RTI संशोधन पर बोले राहुल गांधी- कानून को कमजोर कर रही है सरकार

राहुल गांधी ने यह भी कहा, 'अजीब बात है कि आमतौर पर शोर मचाने वाली भ्रष्टाचार विरोधी भीड़ अचानक से गायब हो गयी है.'

भाषा
Updated: July 28, 2019, 4:09 AM IST
RTI संशोधन पर बोले राहुल गांधी-  कानून को कमजोर कर रही है सरकार
New Delhi: Congress President Rahul Gandhi addresses the CPP General Body Meeting, at Parliament House in New Delhi, Saturday, June 1, 2019. (PTI Photo) (PTI6_1_2019_000050B)
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Updated: July 28, 2019, 4:09 AM IST
सूचना के अधिकार (आटीआई) कानून में संशोधन से जुड़ा विधेयक पिछले दिनों संसद से पारित होने की पृष्ठभूमि में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को भाजपा सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार की मदद करने के मकसद से इस कानून को कमजोर किया जा रहा है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'सरकार आरटीआई को कमजोर कर रही है ताकि भ्रष्टाचार को मदद दी जाए.'

गांधी ने यह भी कहा, 'अजीब बात है कि आमतौर पर शोर मचाने वाली भ्रष्टाचार विरोधी भीड़ अचानक से गायब हो गयी है.' गौरतलब है कि सूचना का अधिकार संशोधन विधेयक को पिछले दिनों संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के भारी विरोध के बीच पारित किया गया.

विपक्ष और कई आरटीआई कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकार इस संशोधन के जरिये आरटीआई कानून को कमजोर कर रही है. दूसरी तरफ, सरकार का कहना है कि वह पारदर्शिता, जन भागीदारी और सरलीकरण के लिए प्रतिबद्ध है तथा यह संशोधन भी इसी क्रम में लाया गया है.

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क्या है संशोधित कानून में?

इस विधेयक में प्रावधान किया गया है कि मुख्य सूचना आयुक्त एवं सूचना आयुक्तों तथा राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एवं राज्य सूचना आयुक्तों के वेतन, भत्ते और सेवा के अन्य निबंधन एवं शर्ते केंद्र सरकार द्वारा तय किए जाएंगे.

विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कार्मिक एवं प्रशिक्षण राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि आरटीआई कानून बनाने का श्रेय भले ही कांग्रेस अपनी सरकार को दे रही है. लेकिन, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के शासन काल में सूचना के अधिकार की अवधारणा सामने आयी थी..
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यह है सरकार का दावा

उन्होंने कहा कि कोई कानून और उसके पीछे की अवधारणा एक सतत प्रक्रिया है जिससे सरकारें समय समय पर जरूरत के अनुरूप संशोधित करती रहती हैं.

सरकार ने विपक्ष के इस आरोप को आधारहीन बताया कि मोदी सरकार के शासनकाल में अधिकतर विधेयकों को संसद की स्थायी या प्रवर समिति में भेजे बिना ही पारित किया जा रहा है. दावा रिया गया कि संप्रग के पहले शासनकाल में पारित कुल 180 विधेयकों में से 124 को तथा दूसरे शासनकाल में 179 में 125 को स्थायी या प्रवर समिति में नहीं भेजा गया था.
First published: July 28, 2019, 12:58 AM IST
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