किसानों से बोले राहुल गांधी- BJP वाले अंग्रेजों के साथ खड़े थे, नए कृषि कानूनों का विरोध जरूरी

राहुल ने एक बार फिर कृषि कानून का विरोध किया और इसे अंग्रेजों का कानून करार दिया.
राहुल ने एक बार फिर कृषि कानून का विरोध किया और इसे अंग्रेजों का कानून करार दिया.

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने आज कई किसानों से इस बिल (Farmers Bill 2020) के बारे में बात की. राहुल ने एक बार फिर कृषि कानून का विरोध किया और इसे अंग्रेजों का कानून करार दिया. उन्होंने कहा कि इन्हें ये बात समझ नहीं आएगी ये लोग तो अंग्रेजों के साथ खड़े थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 29, 2020, 10:52 AM IST
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नई दिल्ली. कृषि कानूनों (Farmers Bill 2020) के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है. किसानों ने अपना आंदोलन अब 2 अक्टूबर तक जारी रखने का फैसला किया है. इस बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कृषि कानूनों को लेकर आज वर्चुअल फॉर्मेट पर किसानों से बात की. राहुल ने एक बार फिर कृषि कानून का विरोध किया और इसे अंग्रेजों का कानून करार दिया. उन्होंने कहा कि बीजेपी वाले अंग्रेजों के साथ खड़े थे.

महाराष्ट्र के एक किसान ने राहुल गांधी से कहा कि अंग्रेजों से लड़ाई के लिए महात्मा गांधी ने कई आंदोलन किए, आज महात्मा गांधी जिंदा होते तो इस कानून का विरोध करते. राहुल गांधी ने इसपर कहा, 'तीन कृषि कानून, नोटबंदी-जीएसटी में कोई फर्क नहीं है. पहले पैर में कुल्हाड़ी मारी और अब दिल में चोट की. सरकार को ये बात समझ नहीं आएगी .ये लोग तो अंग्रेजों के साथ खड़े थे.


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MSP पर दिए गए भरोसे पर भरोसा नहीं
इस बातचीत में किसानों ने राहुल गांधी से कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर जो भरोसा दिया गया, उसपर भरोसा नहीं है. इस कानून से सिर्फ अमीरों का भला होगा. इस पर राहुल ने पूछा कि इस कानून में सबसे खराब क्या है, जिसपर किसान ने कहा कि अगर भला ही करना है तो MSP क्यों नहीं लाते. किसानों ने कहा कि क्या अडानी-अंबानी सीधे किसानों से खरीदेंगे?

देश में आ जाएगी कॉर्पोरेट कंपनी
एक किसान ने राहुल से कहा कि पहले ईस्ट इंडिया कंपनी थी और अब ये कार्पोरेट कंपनी आ जाएगी. राहुल ने एक किसान से सवाल किया कि पीएम मोदी ने MSP का वादा किया है, जिसपर किसान ने कहा कि वो उनकी बात नहीं मान रहे हैं. वहीं, बिहार के एक किसान ने कहा कि 2006 का कानून फिर लागू होना चाहिए. राहुल ने कहा कि भट्टा परसौल की लड़ाई जब मैंने लड़ी तो मेरे ऊपर हमला किया गया था.

बता दें कि कृषि बिल के लोकसभा और फिर राज्यसभा से पास होने के बाद किसानों का रेल रोको आंदोलन 24 सितंबर को शुरू हुआ था. पंजाब और हरियाणा समेत अन्य राज्यों में किसानों का मानना है कि इस कानून से खरीद का पूरा काम कंपनियों के हवाले हो जायेगा और एमएसपी व्यवस्था समाप्त हो जाएगी.
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