भी युवाओं को रोजगार नहीं मिला तो हम पूरे मंत्रिमंडल के मंत्रियों का घेराव करेंगे. इसी तरह हम भाजपा सरकार को ‘रोजगार दो’ अभियान के जरिए घेरने का काम करेगें.

इसके साथी ही पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि देश के 40 करोड़ लोगों को गरीबी की गर्त में धकेला जा रहा है और यह सरकार ‘गरीब विरोधी’ है.

सुरजेवाला ने एक वीडियो जारी कर कहा, ‘अब सोचने का समय है कि हार्ड वर्क और फ्रॉड वर्क में क्या फर्क है – फ्रॉर्ड वर्क हमने 6 साल के दौरान देखा जहां केवल मुठ्ठी भर उद्योगपतियों ने पैसा कमाया. अगर लॉकडाउन की ही बात करें तो कुछ उद्योगपतियों की आय तो लगभग 35 प्रतिशत बढ़ गई, परंतु जीडीपी, जिससे आय बढ़ती है, वो 24 प्रतिशत कम हो गई.’ (भाषा इनपुट के साथ)
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